बिलासपुर के कोनी आईटीआई में रिक्त सीटों पर दाखिले का आखिरी मौका: महिला और सामान्य आईटीआई के लिए 5 सितंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
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रायगढ़ DEO दफ्तर में शासन के आदेश बेअसर! सहायक ग्रेड-02 का हाटी तबादला, फिर भी मूल कुर्सी पर मेहरबानी क्यों?
रायगढ़ DEO दफ्तर में शासन के आदेश बेअसर! सहायक ग्रेड-02 का हाटी तबादला, फिर भी मूल कुर्सी पर मेहरबानी क्यों? 6 अगस्त को जारी हुआ था प्रशासनिक स्थानांतरण आदेश; हफ्तों बीतने के बाद भी नहीं किया गया कार्यमुक्त, कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल। रायगढ़: छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक आदेशों का जिला स्तर पर किस कदर मखौल उड़ाया जा रहा है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण रायगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में सामने आया है। मंत्रालय से तबादला आदेश जारी होने के हफ्तों बीत जाने के बाद भी एक सहायक ग्रेड-02 कर्मचारी को नवीन पदस्थापना के लिए कार्यमुक्त (रिलीव) नहीं किया गया है। इस मनमानी से पूरे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता सवालों के घेरे में आ गई है। आदेश में क्या है स्पष्ट? * कर्मचारी: हरिशंकर बरेठ, सहायक ग्रेड-02 (DEO कार्यालय, रायगढ़) * नवीन पदस्थापना: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हाटी (जिला रायगढ़) * आदेश क्रमांक व दिनांक: ESTB-102/756/2026/20-3, दिनांक 06/08/2026 * स्थानांतरण का आधार: प्रशासनिक एवं 'तत्काल प्रभाव' से लागू दफ्तर में चर्चा—किस 'आशीर्वाद' से थमी रवानगी? विभागीय सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय से 'तत्काल प्रभाव' से कार्यभार ग्रहण करने का आदेश होने के बावजूद कर्मचारी अब भी जिला शिक्षा कार्यालय में ही मजे से अपनी कुर्सी संभाले हुए हैं। आम तौर पर प्रशासनिक तबादले के बाद कर्मचारियों को 24 से 48 घंटे में रिलीव कर दिया जाता है, लेकिन इस मामले में दिखाई जा रही मेहरबानी विभाग के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। सीधे 3 सवाल, जिनका जवाब चाहता है सिस्टम: * जब शासन का आदेश 'तत्काल प्रभाव' से लागू था, तो कर्मचारी को अब तक हाटी स्कूल के लिए रिलीव क्यों नहीं किया गया? * क्या शासन की ओर से कोई स्थगन (Stay) या संशोधन आदेश आया है? यदि आया है, तो उसे पटल पर क्यों नहीं रखा जा रहा? * क्या जिला शिक्षा कार्यालय के पास मंत्रालय (शासन) के आदेश को दरकिनार या ठंडे बस्ते में डालने का अधिकार है? पारदर्शिता पर सवाल यदि संबंधित कर्मचारी को मूल कार्यालय में ही बनाए रखने का कोई विधिवत व सक्षम आदेश नहीं है, तो फिर शासन के आदेश की अनदेखी का जिम्मेदार कौन है? अब देखना यह है कि रायगढ़ जिला शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या सफाई देता है और शासन के आदेश का पालन कब तक सुनिश्चित कराता है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
सीवीओ, एसईसीएल श्री हिमांशु जैन ने डीएफसीसीआईएल, कोलकाता में लोक खरीद एवं सतर्कता पर दिया विशेष व्याख्यान
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ सीवीओ, एसईसीएल श्री हिमांशु जैन ने डीएफसीसीआईएल, कोलकाता में लोक खरीद एवं सतर्कता पर दिया विशेष व्याख्यान एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (Chief Vigilance Officer) श्री हिमांशु जैन ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल), कोलकाता द्वारा आयोजित 03 माह के निवारक सतर्कता अभियान के अंतर्गत "लोक खरीद (Public Procurement)" एवं "वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सतर्कता" विषय पर प्रशिक्षण-सह-परस्पर संवाद सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर श्री जैन ने अपने समृद्ध प्रशासनिक अनुभव एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण के आधार पर लोक खरीद प्रणाली में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता एवं जवाबदेही के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन के प्रभावी एवं उत्तरदायी उपयोग के लिए यह आवश्यक है कि खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में सतर्कता संबंधी प्रावधानों एवं नैतिक मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) केवल अनियमितताओं की रोकथाम का माध्यम नहीं, बल्कि संस्थागत सुशासन एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक संस्कृति को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी साधन है। अपने व्याख्यान में श्री जैन ने लोक खरीद प्रक्रिया के विभिन्न चरणों—आवश्यकता निर्धारण (Need Assessment), विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) की तैयारी, निविदा आमंत्रण, बोली मूल्यांकन, अनुबंध प्रदान करना, कार्य निष्पादन तथा भुगतान—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रत्येक चरण में संभावित जोखिमों की पहचान करते हुए उनके प्रभावी प्रबंधन के उपायों पर चर्चा की। साथ ही, विभिन्न केस स्टडी एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व तथा प्रोबिटी (Probity) के सिद्धांतों के अनुपालन की आवश्यकता को स्पष्ट किया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों के साथ व्यापक संवाद भी हुआ, जिसमें खरीद प्रक्रिया से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं, चुनौतियों एवं उनके समाधान पर सार्थक चर्चा की गई। कार्यक्रम में डीएफसीसीआईएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त एसईसीएल के विभिन्न निविदा-संबंधित विभागों के अधिकारी, विशेषकर युवा कार्यपालक, एसईसीएल मुख्यालय तथा एमडीआई, बिलासपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इस संवाद ने विभिन्न संगठनों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) को साझा करने तथा लोक खरीद प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। यह कार्यक्रम निवारक सतर्कता, क्षमता निर्माण, सुशासन एवं सत्यनिष्ठा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में एसईसीएल एवं डीएफसीसीआईएल की साझा प्रतिबद्धता का परिचायक है। साथ ही, इस पहल से सार्वजनिक खरीद प्रणाली में जोखिम न्यूनीकरण, संस्थागत दक्षता, पारदर्शिता एवं जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की अपेक्षा है। हमर प्रदेश सी जी
भाजयुमो बिलासपुर ग्रामीण की नई टीम घोषित: ऋषभ चतुर्वेदी ने मंडल प्रभारियों व सहप्रभारियों को सौंपी जिम्मेदारी, देखें पूरी सूची
भाजयुमो बिलासपुर ग्रामीण की नई टीम घोषित: ऋषभ चतुर्वेदी ने मंडल प्रभारियों व सहप्रभारियों को सौंपी जिम्मेदारी, देखें पूरी सूची बिलासपुर। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय, मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) बिलासपुर ग्रामीण ने अपने मंडल प्रभारियों और सहप्रभारियों की अधिकृत सूची जारी कर दी है। जिलाध्यक्ष ऋषभ चतुर्वेदी ने शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहमति के बाद विभिन्न मंडलों में युवा नेताओं को नई संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह नियुक्ति भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय के मार्गदर्शन, संभाग व जिला प्रभारियों के निर्देशानुसार तथा भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष शैलेष पांडेय के अनुमोदन, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा व भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल की सहमति से की गई है। विधानसभावार मंडल प्रभारियों व सहप्रभारियों की सूची: 1. कोटा विधानसभा * करगीकला मंडल: सूरज साहू (प्रभारी), देवकीनंदन साहू (सहप्रभारी) * बेलगहना मंडल: अमन अग्रहरी (प्रभारी), संजय यादव (सहप्रभारी) * कोटा मंडल: ज्ञानेन्द्र कश्यप (प्रभारी), हर्ष पटेल (सहप्रभारी) * रतनपुर मंडल: टीका साहू (प्रभारी), यशा गोरहा (सहप्रभारी) 2. मस्तूरी विधानसभा * सीपत मंडल: तुषार चंद्राकर (प्रभारी), निलेश पाण्डेय (सहप्रभारी) * जयरामनगर मंडल: सागर वर्मा (प्रभारी), महेंद्र पाटनवार (सहप्रभारी) * देवरीखुर्द मंडल: भास्कर पटेल (प्रभारी), उदित सिंह (सहप्रभारी) * मस्तूरी मंडल: जयशंकर साहू (प्रभारी), अवधेश प्रसाद (सहप्रभारी) * मल्हार मंडल: नरेन्द्र नायक (प्रभारी), दिनेश तिवारी एवं खिलावन श्रीवास (सहप्रभारी) * सोनलोहर्सी मंडल: अंकित मिश्रा (प्रभारी), आशीष अवस्थी (सहप्रभारी) 3. बेलतरा विधानसभा * बेलतरा उत्तर मंडल: बृजेश शर्मा (प्रभारी), अभिषेक साव (सहप्रभारी) * बेलतरा पश्चिम मंडल: अंकुर सिंह (प्रभारी), प्रवीण सोनकर (सहप्रभारी) * बेलतरा दक्षिण मंडल: अनीश धीवर (प्रभारी), रितेश कलवानी (सहप्रभारी) * बेलतरा पूर्व मंडल: ललित यादव (प्रभारी), विवेक यादव (सहप्रभारी) बूथ स्तर तक युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए भाजयुमो जिलाध्यक्ष ऋषभ चतुर्वेदी ने कहा कि युवा मोर्चा संगठन की रीढ़ है। नई नियुक्तियों से मंडल स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और युवा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी प्रभारी व सहप्रभारी संगठन की रीति-नीति और कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक ले जाकर युवाओं को राष्ट्रसेवा व जनसेवा के कार्यों से मजबूती से जोड़ेंगे। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने बिलासपुर स्टेशन पर चल रहे मेजर स्टेशन रिडेवलपमेंट एवं पुनर्विकास कार्यों का किया निरीक्षण
*महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने बिलासपुर स्टेशन पर चल रहे मेजर स्टेशन रिडेवलपमेंट एवं पुनर्विकास कार्यों का किया निरीक्षण *निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर उच्च गुणवत्ता, यात्री सुविधा एवं संरक्षा को प्राथमिकता देने के दिए दिशा-निर्देश ।* बिलासपुर - 02 सितम्बर 2026 श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आज 02 सितम्बर 2026 को बिलासपुर स्टेशन का निरीक्षण कर स्टेशन पर चल रहे मेजर स्टेशन रिडेवलपमेंट एवं पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (आरएसपी), प्रधान मुख्य इंजीनियर, प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक, मंडल रेल प्रबंधक सहित मुख्यालय एवं मंडल के विभिन्न विभागों के शाखाधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने बिलासपुर स्टेशन पर चल रहे विभिन्न विकास एवं पुनर्विकास कार्यों का विस्तृत अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान प्रगति, निर्धारित समय-सीमा एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने स्टेशन पुनर्विकास से संबंधित मॉडल एवं ले-आउट प्लान का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को सभी कार्यों को निर्धारित मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने कहा कि स्टेशन पुनर्विकास कार्यों के दौरान यात्रियों की सुविधा, संरक्षा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। निर्माण कार्यों के कारण यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा कार्यस्थल पर उचित संरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए। महाप्रबंधक ने बिलासपुर स्टेशन के विभिन्न प्लेटफार्मों, फुट ओवर ब्रिज सहित अन्य महत्वपूर्ण यात्री क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए स्वच्छता, बेहतर यात्री आवागमन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को यात्रियों को संरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने स्टेशन पर निर्माणाधीन नए स्टेशन भवन का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने भवन के विभिन्न हिस्सों में किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए निर्माण की गुणवत्ता एवं कार्य की गति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने स्टेशन के दूसरे छोर पर निर्माणाधीन प्रवेश द्वार का भी निरीक्षण किया तथा वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बिलासपुर स्टेशन का पुनर्विकास कार्य यात्रियों को आधुनिक एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुनर्विकास के उपरांत स्टेशन पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर आवागमन व्यवस्था, सुविधाजनक प्रवेश एवं निकास तथा अधिक सुव्यवस्थित यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने अधिकारियों को स्टेशन पुनर्विकास के सभी कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए गुणवत्ता, समयबद्धता एवं संरक्षा के निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ************ अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
पहरे में आस्था: धारा-144 के साये में बिलासपुर का सबसे बड़ा कृष्ण जन्मोत्सव; मटकी फोड़, शोभायात्रा और मलखंभ पर सस्पेंस बरकरार!
पहरे में आस्था: धारा-144 के साये में बिलासपुर का सबसे बड़ा कृष्ण जन्मोत्सव; मटकी फोड़, शोभायात्रा और मलखंभ पर सस्पेंस बरकरार! दो पक्षों के विवाद के बाद सिटी कोतवाली इलाके में लगी है धारा-144; आयोजक अनुमतियों के इंतज़ार में, उधर मंदिरों में गूंज रही घंटियां और तैयार हो रहा 100 किलो का महाप्रसाद सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर न्यायधानी बिलासपुर में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उल्लास के साथ-साथ भारी असमंजस और सुरक्षा पहरे के बीच मनाया जा रहा है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में हाल ही में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद लागू की गई धारा-144 ने शहर के सबसे बड़े पारंपरिक आयोजनों पर संशय के बादल खड़े कर दिए हैं। घोंघा बाबा मंदिर का मध्यरात्रि जन्मोत्सव हो, गोल बाजार की ऐतिहासिक मटकी फोड़ स्पर्धा हो, करोना चौक की मलखंभ प्रतियोगिता या फिर यादव समाज की पारंपरिक भव्य शोभायात्रा—सभी बड़े आयोजनों का भविष्य अब प्रशासनिक अनुमति की टेबल पर टिका हुआ है। 58 साल पुरानी परंपराओं पर संकट, समितियां पत्राचार में उलझीं आयोजन समितियों ने सुरक्षा बंदोबस्त और कार्यक्रम की विधिवत अनुमति के लिए एसडीएम व पुलिस प्रशासन को पत्र लिखा है, लेकिन अब तक औपचारिक हरी झंडी नहीं मिली है। * 58 साल पुरानी मटकी फोड़: गोल बाजार में लगभग 58 वर्षों से 50 फीट ऊंची मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित हो रही है। इस बार परंपरा टूटने का डर सता रहा है। * मलखंभ और स्पर्धाएं: करोना चौक युवा मंच की मलखंभ स्पर्धा की तैयारियां पूरी हैं, लेकिन मंजूरी का इंतजार है। * राधा-कृष्ण सजाओ स्पर्धा रद्द: घोंघा बाबा मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है, पर सुरक्षा कारणों से इस वर्ष 'राधा-कृष्ण सजाओ' प्रतियोगिता आयोजित नहीं की जाएगी। * यादव समाज की शोभायात्रा: लखीराम ऑडिटोरियम से निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा में 60 महिलाओं का करमा नृत्य और दुकालू यादव व टीम की प्रस्तुतियां तय हैं, लेकिन यह मार्ग भी धारा-144 के दायरे में आता है। व्यंकटेश मंदिर में आस्था का ठाठ: झूला उत्सव और 100 किलो पंजीरी तैयार प्रशासनिक पचड़ों से इतर मंदिरों के भीतर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। व्यंकटेश मंदिर में नागपंचमी से जारी झूला उत्सव अपने शिखर पर है, जहां भगवान प्रतिदिन अलग-अलग रूपों में दर्शन दे रहे हैं। * प्रातः अभिषेक व झांकियां: जन्माष्टमी पर सुबह 5 बजे शास्त्रीय संगीत के बीच भगवान का विशेष अभिषेक होगा। मंदिर परिसर में तीन नयनाभिराम झांकियां सजाई गई हैं। * महाप्रसाद: मंदिर के 30 विद्यार्थियों ने मिलकर 100 किलो विशेष पंजीरी का प्रसाद तैयार किया है, जिसे मध्यरात्रि जन्मोत्सव के बाद बांटा जाएगा। * महंत डॉ. कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य ने बताया कि पुलिस-प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था हेतु पत्र भेजा गया है और वे शांतिपूर्ण ढंग से जन्मोत्सव मनाने की तैयारी में जुटे हैं। ज्योतिषीय गणना: इस बार 5 दुर्लभ शुभ संयोगों की महायुति ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 4 सितंबर को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी बेहद खास रहने वाली है। इस दिन ग्रह-नक्षत्रों का अनूठा मेल बन रहा है: * अष्टमी तिथि: पूरे पर्व का आधार बनेगी। * रोहिणी नक्षत्र: रात 11:04 बजे तक विद्यमान रहेगा, इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र लगेगा। * हर्षण योग: दिनभर मांगलिक व शुभ कार्यों के लिए अनुकूलता प्रदान करेगा। * वृष राशि का चंद्रमा: भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य लग्न से जुड़ा दुर्लभ संयोग। * मध्यरात्रि जन्मोत्सव: परंपरागत मान्यता के अनुसार कान्हा के प्राकट्य की वेला कल्याणकारी मानी गई है। शांति समिति की बैठक और थानों की रिपोर्ट पर टिकेगा अंतिम फैसला > "शांति समिति की बैठक बुलाई गई है और थानों से ज़मीनी रिपोर्ट मांगी गई है। बैठक और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की अनुमति का निर्णय लिया जाएगा। यदि अनुमति दी जाती है, तो सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी समाज व संबंधित संगठन की भी तय होगी।" > — रजनेश सिंह, एसएसपी, बिलासपुर अब शहर की निगाहें पुलिस-प्रशासन की बैठक पर टिकी हैं कि क्या बिलासपुर की 58 साल पुरानी परंपराएं शर्तों के साथ बहाल होंगी या इस बार कान्हा का जन्मोत्सव केवल मंदिर की चारदीवारियों के भीतर ही सिमट कर रह जाएगा। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
वन विभाग में पदोन्नति की लहर: पेंड्रा के वनपाल प्रकाश बंजारे बने डिप्टी रेंजर, सहकर्मियों में उत्साह
वन विभाग में पदोन्नति की लहर: पेंड्रा के वनपाल प्रकाश बंजारे बने डिप्टी रेंजर, सहकर्मियों में उत्साह पेंड्रा / बिलासपुर: बिलासपुर वन वृत्त में उत्कृष्ट सेवा और विभागीय समर्पण का सम्मान करते हुए वन अमले को बड़ी पदोन्नति दी गई है। वन विभाग द्वारा जारी ताज़ा सूची के तहत कई वनपालों को उप वन क्षेत्रपाल (डिप्टी रेंजर) के पद पर प्रमोट किया गया है। इस सूची में मरवाही वनमंडल अंतर्गत पेंड्रा वन परिक्षेत्र में पदस्थ वनपाल प्रकाश बंजारे का नाम प्रमुखता से शामिल है। उनके उत्कृष्ट कार्यों और निष्ठा को देखते हुए विभाग ने उन्हें उप वन क्षेत्रपाल पद की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रमुख बिंदु: * उत्कृष्ट कार्य का प्रतिफल: पेंड्रा परिक्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रकाश बंजारे की पदोन्नति से स्थानीय वन अमले में हर्ष का माहौल है। * बधाइयों का तांता: प्रमोशन की सूचना मिलते ही वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों, सहयोगियों और कार्यालयीन स्टाफ ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। * पदस्थापना आदेश जल्द: विभाग ने पदोन्नति सूची जारी कर दी है, जबकि नई पदस्थापना (पोस्टिंग) के अलग आदेश शीघ्र जारी किए जाएंगे। पदोन्नत कर्मियों की नजरें अब अपनी नई जिम्मेदारियों और रेंजों के आवंटन पर टिकी हैं। विभागीय साथियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर निष्ठापूर्वक कार्य करने वाले कर्मियों को समय पर पदोन्नति मिलने से पूरे वन अमले का मनोबल बढ़ता है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने PM मोदी को लिखा पत्र, सोने पर आयात शुल्क घटाने की मांग
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार 15% से घटाकर 6% करने का सुझाव, दिल्ली-मुंबई में अखिल भारतीय सराफा बाजार स्थापित करने की मांग रायपुर। देश के सराफा व्यापारियों से जुड़ी समस्याओं और बाजार में पारदर्शिता को लेकर रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत सुझाव पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने सोने-चांदी के कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया है। हरख मालू ने कहा कि सराफा व्यापार केवल कारोबार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और आम परिवारों की बचत से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सराफा बाजार को सट्टेबाजी और अनावश्यक उतार-चढ़ाव से बचाने की जरूरत बताई है। वायदा कारोबार पर प्रतिबंध की मांग पत्र में सोने-चांदी के वायदा कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि वायदा कारोबार के कारण कीमतों में कृत्रिम उतार-चढ़ाव होता है, जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे सराफा व्यापारियों पर पड़ता है। सोने पर आयात शुल्क 15% से घटाकर 6% करने का सुझाव हरख मालू ने सोने पर मौजूदा आयात शुल्क को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत करने की मांग रखी है। उनका तर्क है कि अधिक शुल्क के कारण वैध आयात प्रभावित होने के साथ-साथ सोने की तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। शुल्क कम होने से वैध कारोबार बढ़ने और सरकार के राजस्व में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। दिल्ली और मुंबई में अखिल भारतीय सराफा बाजार की मांग पत्र में दिल्ली और मुंबई में अखिल भारतीय सराफा बाजार (बुलियन एक्सचेंज) स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया है। इसका उद्देश्य देशभर में सोने-चांदी के लिए एक समान और पारदर्शी मूल्य व्यवस्था विकसित करना है। मालू के अनुसार, यदि एक निर्धारित मानक भाव पूरे देश में खरीद-बिक्री के लिए आधार बने तो अलग-अलग शहरों और राज्यों में कीमतों के अंतर को कम किया जा सकता है। BIS और HUID प्रक्रिया सरल करने की मांग पत्र में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के शुद्धता जांच केंद्रों का औचक निरीक्षण कराने और सोने की शुद्धता की मोहर लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी की गई है। साथ ही HUID प्रक्रिया को आसान करने और शुल्क कम करने का सुझाव दिया गया है। बड़ी कंपनियों की बचत योजनाओं पर रोक की मांग हरख मालू ने बड़ी कंपनियों द्वारा संचालित कथित भ्रामक 'सोना बचत योजनाओं' पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि ऐसी योजनाओं का संचालन केवल BIS में पंजीकृत सराफा व्यापारियों को ही करने की अनुमति दी जाए। GST विवरणी प्रक्रिया को सरल करने का सुझाव छोटे सराफा व्यापारियों को राहत देने के लिए सोने पर लागू 3 प्रतिशत GST से संबंधित विवरणी भरने की प्रक्रिया को सरल बनाकर हर तीन महीने में एक बार करने की मांग भी पत्र में रखी गई है। हरख मालू ने प्रधानमंत्री से सराफा व्यापारियों की इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर छोटे व्यापारियों को राहत देने, बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और देशभर में सोने-चांदी के कारोबार के लिए समान मूल्य व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया है।
राष्ट्रीय पर्व पर मनमानी के आरोपों से गरमाया बिल्हा; सारे रिकॉर्ड तलब, कांग्रेस नेता अंकित गौरहा बोले— "जनप्रतिनिधियों के सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं"
बैमा पंचायत में 'लोकतंत्र' पर तानाशाही भारी: 15 अगस्त पर निर्वाचित पंचों को किया दरकिनार, सरपंच-सचिव के खिलाफ फूटा आक्रोश; जांच शुरू! राष्ट्रीय पर्व पर मनमानी के आरोपों से गरमाया बिल्हा; सारे रिकॉर्ड तलब, कांग्रेस नेता अंकित गौरहा बोले— "जनप्रतिनिधियों के सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं" बिलासपुर। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जमीनी स्तर की सबसे मजबूत इकाई 'ग्राम पंचायत' में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ही किनारे करने का गंभीर मामला सामने आया है। बिल्हा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैमा में 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के राष्ट्रीय पर्व पर निर्वाचित पंचों की कथित अनदेखी और उपेक्षा का विवाद अब तूल पकड़ चुका है। सरपंच और सचिव की मनमानी के खिलाफ पंचों ने मोर्चा खोल दिया है, जिसके बाद जनपद पंचायत बिल्हा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए मामले में जांच बिठा दी है और पंचायत के सभी सरकारी दस्तावेज तलब कर लिए हैं। क्या है विवाद: राष्ट्रीय पर्व पर पंचों को 'बेगाना' करने का आरोप शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 15 अगस्त जैसे देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व के दौरान ग्राम पंचायत में न तो निर्वाचित पंचों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया और न ही उनकी लोकतांत्रिक सहभागिता सुनिश्चित की गई। आरोप है कि सरपंच और सचिव ने पंचायत को अपनी 'जागीर' समझते हुए मनमाने तरीके से आयोजन निपटा दिया। 20 अगस्त को जनपद पंचायत कार्यालय पहुंची इस लिखित शिकायत में पंचों ने आरोप लगाया कि पंचायत की हर गतिविधि में चुने हुए सदस्यों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पुराने कारनामों से भी घिरा है पंचायत सचिव बैमा पंचायत के सचिव की कार्यप्रणाली पहले से ही विवादों के घेरे में रही है। सूत्रों के मुताबिक: * मनमानी और वित्तीय अनियमितताएं: विकास कार्यों और अभिलेखों के संधारण में कथित गड़बड़ियों की शिकायतें पहले भी उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं। * निर्णयों में तानाशाही: पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना एकतरफा काम करने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। * दस्तावेजों की जब्ती: जनपद पंचायत ने नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान पंचायत के सभी मूल अभिलेख, बैठक पंजी और आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। अंकित गौरहा ने खोला मोर्चा: "लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का अपमान अस्वीकार्य" मामले के तूल पकड़ते ही सियासी पारा भी चढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंकित गौरहा ने इस मुद्दे पर प्रशासन से दो-टूक निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। > "15 अगस्त पूरे देश की एकता, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का महापर्व है। ग्राम पंचायत में जनता द्वारा चुने गए पंचों की उपेक्षा करना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चोट है। यदि राष्ट्रीय पर्व पर जनप्रतिनिधियों की गरिमा से खिलवाड़ हुआ है, तो इसकी तह तक जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उस पर सख्त वैधानिक कार्रवाई हो।" > — अंकित गौरहा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जनपद CEO का रुख: सच आएगा सामने, बख्शे नहीं जाएंगे दोषी जनपद पंचायत बिल्हा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया है कि शिकायत के आधार पर आधिकारिक जांच टीम गठित कर दी गई है। शिकायतकर्ताओं और संबंधित पंचायत पदाधिकारियों को साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। अब पूरी पंचायत और क्षेत्र की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं—क्या सचिव और सरपंच की मनमानी पर लगाम लगेगी या मामला फाइलों में दब जाएगा? अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
रेलवे बेचेगा 800 टन लावारिस कोयला: कोतरलिया गुड्स शेड में 4 सितंबर को लगेगी खुली बोली
रेलवे बेचेगा 800 टन लावारिस कोयला: कोतरलिया गुड्स शेड में 4 सितंबर को लगेगी खुली बोली बिलासपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत कोतरलिया गुड्स शेड में लावारिस पड़े लगभग 800 टन कोयले के निपटान के लिए रेलवे प्रशासन ने खुली नीलामी का फैसला लिया है। यह नीलामी 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को दोपहर 12:00 बजे कोतरलिया रेलवे स्टेशन स्थित मुख्य स्टेशन प्रबंधक (CSM) कार्यालय में आयोजित की जाएगी। नीलामी से जुड़ी प्रमुख बातें: तारीख व समय: 04 सितंबर 2026, दोपहर 12:00 बजे स्थान: मुख्य स्टेशन प्रबंधक कार्यालय, कोतरलिया रेलवे स्टेशन पात्रता: कोई भी व्यक्ति, पंजीकृत फर्म या औद्योगिक संस्थान सीधे बोली प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। चयन: नियमानुसार सबसे ऊंची बोली लगाने वाले प्रतिभागी के पक्ष में बिक्री तय होगी। नियम व शर्तें: भुगतान: सफल बोलीदाता को पूरी राशि के साथ 18% GST का भुगतान मौके पर ही कैश या डिमांड ड्राफ्ट (DD) से करना होगा। उठाव की समय-सीमा: बोली फाइनल होने के 10 दिनों के भीतर कोयला रेलवे परिसर से खुद के खर्च और जोखिम पर हटाना अनिवार्य होगा। समय-सीमा समाप्त होने के बाद रेलवे की कोई जिम्मेदारी नहीं रहेगी। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
*श्री गंगानगर–पुरी–श्री गंगानगर एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा |*
*श्री गंगानगर–पुरी–श्री गंगानगर एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा |* बिलासपुर – 27 अगस्त 2026 रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली गाड़ी 20471/20472 श्री गंगानगर–पुरी–श्री गंगानगर एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जा रही है | इस व्यवस्था के तहत श्री गंगानगर से चलने वाली गाड़ी संख्या 20471 श्री गंगानगर–पुरी एक्सप्रेस में दिनांक 06 से 27 सितम्बर 2026 तक तथा पुरी से चलने वाली गाड़ी संख्या 20472 पुरी–श्री गंगानगर एक्सप्रेस में दिनांक 09 से 30 सितम्बर 2026 तक एक अतिरिक्त एसी थ्री कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध रहेगी। इस सुविधा की उपलब्धता से इस गाड़ी में यात्रा करने वाले अधिकाधिक यात्री लाभान्वित होंगे | अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
उज्ज्वला गैस की सुविधा से इस रक्षाबंधन श्रीमती बिंदेश्वरी बना रहीं स्वादिष्ट पकवान*
सफलता की कहानी अभिषेक के जुबानी *उज्ज्वला गैस की सुविधा से इस रक्षाबंधन श्रीमती बिंदेश्वरी बना रहीं स्वादिष्ट पकवान* *धुएं से मिली मुक्ति, मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया का जताया आभार* बिलासपुर, 27 अगस्त 2026/शहर की श्रीमती बिंदेश्वरी राजपूत उज्ज्वला गैस योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला गैस योजना का लाभ मिलने से पहले खाना पकाने के लिए उन्हें लकड़ी और गोबर के कंडों का सहारा लेना पड़ता था। चूल्हे से निकलने वाले धुएं के कारण पूरा घर धुएं से भर जाता था। धुएं से आंखों में जलन होती थी और खाना बनाना भी काफी परेशानी भरा काम था। कई बार धुएं के कारण रसोई में ज्यादा देर तक खड़े रहना मुश्किल हो जाता था। उज्ज्वला गैस योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने के बाद उनके दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें लकड़ी और कंडों के धुएं से छुटकारा मिल गया है। गैस सिलेण्डर की सुविधा से खाना बनाना आसान और सुविधाजनक हो गया है। पहले जहां खाना बनाने में काफी समय लगता था, वहीं अब कम समय में आसानी से भोजन तैयार हो जाता है। रसोई भी धुएं से मुक्त रहती है, जिससे परिवार के सदस्यों को भी राहत मिली है। रक्षाबंधन पर्व को लेकर श्रीमती बिंदेश्वरी राजपूत इन दिनों तैयारियों में जुटी हुई हैं। भाई-बहन के स्नेह और प्रेम के इस पर्व को लेकर उनके घर में भी उत्साह का माहौल है। उज्ज्वला गैस योजना के तहत मिले गैस कनेक्शन ने इस बार रक्षाबंधन की तैयारियों को उनके लिए और भी आसान बना दिया है। वे उज्ज्वला गैस सिलेण्डर का उपयोग कर परिवार के लिए अच्छे-अच्छे पकवान और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले चूल्हे के धुएं के बीच पकवान बनाना काफी कठिन होता था, लेकिन अब गैस की सुविधा से बिना किसी परेशानी के त्योहार के लिए मनपसंद व्यंजन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उज्ज्वला गैस योजना से उनके घर की रसोई में सुविधा, स्वच्छता और खुशियां आई हैं। इस रक्षाबंधन पर्व पर वे अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी त्योहार मना रही हैं और उज्ज्वला गैस सिलेण्डर की सुविधा से स्वादिष्ट पकवान बनाकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही हैं। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
मध्य भारत के ऑटोमोबाइल रिटेल में रचा नया इतिहास: GK Group के विजनरी लीडर पुनीत पारवानी को ETAuto का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान
मध्य भारत के ऑटोमोबाइल रिटेल में रचा नया इतिहास: GK Group के विजनरी लीडर पुनीत पारवानी को ETAuto का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान मध्य भारत के बिजनेस परिदृश्य में अपनी दूरदर्शी सोच और नेतृत्व से नई पहचान बनाने वाले जीके ग्रुप (GK Group) के शीर्ष नेतृत्व श्री पुनीत पारवानी को देश के सबसे प्रतिष्ठित बिजनेस मीडिया प्लेटफॉर्म्स में से एक, 'The Economic Times – ETAuto' द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मध्य भारत में ऑटोमोटिव रिटेल सेक्टर के अभूतपूर्व विस्तार, उत्कृष्ट लीडरशिप और आधुनिक बिजनेस मॉडल को स्थापित करने के लिए दिया गया। दूरदर्शी नेतृत्व और असाधारण योगदान श्री पुनीत पारवानी ने मध्य भारत में ऑटोमोबाइल रिटेल के पारंपरिक तौर-तरीकों को बदलते हुए उसे आधुनिक, पारदर्शी और पूरी तरह ग्राहक-केंद्रित बनाया है। उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताएं: * मार्केट एक्सपेंशन और स्ट्रैटेजिक विजन: उन्होंने बदलती बाजार की जरूरतों और उपभोक्ताओं की नब्ज को पहचानकर जीके ग्रुप के नेटवर्क को मध्य भारत के कोने-कोने तक मजबूती से पहुंचाया। * ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण (Customer-First Approach): केवल वाहन बिक्री तक सीमित न रहकर, उन्होंने 'आफ्टर-सेल्स सर्विस', ट्रांसपेरेंसी और भरोसेमंद कस्टमर एक्सपीरियंस को प्राथमिकता दी, जिससे ब्रांड के प्रति ग्राहकों का अटूट विश्वास बना। * सस्टेनेबल और फ्यूचर-रेडी बिजनेस मॉडल: आधुनिक तकनीकों, डिजिटल ऑपरेशन्स और कुशल मैनपावर मैनेजमेंट के जरिए उन्होंने पूरे ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को अत्यधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाया। * टीम बिल्डिंग और प्रेरणादायक नेतृत्व: वे एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते हैं जो हर स्तर पर कर्मचारियों को सशक्त बनाते हैं और सामूहिक विकास में विश्वास रखते हैं। "यह उपलब्धि पूरे GK परिवार की मेहनत का परिणाम" सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री पुनीत पारवानी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम और ग्राहकों के विश्वास को देते हुए कहा: > "यह पुरस्कार केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि GK Group के हर एक सदस्य के दिन-रात के समर्पण, टीम भावना और हमारे प्रति ग्राहकों के भरोसे की जीत है। हम भविष्य में भी नवाचार और निष्ठा के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में नए मानक गढ़ते रहेंगे।" यह राष्ट्रीय सम्मान साबित करता है कि जब दूरदृष्टि, नवाचार और निष्ठा एक साथ मिलते हैं, तो रीजनल बिजनेस भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ता है। GK Group की यह उपलब्धि पूरे मध्य भारत के व्यापारिक जगत के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर हमर प्रदेश सी जी