छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ देश का पहला 21 CuM इलेक्ट्रिक शॉवेल* *एसईसीएल के गेवरा परियोजना में किया शुभारंभ*
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पश्चिमी डीएफसी पर भारतीय रेल की बड़ी छलांग, पहली डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन दौड़ी मुंबई से वडोदरा तक 422 किमी का सफर, एक ही ट्रेन में 360 टीईयू कंटेनर—माल ढुलाई की क्षमता और रफ्तार बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
पश्चिमी डीएफसी पर भारतीय रेल की बड़ी छलांग, पहली डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन दौड़ी मुंबई से वडोदरा तक 422 किमी का सफर, एक ही ट्रेन में 360 टीईयू कंटेनर—माल ढुलाई की क्षमता और रफ्तार बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बिलासपुर। भारतीय रेल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर पहली बार डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेन का सफल संचालन किया गया। 21 अगस्त 2026 को जेएनपीटी मुंबई से वडोदरा मंडल के वर्णामा स्थित कॉनकॉर के जीसीटी टर्मिनल तक चली इस विशेष ट्रेन ने करीब 422 किलोमीटर की दूरी तय की। ट्रेन में कुल 360 टीईयू कंटेनर लदे थे और इसका कुल वजन करीब 3,922 टन रहा। ट्रेन ने 21 अगस्त की शाम 7 बजे जेएनपीटी से अपनी यात्रा शुरू की। दो रेक को जोड़कर बना लंबा मालगाड़ी फॉर्मेशन इस ऐतिहासिक संचालन में दो डबल-स्टैक रेक को एक साथ जोड़कर लॉन्ग-हॉल फॉर्मेशन तैयार किया गया। लीडिंग रेक में 45+1 लोड के साथ लोको नंबर 60311 लगाया गया, जिसका वजन 1,817 टन था। वहीं ट्रेलिंग रेक में 45+1 लोड, लोको नंबर 24690 और 2,105 टन वजन दर्ज किया गया। दोनों रेक के संयुक्त संचालन से एक ही मूवमेंट में बड़ी मात्रा में कंटेनरीकृत माल को गंतव्य तक पहुंचाना संभव हुआ। यह भारतीय रेल की बढ़ती फ्रेट हैंडलिंग क्षमता और लॉन्ग-हॉल संचालन की दक्षता को दर्शाता है। एक ट्रेन, ज्यादा माल—रेलवे को मिलेंगे कई फायदे डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल ट्रेन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम ट्रेन मूवमेंट में ज्यादा कंटेनर पहुंचाए जा सकते हैं। इससे बंदरगाहों और टर्मिनलों पर कंटेनरों के ठहराव का समय कम करने तथा भीड़भाड़ घटाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही समान मात्रा में माल ढोने के लिए कम रेक और लोकोमोटिव की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे उपलब्ध रेल मार्ग की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होगा और माल परिवहन को अधिक कुशल बनाया जा सकेगा। ट्रांजिट टाइम घटेगा, माल की आवाजाही होगी तेज लंबी दूरी के लिए लॉन्ग-हॉल कंटेनर ट्रेनों के संचालन से माल की आवाजाही अधिक सुव्यवस्थित और तेज होने की उम्मीद है। जेएनपीटी जैसे प्रमुख बंदरगाहों से कंटेनरों की तेजी से निकासी होने पर लॉजिस्टिक्स श्रृंखला को गति मिलेगी और परिवहन लागत को कम करने में भी मदद मिल सकती है। सड़क परिवहन पर दबाव घटाने में भी मदद इस उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण पहलू पर्यावरण से भी जुड़ा है। विद्युत लोकोमोटिव से संचालित यह ट्रेन बड़ी मात्रा में माल को एक साथ ले जाने में सक्षम है। इससे सड़क मार्ग पर ट्रकों की संख्या और डीजल आधारित माल परिवहन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। कम ट्रक मूवमेंट का सीधा असर सड़क यातायात, ईंधन खपत और माल परिवहन से होने वाले उत्सर्जन पर पड़ सकता है। ऐसे में डबल-स्टैक लॉन्ग-हॉल संचालन को हरित, तेज और अधिक क्षमता वाले माल परिवहन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। भारतीय रेल की यह उपलब्धि केवल एक ट्रेन के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में तेज, ज्यादा क्षमता वाले और पर्यावरण-अनुकूल माल परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है।
कुर्सी-कुर्सी का खेल: 13 महीने में 3 DEO बदले, 30 लाख का घमासान... ऐसे सुधरेगा बिलासपुर का गिरता रिजल्ट?
कुर्सी-कुर्सी का खेल: 13 महीने में 3 DEO बदले, 30 लाख का घमासान... ऐसे सुधरेगा बिलासपुर का गिरता रिजल्ट? बिलासपुर: जिले की लचर शिक्षा व्यवस्था और बोर्ड परीक्षाओं के निराशाजनक परिणामों पर कलेक्टर साहब कड़े तेवर दिखा रहे हैं, समीक्षा बैठकों में अफसरों की क्लास ली जा रही है, लेकिन कड़वी हकीकत यह है कि बिलासपुर शिक्षा विभाग खुद 'वेंटीलेटर' पर है। जिस विभाग के पास अपना एक स्थायी मुखिया तक नहीं है, वह लाखों नौनिहालों का भविष्य कैसे संवारेगा? कागजों में सुधार के बड़े-बड़े दावे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का दफ्तर सिर्फ फाइलों की 'आवक-जावक शाखा' बनकर रह गया है। 13 महीने में 3 चेहरे बदले, बोर्ड पर रवानगी की तारीख तक गायब विभाग में अफसरों के आने-जाने की रफ्तार इतनी तेज है कि दफ्तर के बाहर लगी नेमप्लेट भी शर्मसार हो जाए। * अनिश्चितता का आलम: डॉ. अनिल तिवारी के हटने के बाद पिछले एक साल में तीन अफसरों को जिम्मेदारी थमाई गई—विजय टांडे, रामेश्वर जायसवाल और वर्तमान में डॉ. अजय कौशिक। * बोर्ड पर सन्नाटा: दफ्तर में लगे सूची बोर्ड पर नए अधिकारियों की पदस्थापना की तारीख तो दर्ज हो जाती है, लेकिन कार्यमुक्त होने वाले कॉलम में सन्नाटा पसरा रहता है। * उल्टी गिनती शुरू: वर्तमान प्रभारी DEO डॉ. अजय कौशिक 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। यानी कुछ ही दिनों में जिले का शिक्षा महकमा फिर से बिना सेनापति के अधर में लटकने वाला है। विवादों, एसीबी और ₹30 लाख की 'डील' की गूंज शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले इस विभाग की साख विवादों के दलदल में धंस चुकी है: * भ्रष्टाचार की छाया: पूर्व डीईओ टी.आर. साहू का कार्यकाल एसीबी (ACB) की कार्रवाई और जांचों के साए में बीता। * आरोपों की झड़ी: इसके बाद आए डॉ. अनिल तिवारी भी विवादों और शिकायतों के घेरे में आने के बाद कुर्सी गंवा बैठे। * 30 लाख का कथित खेल: गलियारों में शिक्षा विभाग की मलाईदार 'हॉट सीट' को लेकर 30 लाख रुपये के लेन-देन की चर्चाएं जोरों पर हैं, जिसने पूरे सिस्टम की शुचिता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। कलेक्टर की फटकार बेअसर, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सत्र 2025-26 के खराब परीक्षा परिणामों को लेकर सख्त हिदायत दी है। लेकिन बुनियादी सवाल यही है कि जब कमान संभालने वाला अफसर ही 'अस्थायी' और चंद दिनों का मेहमान हो, तो शिक्षकों की मनमानी पर लगाम कौन कसेगा? स्कूलों की मॉनिटरिंग कौन करेगा? जब तक शासन बिलासपुर को कोई सक्षम और स्थायी जिला शिक्षा अधिकारी नहीं देता, तब तक बैठकों में दी जाने वाली प्रशासनिक घुड़की महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी और खामियाजा जिले के मासूम छात्र भुगतते रहेंगे।
शहरों के विकास को गति: नगरीय निकायों को मिले एल्डरमैन निधि के ₹9.44 करोड़, डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिए सदुपयोग के निर्देश
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर शहरों के विकास को गति: नगरीय निकायों को मिले एल्डरमैन निधि के ₹9.44 करोड़, डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिए सदुपयोग के निर्देश बिलासपुर (22 अगस्त): छत्तीसगढ़ के शहरों में विकास कार्यों को तेज करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु ₹9 करोड़ 44 लाख 25 हजार की एल्डरमैन निधि जारी कर दी है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रथम किस्त की 50 प्रतिशत राशि सीधे निकायों के खाते में अंतरित कर दी गई है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने निर्देश दिए हैं कि इस राशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग हो, ताकि शहरी आबादी को मूलभूत सुविधाओं और विकास योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। इस निधि के जरिए मनोनीत पार्षद (एल्डरमैन) अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरी जनहितैषी निर्माण व विकास कार्यों की अनुशंसा कर सकेंगे। निकायवार राशि का आवंटन: * 10 नगर निगम: ₹2 करोड़ 07 लाख * 53 नगर पालिका परिषद: ₹3 करोड़ 93 लाख * 102 नगर पंचायत: ₹3 करोड़ 44 लाख 25 हजार इस आवंटन से प्रदेश भर के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लंबे समय से लंबित स्थानीय विकास कार्यों में तेजी आएगी।
न्यायधानी में 'सफेदपोश' लापरवाही: जिला अस्पताल में गलत ऑपरेशन से जिंदगी-मौत से जूझ रही प्रसूता, कलेक्टर के चौखट पर पहुंचा पीड़ित
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर न्यायधानी में 'सफेदपोश' लापरवाही: जिला अस्पताल में गलत ऑपरेशन से जिंदगी-मौत से जूझ रही प्रसूता, कलेक्टर के चौखट पर पहुंचा पीड़ित पति बिलासपुर: न्यायधानी की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर वेंटिलेटर पर है, इसका एक और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही ने एक नवजात की मां को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। तखतपुर निवासी पीड़ित पति पवन देवांगन ने कलेक्टर से लिखित गुहार लगाकर दोषी महिला डॉक्टर के.के. मित्तल का लाइसेंस रद्द करने और लापरवाह अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। ऑपरेशन में गड़बड़ी और जबरन डिस्चार्ज का आरोप शिकायत के अनुसार, पवन देवांगन ने 27 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर अपनी पत्नी ज्योति देवांगन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सुरक्षित प्रसव के बाद बच्चे का जन्म तो हुआ, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर के.के. मित्तल द्वारा किए गए गलत ऑपरेशन और घोर चिकित्सीय लापरवाही के चलते ज्योति की हालत लगातार बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि सुधार होने के बजाय जब महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए महज़ 3 दिन बाद ही जबरन दबाव बनाकर मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचते ही हालत नाजुक होने पर आनन-फानन में प्रसूता को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। 'मंगलसूत्र गिरवी' और दावों की खोखली हकीकत यह मामला सिर्फ एक ज्योति का नहीं है; सिम्स और जिला अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों के साथ बदसलूकी और लापरवाही आम बात बन चुकी है। सरकार चाहे 'मुफ्त इलाज' और स्वास्थ्य योजनाओं के कितने भी कसीदे पढ़ ले, हकीकत यह है कि आम जनता को जान बचाने के लिए जमीन-जायदाद, गहने और मंगलसूत्र तक गिरवी रखने पड़ रहे हैं। सरकारी में लापरवाही और प्राइवेट में लूट—मरीज जाएं तो जाएं कहां? जनता को अब 'गब्बर' और 'थलापति' की जरूरत! अस्पतालों की इस मनमानी और असंवेदनशीलता से त्रस्त जनता में अब भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब कागजी जांच से बात नहीं बनने वाली; व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जमीनी स्तर पर तमिलनाडु की तर्ज पर सख्त स्वास्थ्य मॉडल और अस्पतालों की लूट-लापरवाही पर लगाम कसने के लिए सिनेमाई 'गब्बर' जैसे सख्त एक्शन की सख्त जरूरत है, ताकि सफेद एप्रन की आड़ में खिलवाड़ करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।
खुशबू यादव पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का ‘दो टूक’ फैसला, बोले- गलत प्रचार किया तो कानून का सामना करना पड़ेगा
खुशबू यादव पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का ‘दो टूक’ फैसला, बोले- गलत प्रचार किया तो कानून का सामना करना पड़ेगा राउरकेला, 22 अगस्त। खुशबू यादव की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने अब बेहद साफ और सख्त शब्दों में स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्री के बयान के बाद खुशबू यादव को लेकर चल रही पद और पहचान की अटकलों पर सीधे तौर पर विराम लगाने की कोशिश की गई है। जुएल ओराम ने स्पष्ट कहा कि खुशबू यादव उनकी जिला प्रतिनिधि हैं। वह न तो उनकी अतिरिक्त निजी सचिव (एपीएस) हैं और न ही केंद्रीय मंत्री के स्टाफ का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका को इससे अलग तरीके से प्रचारित करना तथ्यों को गलत रूप में पेश करना है। पद को लेकर भ्रम पर मंत्री ने खींची साफ लकीर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खुशबू यादव लंबे समय से उनके साथ सार्वजनिक और संसदीय क्षेत्र से जुड़े कार्यों में सहयोग कर रही हैं। उनकी जिम्मेदारी के तहत वह सरकारी बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेती हैं। हालांकि, किसी आधिकारिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को केंद्रीय मंत्री के स्टाफ या एपीएस के पद से जोड़ना सही नहीं है। मंत्री ने इस अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी वास्तविक भूमिका जिला प्रतिनिधि की है। एपीएस बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई ओराम ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने खुशबू यादव को अपनी अतिरिक्त निजी सचिव नियुक्त करने की इच्छा जताई थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते यह नियुक्ति आगे नहीं बढ़ सकी। यानी एपीएस का प्रस्ताव जरूर सामने आया था, लेकिन वह नियुक्ति में तब्दील नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि इससे खुशबू यादव की मौजूदा भूमिका पर कोई असर नहीं पड़ा और वह जिला प्रतिनिधि के तौर पर काम करती रहीं। मंत्री बोले- उनकी अपनी भी पहचान है खुशबू यादव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान केवल केंद्रीय मंत्री की प्रतिनिधि होने तक सीमित नहीं है। उनकी अपनी स्वतंत्र सार्वजनिक पहचान, प्रतिष्ठा और समर्थक आधार भी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर उनकी भूमिका और पहचान को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। ‘फर्जी’ बताने वालों पर मंत्री का सीधा वार जुएल ओराम ने गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की पदवी को तोड़-मरोड़कर पेश करना या उसे “फर्जी” बताकर बदनाम करने का अभियान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी, भ्रामक या मानहानिकारक सामग्री तैयार करता है, प्रकाशित करता है अथवा प्रसारित करता है और इससे किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। “अब जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा” केंद्रीय मंत्री ने साफ संदेश दिया कि तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर किसी की छवि खराब करने की कोशिश को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खुशबू यादव की भूमिका को लेकर तथ्य स्पष्ट हैं और उन्हें जानबूझकर गलत तरीके से पेश करने वालों को उचित कानूनी माध्यम से जवाब दिया जाएगा। कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम के इस बयान ने खुशबू यादव की भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। मंत्री ने जहां उनकी वास्तविक जिम्मेदारी स्पष्ट की है, वहीं गलत प्रचार करने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर यह भी संकेत दे दिया है कि अब इस मुद्दे पर महज बयानबाजी नहीं, बल्कि जरूरत पड़ी तो कानूनी मोर्चे पर भी सीधा मुकाबला होगा।
कांवड़ यात्रा आस्था और समर्पण का प्रतीक: कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, रामगढ़ से कैलाश गुफा जा रहे कांवड़ यात्रियों का किया आत्मीय स्वागत, सुखद एवं सफल यात्रा की कामना
कांवड़ यात्रा आस्था और समर्पण का प्रतीक: कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, रामगढ़ से कैलाश गुफा जा रहे कांवड़ यात्रियों का किया आत्मीय स्वागत, सुखद एवं सफल यात्रा की कामना,,, राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट,,,,लोकेशन, रामगढ़, उदयपुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़।। सरगुजा/उदयपुर, दिनांक 21 अगस्त 2026 पावन श्रावण मास के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की भक्ति में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। इसी क्रम में रामगढ़ से कैलाश गुफा की ओर कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं का छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी ने आत्मीय स्वागत एवं सत्कार किया। इस दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रियों से मुलाकात कर उनकी यात्रा के संबंध में जानकारी ली तथा सभी को मंगलमय एवं सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। छत्तीसगढ़ पर्यटन, संस्कृति,मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने कहा कि श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति, तपस्या और समर्पण की यात्रा है। भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था इस यात्रा में दिखाई देती है। कांवड़ यात्री कठिन परिस्थितियों में भी श्रद्धा और उत्साह के साथ अपनी यात्रा पूरी करते हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रियों का स्वागत करते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुखद, सुरक्षित एवं सफल होने की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ सभी कांवड़ यात्रियों पर अपनी कृपा बनाए रखें और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें। *श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह* रामगढ़ से कैलाश गुफा की ओर बढ़ रहे कांवड़ यात्रियों में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कांवड़ यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत और सेवा-सत्कार भी किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक यात्राएं समाज में भाईचारे, सेवा, सद्भाव और एकजुटता की भावना को मजबूत करती हैं। कांवड़ यात्रियों की सेवा करना और उनका उत्साह बढ़ाना भी भगवान शिव की भक्ति का एक रूप है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सावधानी बरतने, अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की। कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण में ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे। कांवड़ यात्रियों ने भी आत्मीय स्वागत एवं शुभकामनाओं के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।
*बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध बिलासपुर स्टेशन में चला “नाका टिकट चेकिंग अभियान ।* 385 मामलों में 3.17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया ।
*बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध बिलासपुर स्टेशन में चला “नाका टिकट चेकिंग अभियान ।* 385 मामलों में 3.17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा टिकटधारी यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने, यात्रियों में वैध टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से निरंतर टिकट चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 20 अगस्त 2026 को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह के मार्गदर्शन में मंडल के बिलासपुर स्टेशन एवं चांपा-बिलासपुर-भाटापारा सेक्शन में सघन नाका टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें वाणिज्य निरीक्षक, मुख्य टिकट निरीक्षक एवं टीटीई स्टाफ शामिल थे। इस अभियान के दौरान बिलासपुर स्टेशन एवं यहाँ से गुजरने वाली 26 ट्रेनों की सघन जांच कर कुल 385 मामलों से कुल 3,17,410 रुपये का जुर्माना वसूला गया। जिसमें बिना टिकट यात्रा के 285 मामलों से 02 लाख 59 हजार 800 रुपये, अनियमित टिकट के 77 मामलों से 55 हजार 105 रुपये तथा बिना बुक किए गए लगेज के 23 मामलों से 02 हजार 505 रुपये का जुर्माना शामिल है | रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व उचित यात्रा टिकट अवश्य लें तथा स्टेशन परिसर में प्रवेश हेतु प्लेटफॉर्म टिकट खरीदें। साथ ही रेलगाड़ी एवं रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें तथा गंदगी फैलाने एवं धूम्रपान जैसी गतिविधियों से बचें। रेलवे राष्ट्र की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति है, इसकी सुरक्षा एवं स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
*कलेक्टर-एसएसपी की अध्यक्षता में शान्ति समिति की बैठक संपन्न*
*कलेक्टर-एसएसपी की अध्यक्षता में शान्ति समिति की बैठक संपन्न* *ईद-ए-मिलाद एवं गणेश चतुर्थी पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने का लिया गया निर्णय* बिलासपुर, 21 अगस्त 2026/आगामी ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) एवं गणेश चतुर्थी पर्व को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक मेें ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) एवं गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में नगर निगम को ईदगाह एवं प्रमुख मार्गों की साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था, पुलिस विभाग को यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा सीएसईबी को निर्बाध विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त पर्वाें के दौरान सड़क पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित नहीं करने तथा समितियों द्वारा पुलिस को स्वयंसेवकों की सहायता उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही ईद-ए-मिलाद पर्व के दौरान भी सड़क पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित न हो। इसकी निगरानी रखी जाए। विद्युत तारों से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो इसका विशेष ध्यान रखने कहा गया। पंडाल में पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था हो, इसके निर्देश दिए गए। सभी समितियों, कमिटियों को पर्व के दौरान पंडाल लगाने के लिए संबंधित थाना प्रभारी एवं एसडीएम से अनुमति लेने कहा गया। गणेश विसर्जन के लिए रूट चार्ट एवं पार्किंग स्थल निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। समितियों को विसर्जन स्थल एवं रूट की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को देने के निर्देश दिए गए। सभी पूजा पंडाल एवं आसपास सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा। पूजा पंडालों में मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए गए है। पुलिस विभाग को मंदिरों, मस्जिदों, गणेश पंडालों, संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा विसर्जन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने कहा गया। सभी पूजा पंडालों एवं आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाना तथा मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करना अनिवार्य किया गया। पर्व के दौरान भंडारा एवं लंगर में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, दोना-पत्तल एवं डस्टबिन की व्यवस्था रखने तथा सड़क पर वाहन रुकवाकर प्रसाद वितरण नहीं किया जाए। जिला अस्पताल को भी पर्व के दौरान आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित रखने कहा गया। पुलिस विभाग को पर्व के दौरान शहर के समस्त चौक-चौराहों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को पर्व के दौरान निरंतर विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार अन्य विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए सजग रहने कहा गया। समिति के सदस्यों ने शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने का भरोसा दिलाया। बैठक में एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल कमिश्नर नगर निगम श्री खंजाची कुमार, एसडीएम श्री मनीष साहू, संयुक्त कलेक्टर श्री रजनी भगत, सीएसपी सिविल लाईन श्री परमेश्वर तिलकवार, शांति समिति के सदस्य हबीब मेमन, श्री चंचल सलूजा, मनजीत सिंह अरोरा, विकास शर्मा, विक्रांत केशरवानी, राजेश मिश्रा, प्रबीर सेन गुप्ता, प्रदीप कुमार शर्मा, सुधीर खण्डेलवाल, इरशाद अली, अनिल कुमार गौरहा अन्य सदस्य एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
*महतारी वंदन योजना की किश्त से सोनम साहू के चेहरे पर आई खुशी*
*महतारी वंदन योजना की किश्त से सोनम साहू के चेहरे पर आई खुशी* *राखी का बंधन, खुशियों का संसार, महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार* *रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया से मिला उपहार* बिलासपुर, 21 अगस्त 2026/महतारी वंदन योजना की 30वीं किश्त प्राप्त होने से शहर की श्रीमती सोनम साहू के लिए रक्षाबंधन का त्योहार और भी खास हो गया है। रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि मिलने पर सोनम साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि उनके लिए आर्थिक सहारा होने के साथ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और भी यादगार बनाने का अवसर लेकर आई है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा महिलाओं की बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। अपनी खुशियां बयां करते हुए उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया से बहनों को संबल मिला है। सोनम साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त राशि का उपयोग वह अपने भाई के लिए रक्षासूत्र (राखी) खरीदने और रक्षाबंधन की अन्य तैयारियों में करेंगी। उन्होंने कहा कि त्योहार के अवसर पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता उनके लिए बेहद उपयोगी है। इससे वे अपनी जरूरतों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना की किश्त मिलना उनके लिए खुशी को दोगुना करने वाला है। उन्होंने योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं। सोनम साहू ने कहा कि योजना की राशि से महिलाओं को अपने परिवार की जरूरतों में सहयोग करने के साथ त्योहारों को भी खुशी और उत्साह के साथ मनाने का अवसर मिल रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। सोनम साहू जैसी अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की आवश्यकताओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और त्योहारों से जुड़ी तैयारियों में कर रही हैं। रक्षाबंधन से पहले 30वीं किश्त का मिलना उनके लिए विशेष खुशी लेकर आया है। सोनम साहू ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं को अपने निर्णय लेने और परिवार की जरूरतों में आर्थिक रूप से योगदान देने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने योजना को महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक संबल से जोड़ते हुए इसके लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
*अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम से आसान हुआ राशन वितरण, 650 बीपीएल परिवारों को मिल रही सुविधा*
*अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम से आसान हुआ राशन वितरण, 650 बीपीएल परिवारों को मिल रही सुविधा* *महिला स्व-सहायता समूह कर रहा संचालन, अब तक 475 हितग्राहियों ने किया चावल का उठाव* *शक्कर और नमक का वितरण भी शुरू हुआ* बिलासपुर, 21 अगस्त 2026/ नगर पालिक निगम बिलासपुर क्षेत्रांतर्गत लिंगियाडीह (चिंगराजपारा) में संचालित अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन वितरण को सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित इस ग्रेन एटीएम से वर्तमान में करीब 650 बीपीएल राशनकार्डधारी परिवार जुड़े हुए हैं। अब तक 475 हितग्राहियों द्वारा ग्रेन एटीएम के माध्यम से चावल का उठाव किया जा चुका है। ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने के लिए लंबी कतार में लगने और निर्धारित समय का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।पटवारी प्रशिक्षण केंद्र, राजकिशोर नगर के समीप स्थापित इस स्वचालित मशीन के माध्यम से राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार राशन प्राप्त कर सकते हैं। ग्रेन एटीएम में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय तकनीक का उपयोग किया गया है। स्वचालित मशीन के माध्यम से हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में चावल प्राप्त होता है। इससे राशन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ समय की भी बचत हो रही है। साथ ही हितग्राहियों को भीड़ से राहत मिल रही है और राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनी है। अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम से राशन वितरण के साथ-साथ ई-पॉश मशीन के माध्यम से शक्कर एवं नमक के वितरण की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है। इससे हितग्राहियों को एक ही स्थान पर आवश्यक राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा ग्रेन एटीएम का संचालन किए जाने से महिलाओं की सहभागिता और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है। हितग्राहियों ने इस आधुनिक व्यवस्था पर संतोष एवं प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मशीन के माध्यम से कम समय में आसानी से राशन मिल जाता है और भीड़ में लगने की परेशानी भी नहीं होती।
तहसीलदार ने अवैध रूप से संचालित 4 क्लीनिक किया सील, बहुत सारे दवाइयां ज़ब्त
तहसीलदार ने अवैध रूप से संचालित 4 क्लीनिक किया सील, बहुत सारे दवाइयां ज़ब्त बलरामपुर/राजपुर।बलरामपुर जिले के ब्लाकों के गांवों में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सक सक्रिय होकर उपचार कर रहें है। बलरामपुर में झोलाछाप चिकित्सक के इंजेक्शन लगाने से एक 3 वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। इसी को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बलरामपुर ने सर्व खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों एवं झोला छाप चिकित्सकों के विरुद्ध सघन जांच एवं कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। राजपुर प्रभारी बीएमओ दीपक गुप्ता ने बताया कि राजपुर तहसीलदार प्रतीक जायसवाल, बरियों नायब तहसीलदार नरेंद्र कवर, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त ने अवैध रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों पर सघन छापेमारी की गई। जांच के दौरान बिना किसी वैध उपाधि और बिना पंजीयन के ग्राम परसागुड़ी में रमेश विश्वास, ग्राम चंद्रगढ़ में राहुल चौधरी व दीनानाथ, ग्राम खुमरी में जीत नारायण को उपचार करते पाए जाने पर मौके से दवाइयां जब्त कर प्रतिष्ठान को सीलबंद किया। उन्होंने बताया कि नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। बलरामपुर जिले के ब्लाकों में दर्जनों अवैध क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सक सक्रिय बलरामपुर जिले में अवैध रूप से क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सक सक्रिय होकर मरीज़ो के साथ खिलवाड़ कर रहे है। झोलाछाप चिकित्सकों के पास शैक्षणिक योग्यता न तो पंजीयन प्रमाण पत्र है। ऐसे व्यक्तियों एवं संस्थानों द्वारा जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ पड़ रहा है। अवैध क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब खुलेआम संचालित कर रहे है। प्रशासन ने जारी किया निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को ? # बिना वैध पंजीयन, अनुमति अथवा आवश्यक दस्तावेजों के संचालित संस्थानों को चिन्हांकित किया जाए। # बिना मान्यता प्राप्त डिग्री अथवा पंजीयन के चिकित्सा व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए। # आवश्यकतानुसार पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से निरीक्षण एवं सीलिंग की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। # की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन, संस्थानवार विवरण सहित, इस कार्यालय को प्रेषित किया जाए। # किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र के उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ Hamar pradesh CG
सेवा समाप्ति की जगह सिर्फ तबादला! कोटखर्रा के रोजगार सहायक पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
✒️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ सेवा समाप्ति की जगह सिर्फ तबादला! कोटखर्रा के रोजगार सहायक पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ग्राम पंचायत कोटखर्रा के रोजगार सहायक के मामले में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायतें सामने आने के बाद भी कठोर कार्रवाई करने के बजाय महज तबादला कर मामले को निपटा दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार रोजगार सहायक के खिलाफ मनरेगा कार्यों में लापरवाही, हितग्राहियों से कथित अवैध वसूली और पंचायत के कामकाज में अनियमितता को लेकर लगातार शिकायतें की गई थीं। शिकायतों के बाद मामले की जांच भी कराई गई। ग्रामीणों का दावा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने के बावजूद रोजगार सहायक की सेवा समाप्त करने के बजाय उसे दूसरी ग्राम पंचायत में स्थानांतरित कर दिया गया। एक पंचायत से दूसरी पंचायत भेजना ही क्या कार्रवाई है? प्रशासन के इस फैसले से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि किसी कर्मचारी पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो केवल तबादला कर देने से व्यवस्था में सुधार कैसे होगा? ग्रामीणों का कहना है कि जिस कर्मचारी पर एक पंचायत में अनियमितताओं के आरोप लगे हों, उसे दूसरी पंचायत में भेज देना समस्या का समाधान नहीं है। इससे न केवल शिकायतकर्ताओं में निराशा पैदा होती है, बल्कि पंचायत स्तर पर काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के बीच भी गलत संदेश जा सकता है। जांच के बाद भी कार्रवाई पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों की जांच के बाद भी जिम्मेदारी तय करने के बजाय तबादले की कार्रवाई की गई। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित हुई थीं, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों ने मामले में प्रशासन से स्पष्ट जवाब की मांग की है और कहा है कि केवल तबादले को कार्रवाई मानकर मामले को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से निष्पक्ष जांच की मांग ग्रामीणों ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों, जांच रिपोर्ट और रोजगार सहायक के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाए और यदि आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में मनरेगा और विकास कार्यों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में सिर्फ तबादले के बजाय दोष तय होने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो। अब निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्ति पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। Hamar pradesh CG