आरक्षण खत्म करने की बात तभी, जब जातिवाद पूरी तरह खत्म हो: रामदास अठावले
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सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : श्री अरुण साव* *उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की*
*सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : श्री अरुण साव* *उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की* *संपत्ति कर के भुगतान के लिए निकायों में ऑनलाइन व्यवस्था बनाने के दिए निर्देश, सभी कार्यों और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति अपनाने कहा* *जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश, अगले 50 वर्षों की जरूरत को देखते हुए बनाएं दीर्घकालिक योजना* बिलासपुर. 9 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज राज्य के सभी नगर निगमों तथा जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही जवाबदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाएं बनाने, जनसुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नागरिकों की कल्याणकारी संस्था है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और संचालक श्री नीलेशकुमार क्षीरसागर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के काम तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सक्रियता से काम करें। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों के सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने और संपत्ति कर जमा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में आनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि वे निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा निर्माणाधीन कार्यों की कड़ाई से निरीक्षण करें। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए कार्य-पद्धति विकसित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और अतिक्रमणों का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं का अतिरिक्त भार निकाय पर पड़ता है। उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए। इससे कार्यों की मैदानी हकीकत पता चलने के साथ ही शहर की समस्याओं और लोगों के फीडबैक की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए। श्री साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए शहरों के सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा। भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निकायों के अधिकारी ही शहर की छवि और विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी हैं, इसलिए पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें। *शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि नागरिकों को निकाय की मौजूदगी का अहसास हो : श्री सोनमणि बोरा* नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि नगरीय निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्यो और योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का निर्बाध और सुचारू संचालन भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ़ती जनआकांक्षाओं के अनुरूप निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल करना होगा। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए। उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसका कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों में आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। निगम आयुक्त और सीएमओ शहरी विकास और कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और 'अर्बन फारेस्ट' विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता और सक्रियता से पालन करने को कहा। उन्होंने सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समयबद्ध तरीके से नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों को शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने फर्नीचर, आइटी सुविधाओं, किताबों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। *इन कार्यों की हुई समीक्षा* उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न राज्य प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, निकायों की टीम द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
रेलवे का ₹10,783 करोड़ का मेगा प्लान: 5 राज्यों के 4,790 गांवों को सौगात, माल ढुलाई के साथ पर्यावरण को भी भारी फायदा
रेलवे का ₹10,783 करोड़ का मेगा प्लान: 5 राज्यों के 4,790 गांवों को सौगात, माल ढुलाई के साथ पर्यावरण को भी भारी फायदा देश के पूर्वी और मध्य हिस्से में रेल नेटवर्क की तस्वीर बदलने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट (CCEA) ने 10,783 करोड़ रुपये के बजट से तीन बड़ी रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। यह विस्तार छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के 14 जिलों से होकर गुजरेगा। 2029-30 तक तैयार होने वाली इस योजना की अहम बातें: तीन नए ट्रैक से जुड़ेगा 656 किलोमीटर का नेटवर्क * खड़गपुर – झारसुगुड़ा (बागदेही): चौथी लाइन * कटनी – पेंड्रा रोड: चौथी लाइन * बिलासपुर (उसलापुर) – पेंड्रा रोड: तीसरी लाइन किन क्षेत्रों पर होगा सीधा असर? * 56 लाख ग्रामीणों को सीधी राहत: 14 जिलों के 4,790 गांव सीधे इस रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिससे दूरदराज के इलाकों में रोजगार और आवागमन के नए विकल्प खुलेंगे। * उद्योगों की रीढ़ मजबूत: यह पूरा कॉरिडोर कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात की ढुलाई के लिए लाइफलाइन है। नए ट्रैक बनने से सालाना 27 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी और मालगाड़ियों की लेटलतीफी थमेगी। * प्रमुख तीर्थ और पर्यटन केंद्रों तक आसान पहुंच: * धार्मिक स्थल: अमरकंटक, रतनपुर महामाया मंदिर, ज्वालेश्वर धाम, विराटेश्वर मंदिर, तारातारिणी और झारसुगुड़ा का प्राचीन जगन्नाथ मंदिर। * प्राकृतिक व ऐतिहासिक धरोहर: बांधवगढ़ और अचानकमार टाइगर रिजर्व, मल्हार का पुरातात्विक स्थल तथा खुटाघाट बांध। पर्यावरण के लिहाज से बड़ा बदलाव यह सिर्फ रेल लाइन का विस्तार नहीं, बल्कि कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में भी बड़ा कदम है: | पैमाना | अनुमानित बचत / लाभ | |---|---| | ईंधन आयात में कमी | लगभग 12 करोड़ लीटर कच्चा तेल | | कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) में कटौती | 62 करोड़ किलोग्राम | | पर्यावरणीय प्रभाव | 2.48 करोड़ नए पेड़ लगाने के बराबर प्रभाव | पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार ये तीनों परियोजनाएं न केवल यात्रियों के सफर के समय में कटौती करेंगी, बल्कि देश के लॉजिस्टिक्स खर्च को घटाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देंगी। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
नहरपाली समपार आवश्यक मरम्मत कार्य हेतु बंद रहेगी |*
*नहरपाली समपार आवश्यक मरम्मत कार्य हेतु बंद रहेगी |* *बिलासपुर :- 09 सितम्बर 2026* रेलवे प्रशासन द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के अंतर्गत भूपदेवपुर-राबर्टसन स्टेशनों के मध्य किमी 605/25-606/01 पर स्थित मानव सहित समपार संख्या 301 नहरपाली फाटक को *दिनांक 10 सितम्बर से 12 सितम्बर 2026 तक केवल रात्रि 08 बजे से सुबह 06 बजे तक* आवश्यक मरम्मत कार्य हेतु सड़क यातायात के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। रेल प्रशासन आम जनता को होने वाली असुविधा के लिए खेद प्रकट करता है एवं सहयोग की आशा करता है । अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
अन्नदाताओं की जेब पर डाका डालने वालों पर शिकंजा: खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, दो दुकानों को थमाया कारण बताओ नोटिस!
अन्नदाताओं की जेब पर डाका डालने वालों पर शिकंजा: खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, दो दुकानों को थमाया कारण बताओ नोटिस! बिलासपुर: खरीफ सीजन में जहां किसान खेतों में फसल संवारने के लिए दिन-रात पसीना बहा रहे हैं, वहीं कुछ मुनाफाखोर खाद की कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी कर अन्नदाताओं की मजबूरी का फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं। किसानों के साथ हो रही इस खुली लूट पर लगाम लगाने के लिए बिलासपुर जिले में कृषि विभाग का उड़नदस्ता एक्शन मोड में आ गया है। कृषि विभाग की विशेष टीम ने औचक छापेमारी करते हुए खाद दुकानों की पड़ताल की। इस दौरान तय रकबे से अधिक यूरिया खपाने, स्टॉक रजिस्टर में हेराफेरी और मूल्य सूची (रेट लिस्ट) प्रदर्शित नहीं करने जैसी गंभीर अनियमितताएं पकड़े जाने पर दो बड़े खाद विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। * औचक छापा: बिलासपुर जिले में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग रोकने कृषि विभाग की टीम ने दी दबिश। * तखतपुर में कार्रवाई: तखतपुर विकासखंड के ग्राम डोमनपुर स्थित जायसवाल ट्रेडर्स समेत दो दुकानों में पकड़ी गईं भारी गड़बड़ियां। * नियमों की उड़ाई धज्जियां: निर्धारित रकबे से अधिक यूरिया बेचना, रेट लिस्ट न लगाना और स्टॉक में हेरफेर का हुआ खुलासा। * कड़ा एक्शन: दोनों दुकान संचालकों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस थमाया, लाइसेंस निरस्त करने की लटकी तलवार। तखतपुर के डोमनपुर में दबिश: नियमों को ताक पर रखकर चल रहा था खेल जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग को लंबे समय से गुप्त शिकायतें मिल रही थीं कि निजी खाद विक्रेता निर्धारित गाइडलाइन का उल्लंघन कर यूरिया और अन्य उर्वरकों की जमाखोरी व कालाबाजारी कर रहे हैं। शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग की टीम ने विकासखंड तखतपुर के ग्राम डोमनपुर स्थित जायसवाल ट्रेडर्स पर छापा मारा। जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो दुकान संचालक के होश उड़ गए। पड़ताल के दौरान सामने आया कि दुकानदार द्वारा किसानों को उनके जमीन के निर्धारित रकबे से अधिक मात्रा में यूरिया की बिक्री की जा रही थी, जो सीधे तौर पर कालाबाजारी और अन्यत्र खपाने की आशंका को जन्म देता है। रेट लिस्ट गायब, मनमाने दाम वसूलने का अंदेशा सरकारी नियमों के मुताबिक हर खाद-बीज दुकान के सामने बड़े अक्षरों में रासायनिक खादों का मूल्य, उपलब्ध स्टॉक और प्रकार प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि किसानों को तय सरकारी दर पर ही खाद मिल सके। लेकिन जांच टीम को दुकान पर न तो कोई रेट लिस्ट चस्पा मिली और न ही स्टॉक का सही ब्योरा उपलब्ध कराया गया। पारदर्शी व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने और मनमानी कीमत वसूलने की संभावनाओं को देखते हुए अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया और तत्काल पंचनामा तैयार कर दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस थमा दिया। प्रशासन का साफ संदेश: किसानों से लूट बर्दाश्त नहीं, रद्द होंगे लाइसेंस कृषि विभाग के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में किसी भी हाल में उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद विक्रय लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत एफआईआर दर्ज कराने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और सीधे सरकारी दर पर खाद उपलब्ध हो सके। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
सिस्टम की संवेदनहीनता पर CM हेल्पलाइन का 'हंटर': मां के इलाज के लिए अस्पताल में भटकता रहा बेटा, फिर एक कॉल ने उड़ाए अफसरों के होश!
सिस्टम की संवेदनहीनता पर CM हेल्पलाइन का 'हंटर': मां के इलाज के लिए अस्पताल में भटकता रहा बेटा, फिर एक कॉल ने उड़ाए अफसरों के होश! रायपुर/बिलासपुर: सरकारी अस्पतालों की दहलीज पर जब एक बेबस बेटा अपनी बीमार मां के इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाए, तो स्वास्थ्य तंत्र के दावों की कलई खुल जाती है। लेकिन इस बार सिस्टम की लापरवाही पर प्रशासन का ऐसा चाबुक चला कि चंद मिनटों में सारा अमला अलर्ट मोड पर आ गया। अस्पताल में मां के इलाज को लेकर परेशान तीमारदार ने जब सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) पर गुहार लगाई, तो रायपुर से लेकर स्थानीय अस्पताल तक हड़कंप मच गया। जो स्वास्थ्यकर्मी कुछ देर पहले तक नजरअंदाज कर रहे थे, वे ही आनन-फानन में मरीज की तीमारदारी में जुट गए। खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights): * अस्पताल में बेबसी: मां के गंभीर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तीमारदार को व्यवस्था और कर्मचारियों की अनदेखी का सामना करना पड़ा। * हेल्पलाइन बना सहारा: घंटों की जद्दोजहद और बेरुखी के बाद पीड़ित बेटे ने सीधे मुख्यमंत्री जनशिकायत हेल्पलाइन पर कॉल कर दिया। * मिनटों में एक्शन: रायपुर से सीधा मैसेज फ्लैश होते ही अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूले, दौड़ते-भागते वार्ड पहुंचे डॉक्टर और ड्यूटी स्टाफ। * संवेदनशीलता की मिसाल: शिकायत दर्ज होते ही मरीज को तत्काल अटेंड कर बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई। जब कतारों और सिफारिशों से थककर मिला हेल्पलाइन का संबल अस्पताल में आमतौर पर आम आदमी का सामना अव्यवस्था, डॉक्टरों की गैरमौजूदगी या कर्मचारियों की टरकाने वाली आदत से होता है। अपनी बीमार मां की बिगड़ती हालत देख बेटा काफी देर तक स्वास्थ्यकर्मियों से गुहार लगाता रहा, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने सरकार के उस भरोसेमंद हथियार का इस्तेमाल किया, जिसे अक्सर अनदेखा समझा जाता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के नंबर पर रिंग होते ही पूरा मामला दर्ज हुआ। हेल्पलाइन ऑपरेटरों ने मामले को 'अति-संवेदनशील और आपातकालीन' श्रेणी में डालते हुए सीधे उच्चाधिकारियों और संबंधित जिला स्वास्थ्य अमले को अलर्ट भेज दिया। उड़े अफसरों के होश, दौड़ पड़े डॉक्टर जैसे ही राजधानी के कंट्रोल रूम से संबंधित अस्पताल प्रबंधन के पास कॉल और मैसेज पहुंचे, पूरा प्रशासनिक ढांचा हिल गया। जो स्टाफ कुछ देर पहले तक मरीज की ओर देखने को तैयार नहीं था, वह खुद मरीज की चारपाई तक दौड़ता हुआ पहुंचा। आनन-फानन में सीनियर डॉक्टरों की निगरानी में मां का इलाज शुरू हुआ, आवश्यक दवाएं और जांच तुरंत सुनिश्चित की गईं। सवाल बड़ा: क्या हर मरीज को मुख्यमंत्री से ही लगानी पड़ेगी गुहार? इस त्वरित समाधान ने एक तरफ जहां सीएम हेल्पलाइन और सरकार की मॉनिटरिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता पर मुहर लगाई है, वहीं सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली पर एक तीखा सवाल भी खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि आखिर आम आदमी को उसका बुनियादी हक यानी समय पर इलाज पाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय तक दस्तक क्यों देनी पड़ती है? क्या निचले स्तर पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी और जिम्मेदार अफसर अपनी ड्यूटी केवल किसी बड़े डंडे के डर से ही पूरी करेंगे? फिलहाल, बेटे ने तत्परता से मिले इलाज के लिए प्रशासन और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का आभार जताया है, लेकिन यह मामला उन लापरवाह कर्मियों के लिए एक सख्त चेतावनी बनकर सामने आया है जो सरकारी अस्पतालों में गरीब और असहाय मरीजों को नजरअंदाज करने की भूल करते हैं। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
*महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने किया दुर्ग-गोंदिया-नागपुर रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग संरक्षा निरीक्षण*
*महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने किया दुर्ग-गोंदिया-नागपुर रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग संरक्षा निरीक्षण* *महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने किया दुर्ग-गोंदिया–नागपुर रेलखंड का सघन संरक्षा निरीक्षण, गोंदिया स्टेशन का भी लिया जायजा* *दपूमरे, नागपुर मंडल - 08 सितंबर 2026* दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने आज दिनांक 08 सितंबर 2026 दुर्ग-गोंदिया–नागपुर रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग के माध्यम से विस्तृत संरक्षा निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य रेल परिचालन में संरक्षा मानकों की समीक्षा करने के साथ-साथ रेलखंड, स्टेशन एवं यात्री सुविधाओं की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेना रहा। महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश द्वारा दुर्ग से गाड़ी संख्या 22619 तिरुनेलवेली सुपर फास्ट एक्सप्रेस से विंडो ट्रेलिंग निरिक्षण करते हुए दोपहर 12:43 बजे गोंदिया स्टेशन पहुंचे। इस दौरान नागपुर मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता सहित नागपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गोंदिया पहुंचने पर स्थानीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात महाप्रबंधक ने गोंदिया स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन की परिचालन व्यवस्था, प्लेटफॉर्म, यात्री सुविधाओं, स्वच्छता, यात्री आवागमन तथा संरक्षा से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। महाप्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए यात्रियों की सुविधा एवं संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश गाड़ी संख्या 12106 विदर्भ एक्सप्रेस से गोंदिया से नागपुर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान उन्होंने गोंदिया–नागपुर रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग के माध्यम से संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान रेल पथ, ट्रैक के आसपास की स्थिति, पुलों, समपारों तथा अन्य महत्वपूर्ण रेल परिसंपत्तियों एवं परिचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का अवलोकन किया गया। महाप्रबंधक ने रेलखंड की स्थिति एवं संरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान नागपुर मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता ने महाप्रबंधक को मंडल में संरक्षा एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी। गोंदिया स्टेशन पर महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने रेल परामर्शदात्री सहयोग समिति के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर चर्चा की। समिति के प्रतिनिधियों ने गोंदिया एवं आसपास के क्षेत्रों से संबंधित यात्री सुविधाओं, रेल सेवाओं तथा यात्रियों की आवश्यकताओं से जुड़े विभिन्न विषय एवं सुझाव एवं मांग पत्र महाप्रबंधक के समक्ष रखे। महाप्रबंधक ने प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई एवं विभिन्न मांगों की संभावनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए इसके साथ ही स्थानीय पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति सराहनीय रही । महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के इस निरीक्षण के दौरान संरक्षा, यात्री सुविधा एवं परिचालन दक्षता पर विशेष जोर रहा। विंडो ट्रेलिंग के माध्यम से दुर्ग-गोंदिया–नागपुर रेलखंड की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया गया। यह निरीक्षण रेल परिचालन को और अधिक सुरक्षित एवं सुचारु बनाने तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
मरवाही के जंगलों से निकलकर खेतों में गजराज का तांडव: कई एकड़ फसलें रौंदीं, ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ी; दहशत में वन परिक्षेत्र
मरवाही के जंगलों से निकलकर खेतों में गजराज का तांडव: कई एकड़ फसलें रौंदीं, ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ी; दहशत में वन परिक्षेत्र ग्राउंड रिपोर्ट, मरवाही: मरवाही वन परिक्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों के दल ने भारी तबाही मचाई है। जंगलों से भटककर रिहायशी और कृषि इलाकों में घुसे हाथियों ने किसानों की लहलहाती फसलों को बेरहमी से रौंदकर जमींदोज कर दिया। रातों-रात मेहनत पर फिरे पानी और हाथियों के लगातार मंडराते खतरे के चलते पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है। मेहनत पर पलभर में फिरा पानी, भारी तबाही का मंजर स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, देर रात हाथियों का दल खेतों में दाखिल हुआ और देखते ही देखते कई एकड़ में लगी फसलों को पैरों तले कुचल डाला। सुबह जब किसान खेतों की ओर पहुंचे, तो वहां चारों तरफ बर्बादी का आलम था। कर्ज लेकर खून-पसीने से सींची गई फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने अब रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रतजगा करने को मजबूर ग्रामीण, जान-माल पर खतरा हाथियों की आमद से सीमावर्ती गांवों में दहशत का ऐसा आलम है कि लोग रातभर सो नहीं पा रहे हैं। ग्रामीण मशालें जलाकर और टीन के डिब्बे पीटकर हाथियों को आबादी की ओर बढ़ने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का रुख लगातार रिहायशी बस्तियों की ओर हो रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है। वन विभाग की निगरानी पर सवाल, मुआवजे की गुहार हाथियों के लगातार हो रहे हमलों ने वन विभाग के मॉनिटरिंग सिस्टम और अलर्ट तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। आक्रोशित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को तुरंत घने जंगलों की ओर खदेड़ने के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इसके साथ ही प्रभावित किसानों के खेतों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए, ताकि उन्हें इस दोहरी मार से राहत मिल सके। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
गणेशोत्सव में भक्ति और उल्लास के साथ सुरक्षा सर्वोपरि: सीपत थाने में शांति समिति की बैठक, DJ पर पूर्ण प्रतिबंध और नियमों के पालन की सख्त हिदायत
गणेशोत्सव में भक्ति और उल्लास के साथ सुरक्षा सर्वोपरि: सीपत थाने में शांति समिति की बैठक, DJ पर पूर्ण प्रतिबंध और नियमों के पालन की सख्त हिदायत सीपत (बिलासपुर)। आगामी गणेश उत्सव को शांति, सौहार्द्र और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से थाना सीपत परिसर में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारी, ग्राम पंचायतों के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आस्था और उत्सव का पर्व बिना किसी अप्रिय घटना के तभी संभव है जब सभी समितियां शासन और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करेंगी। प्रशासन द्वारा समितियों को जारी किए गए प्रमुख दिशा-निर्देश: * शांति व सौहार्द्र प्राथमिकता: पूरा पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मनाया जाए, जिससे सामाजिक ताना-बाना मजबूत बना रहे। * यातायात में न हो बाधा: पंडाल मुख्य सड़कों या मार्गों पर न बनाए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि आवागमन पूरी तरह सुचारू रहे और राहगीरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। * वैध व सुरक्षित विद्युत कनेक्शन: पंडालों में बिजली का कनेक्शन अनिवार्य रूप से वैध माध्यम से ही लें। शॉर्ट सर्किट या करंट से होने वाले हादसों से बचाव के लिए वायरिंग की समुचित जांच पहले ही पूरी कर लें। * DJ पर पूर्ण रोक, ध्वनि सीमा का पालन: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित डेसिबल और तय समय-सीमा के भीतर ही सामान्य साउंड सिस्टम बजाने की अनुमति होगी। डीजे बजाने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। * स्वच्छ छवि वाले वॉलंटियर्स की तैनाती: भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समितियां केवल ऐसे सदस्यों को वॉलंटियर बनाएं जिनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि न हो। * नशे पर कड़ा रुख: नशे के आदी व्यक्तियों को समिति में शामिल करने या वॉलंटियर बनाने की सख्त मनाही है। * अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट से दूरी: सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक, भड़काऊ संदेश अथवा भ्रामक अफवाहों को न तो साझा किया जाए और न ही बढ़ावा दिया जाए। * CCTV और सुरक्षा इंतजाम: सुरक्षा के दृष्टिकोण से पंडालों में आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। पंडाल या उसके आसपास किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री रखने पर रोक रहेगी। * महिला व बाल सुरक्षा: उत्सव के दौरान पंडालों में दर्शन के लिए आने वाली महिलाओं और बच्चों की सुविधा, गरिमा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। * विसर्जन और शोभायात्रा के नियम: विसर्जन झांकी या शोभायात्रा के दौरान नशे में धुत्त व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। जुलूस में किसी भी प्रकार के धारदार हथियार या प्रतिबंधित वस्तु लेकर चलने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में सभी समितियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे निर्धारित नियमों का पूर्णतः पालन करते हुए सीपत क्षेत्र में गणेशोत्सव को भव्य, अनुशासित और सुरक्षित रूप से मनाएंगे। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
थाली में स्वाद के साथ सेहत की गारंटी: SECR का बड़ा एक्शन, 400 से ज्यादा ट्रेनों, स्टेशनों और बेस किचन की रसोई में पहुंची जांच टीम
थाली में स्वाद के साथ सेहत की गारंटी: SECR का बड़ा एक्शन, 400 से ज्यादा ट्रेनों, स्टेशनों और बेस किचन की रसोई में पहुंची जांच टीम बिलासपुर। ट्रेन के सफर में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और उसकी शुद्धता को लेकर अक्सर उठने वाले सवालों पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने कड़ा रुख अपनाया है। यात्रियों को घर जैसा साफ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिले, इस संकल्प के साथ रेलवे प्रशासन ने बिलासपुर, रायपुर और नागपुर—तीनों रेल मंडलों में 15 दिनों का एक धुआंधार ‘खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता महा-अभियान’ चलाकर रेलवे की पूरी खानपान व्यवस्था को कस दिया है। 21 अगस्त से 4 सितंबर: रसोई से लेकर चलती ट्रेनों तक ताबड़तोड़ मुआयना मुख्यालय और मंडल स्तर के आला अधिकारियों की सीधी निगरानी में चले इस अभियान के तहत जांच टीमों ने कहीं भी ढिलाई नहीं बरती। आंकड़े बताते हैं कि कार्रवाई कितनी व्यापक थी: * 311 स्टेशन खानपान इकाइयां: स्टेशनों पर सजे स्टॉल्स, रिफ्रेशमेंट रूम्स और कैंटीनों की बारीकी से जांच हुई। * 77 चलती ट्रेनों की पेंट्री कार: रफ्तार भरती ट्रेनों में सीधे ऑन-बोर्ड जाकर खाना पकाने के तौर-तरीकों का जायजा लिया गया। * 14 बेस किचन: जहां हजारों यात्रियों के लिए एक साथ खाना तैयार होता है, उन सभी प्रमुख बेस किचनों की स्वच्छता और भंडारण प्रणाली की गहन पड़ताल की गई। FSSAI के मानकों पर हुई कड़ी परख: केवल खाना नहीं, हाइजीन भी जरूरी जांच का मुख्य फोकस भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और रेलवे के कड़े दिशा-निर्देशों पर रहा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से इन बिंदुओं को परखा: * भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्री की ताजगी और उसकी शेल्फ-लाइफ। * खाना पकाने वाले शेफ और वेंडर्स की व्यक्तिगत स्वच्छता—दस्ताने (ग्लोव्स), एप्रन और सिर पर कैप का अनिवार्य उपयोग। * पेंट्री और किचनों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा कचरे का वैज्ञानिक व तुरंत निस्तारण। * बर्तनों और खाना परोसने वाले काउंटरों की नियमित सैनिटाइजेशन प्रक्रिया। वेंडरों को अल्टीमेटम: 'यात्री की सेहत से समझौता बर्दाश्त नहीं' अधिकारियों ने केवल जांच ही नहीं की, बल्कि खानपान से जुड़े कर्मचारियों और वेंडर्स को सीधे तौर पर संवेदनशील भी बनाया। उन्हें स्पष्ट हिदायत दी गई कि मुनाफा कमाने की होड़ में गुणवत्ता और साफ-सफाई से रत्ती भर भी समझौता नहीं होना चाहिए। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। रेलवे प्रशासन का साफ संदेश है कि यह अभियान महज 15 दिनों की औपचारिकता नहीं था, बल्कि यात्रियों के विश्वास को मजबूत करने की एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, ताकि सफर के दौरान मुसाफिर बेफिक्र होकर लजीज और सेहतमंद खानपान का आनंद ले सकें। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
मौत के मुंह से खींच लाई डॉक्टरों की टीम: महिला के पेट से निकला 8 किलो का ‘फुटबॉल जैसा’ ट्यूमर; रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में बची जान
मौत के मुंह से खींच लाई डॉक्टरों की टीम: महिला के पेट से निकला 8 किलो का ‘फुटबॉल जैसा’ ट्यूमर; रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में बची जान रायगढ़। रायगढ़ के लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय मेडिकल कॉलेज व संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास चिकित्सालय के चिकित्सकों ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा कमाल कर दिखाया है। एक 46 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 8 किलोग्राम वजनी और करीब 24 सेमी चौड़ा विशालकाय ट्यूमर (फाइब्रॉएड) सफलतापूर्वक बाहर निकालकर डॉक्टरों ने उसे नया जीवन दिया है। यह ट्यूमर आकार में किसी बड़े फुटबॉल जैसा था और महिला की आंतों तथा मूत्रवाहिनी से बेहद खतरनाक तरीके से चिपका हुआ था। असहनीय दर्द, 7.5 हीमोग्लोबिन और गिरने लगा था बीपी झलमला निवासी 46 वर्षीय चंपा यादव पिछले एक महीने से पेट में भीषण दर्द, असामान्य सूजन और लगातार उल्टी की समस्या से तड़प रही थीं। 22 अगस्त को जब उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, तब उनका ब्लड प्रेशर 84/54 तक गिर चुका था और शरीर में हीमोग्लोबिन घटकर केवल 7.5 ग्राम रह गया था। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड में जो तस्वीर सामने आई, उसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। पेट के भीतर भारी-भरकम गांठ ने गर्भाशय को अपनी जगह से खिसका दिया था, बायीं मूत्रवाहिनी दब चुकी थी और इसका सीधा असर किडनी और लिवर पर पड़ने लगा था। महिला की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने पहले कई यूनिट खून चढ़ाकर और दवाइयां देकर उनके अंगों के फंक्शन को सामान्य किया। हाई-रिस्क सर्जरी: आंतों से चिपका था ट्यूमर, एक चूक पड़ सकती थी भारी मरीज के स्थिर होने के बाद 1 सितंबर को हाई-रिस्क सर्जरी (एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी) का फैसला लिया गया। ऑपरेशन थिएटर में चुनौती यह थी कि ट्यूमर आंतों से गहराई तक उलझा हुआ था। जरा-सी चूक से आंतें या मूत्रवाहिनियां कट सकती थीं। ऐसे नाजुक मोड़ पर प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, निश्चेतना (एनेस्थीसिया) और जनरल सर्जरी यूनिट के डॉक्टरों ने संयुक्त मोर्चा संभाला। सर्जिकल टीम ने अद्भुत सूझबूझ का परिचय देते हुए मूत्रवाहिनियों और आंतों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित अलग किया और गर्भाशय सहित पूरे 8 किलो के ट्यूमर को काटकर बाहर निकाल लिया। अब खतरे से बाहर हैं चंपा, डॉक्टरों की टीम वर्क की हो रही सराहना सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को रिकवरी रूम में रखा गया है, जहां उनकी हालत पूरी तरह स्थिर है और वे तेजी से स्वस्थ हो रही हैं। यह ऐतिहासिक उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार और अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गाशंकर पटेल के मार्गदर्शन में हासिल हुई। जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में: * प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग: विभागाध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र महिलांगे, डॉ. कुंती चौधरी, डॉ. अनीस भगत * सर्जरी विभाग: डॉ. निखिलेश शिंदे * निश्चेतना विभाग: विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह सिदार एवं नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ शामिल रहे। विपरित परिस्थितियों में तीन विभागों के डॉक्टरों के सटीक तालमेल और कौशल ने न केवल एक गरीब परिवार की उम्मीदों को बचाया, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आम जनता के भरोसे को भी और मजबूत किया है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
आंसुओं से भीगी आंखें और भक्ति का ज्वार: जगदलपुर में सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, परीक्षित मोक्ष के साथ कथा का समापन; 'जीरो वेस्ट' बना मिसाल
आंसुओं से भीगी आंखें और भक्ति का ज्वार: जगदलपुर में सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, परीक्षित मोक्ष के साथ कथा का समापन; 'जीरो वेस्ट' बना मिसाल जगदलपुर। धरमपुरा स्थित एलआईसी रोड के सौंडिक भवन में गूंजती भागवत की पावन चौपाइयों और भजनों के बीच सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सातवां दिन आध्यात्मिक पराकाष्ठा का साक्षी बना। सोमवार को जब कथा व्यास श्री अनादि जी महाराज के मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम सखा सुदामा के मिलन का प्रसंग शुरू हुआ, तो पांडाल में उपस्थित हर श्रद्धालु की आंखें छलक पड़ीं। कथा के अंतिम चरण में सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित मोक्ष और श्री शुकदेव विदाई जैसे मर्मस्पर्शी प्रसंगों ने पूरे वातावरण को भक्ति और वैराग्य के रंग में रंग दिया। सखा भाव और निष्काम भक्ति: जब सुदामा के चरण पखारने दौड़े द्वारकाधीश कथा व्यास श्री अनादि जी महाराज ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान कभी धन, वैभव या रुतबा नहीं देखते, वे केवल निष्कपट प्रेम और समर्पण के भूखे होते हैं। जब फटेहाल सुदामा द्वारका पहुंचे, तो परमात्मा ने मर्यादा और राज-पाठ भूलकर नंगे पांव दौड़ते हुए अपने सखा को गले लगाया और आंसुओं से उनके चरण धोए। इसके साथ ही राजा परीक्षित के मोक्ष के प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संसार नश्वर है, और इस जीवन का अंतिम लक्ष्य केवल और केवल परमात्मा के चरणों में निष्काम भक्ति ही है। इसके साथ ही सात दिवसीय कथा-वाचन का विधिवत समापन हुआ। आस्था के साथ प्रकृति की रक्षा: 'जीरो वेस्ट' कथा बनी सामाजिक नजीर इस भव्य धार्मिक आयोजन की सबसे अनूठी और प्रेरणादायी बात इसका पर्यावरण-हितैषी स्वरूप रहा। आयोजकों ने पूरे पांडाल और व्यवस्था को 'जीरो वेस्ट' (Zero Waste) की थीम पर संचालित किया। सिंगल यूज प्लास्टिक या डिस्पोजल का पूर्ण बहिष्कार कर समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि धर्म और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। कल सजेगा महाभंडारा: 9 बजे पूर्णाहुति, दोपहर 1 बजे से बंटेगा महाप्रसाद सप्तम दिवस की कथा के उपरांत सौंडिक समाज द्वारा सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की सुचारू व्यवस्था की गई। श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति, धरमपुरा ने जानकारी दी है कि: * 08 सितंबर (मंगलवार) को प्रातः 9:00 बजे: हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति का कार्यक्रम संपन्न होगा। * दोपहर 1:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक: सौंडिक भवन में भव्य भंडारा एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से सपरिवार पहुंचकर पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
भूख हड़ताल के 7 दिन, फिर भी गूंगा बना रहा सिस्टम: अरपा पार पृथक नगर निगम के लिए अमित तिवारी का अनशन खत्म, पर आंदोलन की आग बाकी
भूख हड़ताल के 7 दिन, फिर भी गूंगा बना रहा सिस्टम: अरपा पार पृथक नगर निगम के लिए अमित तिवारी का अनशन खत्म, पर आंदोलन की आग बाकी बिलासपुर। एक तरफ बिलासपुर को न्यायधानी और स्मार्ट सिटी का तमगा दिया जाता है, तो दूसरी तरफ उसी शहर के बीच से बहने वाली अरपा नदी के पार बसी विशाल आबादी बुनियादी हकों और सुशासन के लिए कराह रही है। 'अरपा पार पृथक नगर निगम' की जायज मांग को लेकर नागरिक सुरक्षा मंच के संस्थापक अमित तिवारी पिछले सात दिनों से अन्न-जल त्यागकर आमरण अनशन पर बैठे थे। सात दिन तक एक नागरिक अपनी जान दांव पर लगाए रहा, लेकिन सत्ता के गलियारों और एयरकंडीशंड दफ्तरों में बैठे हुक्मरानों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। सोमवार को सातवें दिन कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव ने अनशन स्थल पहुंचकर अमित तिवारी को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया, लेकिन इसके साथ ही प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जनआक्रोश और गहरा गया है। सात दिन तक मौत से जंग, पर प्रशासनिक संवेदना शून्य अरपा पार क्षेत्र की लाखों की आबादी लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रही है। साफ-सफाई, सुचारू सड़कें, ड्रेनेज और त्वरित नागरिक सुविधाओं के अभाव ने इस इलाके को केवल वोट बैंक बनाकर छोड़ दिया है। इसी बदहाली के खिलाफ अमित तिवारी ने मोर्चा खोला था। हैरत की बात यह है कि 168 घंटे तक चले इस सत्याग्रह के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार नुमाइंदा सुध लेने तक नहीं पहुंचा। न कोई ठोस आश्वासन, न कोई संवाद। यह खामोशी साफ बताती है कि आम जनता की बुनियादी तकलीफें सिस्टम की प्राथमिकताओं में कहीं दर्ज ही नहीं हैं। जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर तीखे सवाल: चुनाव में वादे, आंदोलन में सन्नाटा? अनशन समाप्त होने के दौरान क्षेत्रवासियों और मंच के कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भारी आक्रोश दिखा कि जिन जनप्रतिनिधियों को अरपा पार की जनता ने सिर-आंखों पर बिठाकर विधानसभा और स्थानीय निकायों तक पहुंचाया, वे इस पूरे संघर्ष के दौरान नदारद रहे। * आखिर क्यों जनता के बुनियादी ढांचे की मांग को लेकर एक नागरिक को सात दिन तक भूख से तड़पना पड़ा? * क्या जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सिर्फ चुनाव के समय हाथ जोड़ने तक सीमित है? * जब क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण का सवाल उठा, तो सत्ता और विपक्ष के स्थानीय दिग्गज खामोश क्यों रहे? अनशन थमा है, हुंकार नहीं: लड़ाई अब सीधे सड़कों पर होगी जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराने पहुंचे कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव ने आंदोलनकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि अरपा पार के व्यवस्थित विकास और भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए पृथक नगर निगम का गठन बेहद जरूरी है। मंच के पदाधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि अमित तिवारी का अनशन जरूर समाप्त हुआ है, लेकिन पृथक नगर निगम की मांग न तो दबी है और न ही खत्म हुई है। इस अवसर पर अटल श्रीवास्तव के साथ आशीष सिंह, राजेश शुक्ला, देवेंद्र मिश्रा, रमेश सोनकर, मनोज शर्मा, जुहूर अली, ऋषि गौतम, राजेंद्र गौतम, अरविन्द शुक्ला, सिद्धार्थ तिवारी, विकास सिंह सहित नागरिक सुरक्षा मंच के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे। क्षेत्रवासियों का साफ कहना है कि अगर शासन ने जल्द ही अरपा पार के प्रशासनिक पुनर्गठन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह चिंगारी आने वाले दिनों में एक बड़े जनांदोलन का रूप लेगी। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी