बैंक से कॉलेज तक पहुंची रायगढ़ पुलिस, 500 लोगों को सिखाया साइबर ठगी से बचने का तरीका
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माटी का खेल, गजब का संतुलन: बिलासपुर में दौड़ी 'गेड़ी', 5 साल के नौनिहाल से लेकर 50 साल के बुजुर्गों ने दिखाया दम
माटी का खेल, गजब का संतुलन: बिलासपुर में दौड़ी 'गेड़ी', 5 साल के नौनिहाल से लेकर 50 साल के बुजुर्गों ने दिखाया दम बिलासपुर: आधुनिकता और मोबाइल की दुनिया के बीच जब छत्तीसगढ़िया संस्कृति की सोंधी महक मैदान पर उतरी, तो हर कोई देखता रह गया। छत्तीसगढ़ की समृद्ध माटी, परंपरा और विलुप्त होते पारंपरिक खेलों को नई पीढ़ी की रगों में उतारने के लिए लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर में 'छत्तीसगढ़िया क्रांति सेवा' द्वारा भव्य गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बांस की गेड़ी पर अद्भुत संतुलन साधते हुए जब 5 साल के बच्चे से लेकर 50 साल के बुजुर्ग दौड़े, तो पूरा मैदान दर्शकों की तालियों और 'जय जोहार' के नारों से गूंज उठा। 100 प्रतिभागियों का जलवा, महिलाओं का नारियल फेंक मुकाबला प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि माटी के उत्सव में तब्दील हो गई: * संतुलन और रफ्तार की जंग: बिलासपुर शहर और सुदूर ग्रामीण अंचलों से आए करीब 100 प्रतिभागियों ने गेड़ी पर अपनी गजब की गति और संतुलन का लोहा मनवाया। * महिला शक्ति का प्रदर्शन: आयोजन में महिलाओं के लिए विशेष रूप से 'नारियल फेंक' प्रतियोगिता रखी गई थी। पारंपरिक परिधान और पूरे उत्साह के साथ महिलाओं ने निशाना साधते हुए शानदार प्रदर्शन किया और पुरस्कार अपने नाम किए। * पीढ़ी का संगम: एक ही ट्रैक पर 5 साल के बच्चे, युवा और आधी सदी की उम्र पार कर चुके बुजुर्गों का एक साथ गेड़ी चढ़ना आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। आयोजकों का विजन: "जैसे दुनिया में क्रिकेट-हॉकी, वैसे ही चमकेगी हमारी गेड़ी" आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने इस अनूठी पहल के पीछे का मकसद साझा करते हुए कहा कि राज्य की समृद्ध लोक-संस्कृति को सहेजना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। > "क्रिकेट और हॉकी को जिस तरह दुनिया के नक्शे पर पहचान मिली है, हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल 'गेड़ी दौड़' को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वही मुकाम मिले। यह आयोजन आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों, माटी और लोक-परंपरा से जोड़े रखने का एक सशक्त माध्यम है।" > — छत्तीसगढ़िया क्रांति सेवा विलुप्त होते पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने की इस पहल को बिलासपुर की जनता और खेल प्रेमियों ने खूब सराहा। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
सफलता की कहानी *महतारी वंदन की 30वीं किस्त बनी रक्षाबंधन का उपहार* *ममता ने कहा विष्णु भैया ने त्योहार बनाया खास*
सफलता की कहानी *महतारी वंदन की 30वीं किस्त बनी रक्षाबंधन का उपहार* *ममता ने कहा विष्णु भैया ने त्योहार बनाया खास* बिलासपुर, 24 अगस्त 2026/शहर की रहने वाली ममता यादव महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं। रक्षाबंधन पर्व से ठीक पहले योजना की 30वीं किस्त की राशि प्राप्त होने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। त्योहार के पहले आर्थिक सहायता मिलने से ममता यादव के लिए इस बार का रक्षाबंधन और भी खास बन गया है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की छोटी-बड़ी आवश्यकताओं में सहयोग करने का अवसर देती है। ममता यादव ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह और प्रेम का प्रतीक है। ऐसे में त्योहार से पहले महतारी वंदन योजना की किस्त मिलना उनके लिए किसी खुशी के उपहार से कम नहीं है। राशि मिलने से वह रक्षाबंधन की तैयारियां बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के पहले आर्थिक मदद मिलने से परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत होती है और त्योहार की खुशियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ’’“विष्णु भैया ने हमें रक्षाबंधन के पहले ही उपहार दे दिया।”’’ उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। नियमित किस्त मिलने से महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग कर पा रही हैं और परिवार के लिए भी आर्थिक सहयोग दे रही हैं। अभिषेक कुमार पाण्डेय संवाददाता बिलासपुर छत्तीसगढ़ Hamar pradesh CG
रायपुर - छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का बड़ा बयान - TET के मुद्दे पर शासन से होगी दो-दो हाथ*
*रायपुर - छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का बड़ा बयान - TET के मुद्दे पर शासन से होगी दो-दो हाथ* *गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।* TET परीक्षा को लेकर प्रदेश के शिक्षकों में गहरा आक्रोश है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर आज छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और डीपीआई को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपेगा। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी और संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने बताया कि यह मामला केवल परीक्षा का नहीं, बल्कि हजारों शिक्षकों के सेवाकाल, सेवाशर्त और सेवा सुरक्षा से जुड़ा है। *सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन कर तैयार किया प्रतिवेदन* फेडरेशन की टीम ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के आदेशों का बारीकी से अध्ययन किया है। इसके साथ ही RTE 2009 व 2017, NCTE के दिशा-निर्देशों और भर्ती-पदोन्नति नियमों से जुड़े सभी दस्तावेजों को संकलित कर शासन के समक्ष रखा जाएगा। *कानूनी लड़ाई के साथ सड़क की लड़ाई के लिए भी तैयार* संगठन ने स्पष्ट किया कि मामला पूरी तरह कानूनी है, इसलिए इसका जवाब कानूनी तथ्यों के साथ दिया जाएगा। लेकिन न्यायोचित समाधान के लिए शासन पर प्रभावी दबाव बनाना भी जरूरी है। इसके लिए फेडरेशन द्विपक्षीय रणनीति पर काम करेगा - एक तरफ कानूनी लड़ाई और दूसरी तरफ प्रदेशव्यापी शिक्षक एकजुटता। *"हमारा अस्तित्व - हमारा स्वाभिमान"* फेडरेशन ने अपने संदेश में कहा, "शासकीय सेवकों में सबसे बड़ी संख्या शिक्षकों की है। प्रदेश में कोई भी बड़ा आंदोलन हमारी भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता। आज हमारे अस्तित्व पर संकट है। समय आ गया है कि हम 'हमारा अस्तित्व - हमारा स्वाभिमान' के नारे के साथ एकजुट हों।" संगठन ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से "उठो, जागो और संघर्ष करो" का आह्वान किया है। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता 2026 का आयोजन* *रेल परिवार के 221 खिलाड़ियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग, स्कूली बच्चों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने दिखाया शतरंज का हुनर*
*दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता 2026 का आयोजन* *रेल परिवार के 221 खिलाड़ियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग, स्कूली बच्चों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने दिखाया शतरंज का हुनर* बिलासपुर, 23 अगस्त 2026 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे खेल संघ द्वारा आज बिलासपुर के रेल ऑडिटोरियम क्लब में वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता 2026 (प्रथम वर्ष) का भव्य आयोजन उत्साह एवं खेल भावना के साथ किया गया। प्रतियोगिता में रेलवे परिक्षेत्र स्थित विभिन्न स्कूलों के बच्चों, रेल परिवार के सदस्यों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों सहित कुल 221 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी शतरंज प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रातः श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एवं श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, अध्यक्षा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन (सेक्रो) ने किया। इस अवसर पर श्री विजय कुमार साहू, अपर महाप्रबंधक, श्री मनीष अग्रवाल, प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर एवं अध्यक्ष, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे खेल संघ सहित रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों के लिए अंडर 07, 7–9 वर्ष, 9–11 वर्ष, 11–13 वर्ष तथा 13–15 वर्ष आयु वर्ग निर्धारित किए गए थे। इन आयु वर्गों में बालक एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में ओपन श्रेणी में प्रथम स्थान वेदांत जायसवाल, द्वितीय स्थान गीतांश साहू तथा तृतीय स्थान संबोधि सिंह ने प्राप्त किया। ओपन श्रेणी में शीर्ष 10 खिलाड़ियों को स्थान प्रदान किया गया। इसके साथ ही महिला, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक श्रेणियों में भी खिलाड़ियों ने भाग लिया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। महिला वर्ग में अनुकृति कुमारी, बिंदा देवी एवं अर्चना गुप्ता ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। दिव्यांग वर्ग में साध्या केशरवानी प्रथम एवं संदीप कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी स्कूली बच्चों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं में शतरंज के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ खेल के माध्यम से एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन एवं निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करना रहा। सायंकाल आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रधान मुख्य भंडार प्रबंधक श्री ए. के. मेश्राम एवं श्री समीरकांत माथुर, उप महाप्रबंधक (सा.) एवं संयुक्त सचिव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे खेल संघ की गरिमामयी उपस्थिति में विजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास करते हुए बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे खेल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता ने रेलवे परिवार के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाते हुए खेल, सहभागिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ शतरंज जैसे बौद्धिक खेल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। ****** अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ Hamar pradesh CG
ग्राउंड जीरो पर कलेक्टर: जांजगीर-नैला में स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण, बिना सेग्रीगेशन कचरा देने वाले दुकानदारों पर लगेगा जुर्माना
ग्राउंड जीरो पर कलेक्टर: जांजगीर-नैला में स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण, बिना सेग्रीगेशन कचरा देने वाले दुकानदारों पर लगेगा जुर्माना खोखरा एसएलआरएम सेंटर में डंपिंग पर लगाई पूर्ण रोक; स्वच्छता दीदियों के लिए सुरक्षा किट और हेल्थ कैंप के दिए निर्देश जांजगीर-चांपा। जांजगीर-नैला नगर पालिका क्षेत्र में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने रविवार को खुद फील्ड में उतरकर कमान संभाली। उन्होंने खोखरा सहित वार्ड क्रमांक 01, 04 और 18 स्थित एसएलआरएम (मणिकंचन) केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जारी अहम निर्देश * खोखरा सेंटर में डंपिंग पर रोक: कलेक्टर ने खोखरा एसएलआरएम सेंटर में कचरे की अनियंत्रित डंपिंग तुरंत बंद कराने और पहले से जमा कचरे का शासन के नियमों के अनुसार वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण करने का सख्त आदेश दिया। * दुकानदारों पर जुर्माना: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बाजारों से केवल अलग-अलग (पृथक) किया हुआ कचरा ही लेने के निर्देश दिए। बिना सेग्रीगेशन के कचरा देने वाले दुकानदारों को पहले चेतावनी और फिर सीधे जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। * सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने वालों पर एक्शन: सड़कों और नालियों में कचरा फेंकने की आदत पर रोक लगाने के लिए नियमित पेट्रोलिंग और चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता दीदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता कलेक्टर ने एसएलआरएम केंद्रों में काम कर रही स्वच्छता दीदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए: * सुरक्षा उपकरण: सभी स्वच्छता कर्मियों को ग्लव्स, मास्क, सेफ्टी शूज और जरूरी सुरक्षा किट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। * स्वास्थ्य शिविर: स्वच्छता दीदियों और फील्ड स्टाफ के लिए विशेष रूटीन हेल्थ चेकअप कैंप आयोजित किए जाएं। वार्ड 18 में डोर-टू-डोर व्यवस्था का मुआयना, नागरिकों से की अपील वार्ड क्रमांक 18 में घर-घर कचरा संग्रहण का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने नागरिकों से शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग मांगा। उन्होंने अपील की कि हर परिवार अपने घर से निकलने वाले कचरे को निर्धारित चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर ही नगर पालिका की कचरा गाड़ी को सौंपे। > उपस्थिति: निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवा गढ़ेवाल, उपाध्यक्ष मोहन यादव, पार्षद दिनेश राठौर और एसडीएम सुब्रत प्रधान सहित प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
जशपुर पुलिस का महा-अभियान: 1 दिन में 358 स्थानों पर 30,444 लोगों को दिया साइबर सुरक्षा का मंत्र
जशपुर पुलिस का महा-अभियान: 1 दिन में 358 स्थानों पर 30,444 लोगों को दिया साइबर सुरक्षा का मंत्र DIG व SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने NES कॉलेज में विद्यार्थियों को सिखाए डिजिटल सुरक्षा, ट्रैफिक रूल्स और करियर के गुर जशपुर। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए जशपुर पुलिस ने जिलेभर में रिकॉर्ड 'साइबर जागृति अभियान' चलाया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 22 अगस्त को जिले के सभी 14 थाना क्षेत्रों के 358 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें रिकॉर्ड 30,444 नागरिक व विद्यार्थी जुड़े। प्रमुख बिंदु: * NES कॉलेज में SSP की पाठशाला: DIG एवं SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने विद्यार्थियों को OTP, UPI PIN या पासवर्ड किसी से साझा न करने और अनजान लिंक से बचने की सलाह दी। साथ ही ट्रैफिक नियमों और करियर निर्माण के लिए अनुशासन और निरंतर मेहनत के टिप्स दिए। * गर्ल्स कॉलेज में ASP ने किया जागरूक: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने छात्राओं को सोशल मीडिया सेफ्टी और ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। * ‘साइबर सेल्फी’ अभियान: "मैं जागरूक हूं, आप भी जागरूक बनें" संदेश के तहत युवाओं को QR कोड स्कैन कर सेल्फी फ्रेम के जरिए सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। थाना क्षेत्रवार प्रमुख आंकड़े (टॉप 5 थाने) | थाना क्षेत्र | जुड़े सदस्य | |---|---| | जशपुर | 3,510 | | बगीचा | 3,186 | | पत्थलगांव | 3,132 | | तपकरा | 2,975 | | कांसाबेल | 2,569 | > SSP की अपील: "प्रत्येक नागरिक खुद जागरूक बने और कम से कम 5 से 10 अन्य लोगों को भी सतर्क करे, ताकि एक सुरक्षित समाज का निर्माण हो सके।" अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
डॉक्टर बनने का सपना लेकर निकले थे अमर अग्रवाल, पिता के संस्कारों ने बनाया सियासत का माहिर खिलाड़ी
डॉक्टर बनने का सपना लेकर निकले थे अमर अग्रवाल, पिता के संस्कारों ने बनाया सियासत का माहिर खिलाड़ी बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री ने खोले जिंदगी के कई अनछुए पन्ने; प्रशासनिक दक्षता, स्वास्थ्य क्रांति और अरपा नदी पर रखी बेबाक राय बिलासपुर। कभी डॉक्टर बनने की चाह रखने वाले अमर अग्रवाल आज छत्तीसगढ़ की राजनीति के उन कद्दावर चेहरों में गिने जाते हैं, जिनकी पहचान उनके प्रशासनिक कौशल और निर्णय लेने की गति से है। बिलासपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना' कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने अपने छात्र जीवन से लेकर 15 साल तक कैबिनेट मंत्री रहने के सफर को खुलकर साझा किया। उन्होंने दो टूक कहा— "जो काम नहीं आता, उसे सीखने में झिझक कैसी? सीखना मेरी आदत भी है और जुनून भी।" घर से मिली राजनीति की पहली तालीम अमर अग्रवाल ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता स्व. लखीराम अग्रवाल को दिया। उन्होंने कहा कि उनके घर पर सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे और राजमाता सिंधिया जैसे दिग्गजों का आना-जाना था। पिता ने कभी पीए (निजी सहायक) तक नहीं रखा और सादगी से काम किया। पिता के साथ हाथ बंटाते-बंटाते राजनीति की बारीकियां खुद-ब-खुद समझ में आने लगीं। सफर: साइंस कॉलेज से लेकर कैबिनेट तक * शुरुआती पढ़ाई: 22 सितंबर 1963 को खरसिया में जन्म के बाद बिलासपुर में बायोलॉजी पढ़ी। रायपुर के साइंस कॉलेज और फिर दुर्ग होते हुए बिलासपुर के सीएमडी कॉलेज से बीकॉम किया। * सियासी एंट्री: छात्र राजनीति के बाद 1996 में भाजयुमो जिलाध्यक्ष बने। * चुनावी जीत: 1998 में पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 2003 से लगातार सत्ता और संगठन में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। नार्वे के मॉडल से छत्तीसगढ़ में दौड़ी ‘108’ और ‘102’ स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल को याद करते हुए अमर अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य ढांचे को समझने के लिए वे विदेश गए थे। नार्वे में अध्ययन के दौरान यह समझ आया कि केवल डॉक्टर बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि आपातकालीन प्रबंधन सबसे अहम है। इसी सोच से छत्तीसगढ़ में संजीवनी 108 और महतारी 102 जैसी जीवनरक्षक एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत हुई, जिसने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह बदल दिया। फाइल समझने से 1 घंटे में 100 फाइलों के निपटारे तक प्रशासनिक अनुभव पर बात करते हुए उन्होंने एक दिलचस्प वाकया सुनाया: * पहली फाइल का डर: जब पहली बार वित्त और उद्योग मंत्रालय मिला, तो फाइल निपटाने का नियम तक नहीं पता था। * सीखने का जज्बा: पहली बार ध्वजारोहण से पहले तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को बंगले बुलाकर परेड और सलामी का प्रोटोकॉल सीखा। * वर्क एफिशिएंसी: लगातार अध्ययन और कार्यप्रणाली समझने के बाद हालात ऐसे बने कि वे एक घंटे में 100-100 फाइलों का निपटारा करने लगे। अरपा और शहर के विकास पर स्पष्ट रुख * अरपा नदी का दर्द: उन्होंने कहा कि अरपा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ हुई है। शिवघाट और पचरीघाट जैसे प्रोजेक्ट बनने के बावजूद पानी रोकने की समस्या बरकरार है, जिस पर उन्होंने लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई थी। * 30 साल का मास्टरप्लान: बिलासपुर के अगले तीन दशकों की जरूरतों को देखते हुए मास्टरप्लान पारित कराया गया है, जिसका जमीनी असर अगले 5 वर्षों में दिखाई देगा। खानपान: शुद्ध शाकाहारी, भजिया-चटनी से लेकर थाई फूड के शौकीन बातचीत के दौरान उन्होंने अपने निजी जीवन के हल्के-फुल्के पहलू भी साझा किए। अमर अग्रवाल ने बताया कि वे पूरी तरह शाकाहारी हैं। उन्हें बिलासपुर की स्थानीय भजिया-चटनी जितनी पसंद है, उतना ही वे जापानी, इटालियन और थाई वेज फूड भी चाव से खाते हैं। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ Hamar pradesh CG
ऑटो की मनमानी पार्किंग से बस स्टैंड की यातायात व्यवस्था प्रभावित
ऑटो की मनमानी पार्किंग से बस स्टैंड की यातायात व्यवस्था प्रभावित बगीचा बस स्टैंड परिसर में ऑटो चालकों द्वारा मनमाने तरीके से वाहन खड़े किए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यात्रियों, आम नागरिकों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुवार और रविवार को साप्ताहिक बाजार लगने के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। बाजार के दिनों में ऑटो चालक निर्धारित स्थान पर वाहन खड़े करने के बजाय बस स्टैंड परिसर में जहां-तहां ऑटो खड़े कर देते हैं। इससे अक्सर जाम जैसी स्थिति बन जाती है और पैदल यात्रियों को भी आवागमन में परेशानी होती है। व्यस्त समय में वाहनों की संख्या बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से ऑटो पार्किंग के लिए निर्धारित व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने की मांग की है। रंजय सिन्हा की रिपोर्ट हमर प्रदेश सी जी
राज्य पुरस्कार जांच परीक्षा पूर्वाभ्यास शिविर 2026* *बिलासपुर में गाइड्स-रेंजर्स का हुआ विशेष प्रशिक्षण शिविर*
*राज्य पुरस्कार जांच परीक्षा पूर्वाभ्यास शिविर 2026* *बिलासपुर में गाइड्स-रेंजर्स का हुआ विशेष प्रशिक्षण शिविर* बिलासपुर, 22 अगस्त 2026/भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, जिला संघ बिलासपुर के तत्वावधान में जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त श्री अजय कौशिक एवं जिला मुख्य आयुक्त श्री राजेन्द्र साहू के निर्देशानुसार द्वितीय चरण में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल राजेंद्र नगर में ष्राज्य पुरस्कार जांच परीक्षा पूर्वाभ्यास शिविर 2026 का आयोजन किया गया। *शिविर का उद्देश्य* शिविर का मुख्य उद्देश्य आगामी राज्य पुरस्कार परीक्षा हेतु गाइड्स एवं रेंजर्स को दक्षतापूर्वक तैयार करना था। जिले की विभिन्न शालाओं से पहुंची गाइड्स-रेंजर्स ने शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान राज्य पुरस्कार के मापदंडों के अनुसार समस्त दक्षताओं का अभ्यास कराया गया तथा विशेषज्ञों द्वारा लॉगबुक की गहन जांच कर व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया गया। शिविर में जिला सचिव सुश्री लता यादव ने सेवा भाव और स्काउट-गाइड आंदोलन के मूल्यों पर विस्तार से चर्चा कर प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में प्राचार्य श्री एम.एल. पटेल का विशेष सहयोग रहा। *व्यावहारिक अभ्यास पर रहा जोर* बैज परीक्षकों द्वारा ध्वज शिष्टाचार, परेड, नॉट-टाइंग, गणवेश, सैल्यूट, ड्रिल, प्राथमिक चिकित्सा, स्काउट-गाइड नियम, प्रतिज्ञा, प्रार्थना, झण्डागीत, संस्कृति एवं विरासत, संकेत प्रणाली एवं प्रवेश से लेकर राज्य पुरस्कार से जुड़े अन्य विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। शिविर को सफल बनाने में बैज परीक्षक श्रीमती पुष्पा शर्मा, सस्मिता शर्मा, रत्ना दास, डॉ. भारती दुबे, रत्ना कश्यप, रागिनी चौधरी, अपर्णा सारखेल, स्वाति हार्डीकर, शीला शर्मा, संध्या तिवारी, रेवती साहू, सुनीता भास्कर, ममता यादव, निधि कश्यप एवं कौशल्या साहू ने सक्रिय भूमिका निभाई। *राज्यपाल पुरस्कार और बोनस अंक की जानकारी* शिविर संचालिका जिला संगठन आयुक्त (गाइड) डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि तृतीय सोपान परीक्षा में उत्तीर्ण होने के उपरांत ही राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयन होता है तथा इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाता है और उस शिक्षा सत्र की बोर्ड परीक्षा में 10 अंक बोनस के रूप में प्रदान किए जाते हैं। डॉ. पूनम सिंह ने कहा कि सभी गाइड्स-रेंजर्स आगामी परीक्षा को पूर्ण आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ दें। निरंतर अभ्यास के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और अनुशासन व सेवा भाव को सर्वाेपरि रखते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। डॉ पूनम सिंह ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार बिलासपुर संभाग की राज्य पुरस्कार जाँच परीक्षा 30 अगस्त से 03 सितंबर 2026 तक कोरबा जिले के जेलगांव स्थित आदिवासी विकास विभाग हॉस्टल भवन, एजुकेशन हब, सीपेट परिसर में आयोजित होगी, जिसमें चयनित गाइड्स-रेंजर्स शामिल होंगे। शिविर को सफल बनाने में सभी बैज परीक्षकों एवं विद्यालयीन स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ Hamar pradesh CG
*बालिकाओं की शिक्षा, नवाचार और नशामुक्ति के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा समाज : अमर अग्रवाल*
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ *बालिकाओं की शिक्षा, नवाचार और नशामुक्ति के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा समाज : अमर अग्रवाल* नगर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने शनिवार को अपने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर विद्यार्थियों एवं नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने दयालबंद स्थित स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके पश्चात गुजराती समाज भवन, टिकरापारा में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल होकर उपस्थित नागरिकों को संबोधित किया। *बालिकाओं के साथ किया संवाद - बेटी बचाओ आंदोलन से समाज की सोच में बदलाव आया है-अमर* सेजेस महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत बालिकाओं ने मुख्य अतिथि श्री अमर अग्रवाल से संवाद किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों से मिली प्रेरणा जीवन में सफलता का मूल मंत्र है। जो बच्चे अपने माता-पिता, परिवार और गुरुजनों के मार्गदर्शन में सीखने की प्रक्रिया में आगे बढ़ते हैं, वे किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष नीति-नियम प्रधानमंत्री, केंद्र और राज्य की सरकार ने बनाए हैं। बेटी बचाओ आंदोलन से समाज की सोच में बदलाव आया है, हर क्षेत्र में बालिकाएं निर्णायक भूमिका में आगे बढ़ रही हैं। बच्चों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बिलासपुर की जनता से मिला आशीर्वाद, प्रेम और स्नेह जीवन का टर्निंग पॉइंट है। बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन पर्यंत सीखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर हर व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में अविस्मरणीय योगदान दे सकता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि श्री अमर अग्रवाल ने एमएलबी महारानी लक्ष्मी बाई सेजेस कन्या शाला की बालिकाओं की छात्र कैबिनेट को शपथ दिलाते हुए विद्यालय के रखरखाव और संचालन में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सभाजनों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया। *इंस्पायर अवार्ड में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित बिल्हा की दो छात्राओं का सम्मान* इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित बिल्हा विकासखंड की दो छात्राओं कुमारी रेणुका धनुआर एवं कुमारी तृषा कमलेश का सम्मान मुख्य अतिथि श्री अमर अग्रवाल के हाथों किया गया। विकासखंड शिक्षा विभाग की ओर से दोनों छात्राओं को ₹5-₹5 हजार की नगद प्रोत्साहन राशि एवं मोमेंटो भेंट किया गया। उल्लेखनीय है कि सत्र 2024-25 में छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित 20 विद्यार्थियों में बिल्हा विकासखंड की दो छात्राएं शामिल हैं। देवरी खुर्द की कुमारी रेणुका धनुआर ने “वॉल माउंट स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम” मॉडल तैयार किया है, जो सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की स्थिति का पता लगाकर अलार्म के माध्यम से सचेत करता है। यह मॉडल स्वच्छता अभियान में उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं बिजौर की कुमारी तृषा कमलेश ने “वेदर गार्ड स्मार्ट बैग” बनाया है। सेंसर आधारित इस बैग में नमी या बारिश का संकेत मिलते ही जुड़ा हुआ छाता स्वतः खुल जाता है, जिससे किताबों एवं अन्य सामग्री को बारिश से बचाया जा सकता है। दोनों छात्राएं 4 सितंबर को रायपुर में राज्य स्तरीय मेंटरशिप प्रशिक्षण में अपने मॉडल प्रस्तुत करेंगी, जहां विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से इन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के अनुरूप और बेहतर बनाया जाएगा। इंस्पायर अवार्ड मानक भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, नवाचार एवं शोध के प्रति रुचि विकसित करना है। सत्र 2026-27 के लिए पंजीयन प्रारंभ है और अंतिम तिथि 15 सितंबर है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यालयों से पांच विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों का ऑनलाइन पंजीयन किया जाना है। विद्यालय परिवार की ओर से होम एग्जाम में विगत वर्ष सर्वोच्च अंक लाने वाली बालिकाओं को भी पुरस्कृत किया गया। महारानी लक्ष्मी कन्या शाला की बालिकाओं को साइकिल वितरित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरस्वती साइकिल वितरण योजना की शुरुआत की। इस योजना से विद्यालयों में बालिकाओं की उपस्थिति बढ़ी, ड्रॉपआउट दर में कमी आई और उन्हें निरंतर शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिले। उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए वर्ष 2004 से सरस्वती साइकिल वितरण योजना संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुंच आसान बनाना और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है। श्री अग्रवाल ने कहा कि बेटा और बेटी दोनों पढ़ेंगे, तभी परिवार शिक्षित और सशक्त बनेगा। शिक्षित बालिकाएं आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन का आधार भी है। उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें लैंगिक असमानता को समाप्त करने तथा बालक-बालिका दोनों को शिक्षा और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से ही समावेशी एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, पार्षद बंधु मौर्य, रंगा नादम, एल्डरमैन योगेश बोले, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य सहित शिक्षकगण, शाला विकास समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ Hamar pradesh CG
*रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन योजना की 30वीं किश्त, हितग्राही शकुन यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभार*
*रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन योजना की 30वीं किश्त, हितग्राही शकुन यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभार* बिलासपुर, 22 अगस्त 2026/महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना की 30 वीं किस्त की राशि मिलने पर भारतीय नगर निवासी हितग्राही श्रीमती शकुन यादव ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु भैया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि से बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा की जरूरतों और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। श्रीमती शकुन यादव ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के पहले ही महतारी वंदन योजना की राशि खाते में मिलने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई है। त्योहार के समय मिली आर्थिक सहायता से परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिली है। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है और वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को स्वयं पूरा करने में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
रिटायरमेंट के बाद मनमानी वसूली पर हाईकोर्ट का चाबुक: 4 साल पुराने मामले में पूर्व जेल अधीक्षक से वसूली का सरकारी फरमान रद्द, पेंशनरों के हक में बड़ा फैसला
रिटायरमेंट के बाद मनमानी वसूली पर हाईकोर्ट का चाबुक: 4 साल पुराने मामले में पूर्व जेल अधीक्षक से वसूली का सरकारी फरमान रद्द, पेंशनरों के हक में बड़ा फैसला बिलासपुर: सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवाकाल की पुरानी फाइलों में उलझाकर पेंशन और ग्रेच्युटी रोकने वाले महकमों को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने तगड़ा कानूनी झटका दिया है। एक अहम और नजीर बनने वाले फैसले में हाईकोर्ट ने रायपुर केंद्रीय जेल के पूर्व जेल अधीक्षक के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा जारी वित्तीय वसूली और विभागीय जांच के आदेश को सिरे से खारिज कर दिया है। कोर्ट ने दो टूक व्यवस्था दी कि रिटायरमेंट के चार साल से अधिक पुराने मामलों में न तो कोई नई विभागीय जांच बैठाई जा सकती है और न ही पेंशन फंड से वसूली की जा सकती है। क्या था विवाद? रायपुर सेंट्रल जेल के पूर्व जेल अधीक्षक जब सकुशल सेवानिवृत्त हो गए, तब विभाग ने उनके पुराने कार्यकाल की फाइलों को खंगालते हुए कथित प्रशासनिक व वित्तीय नुकसान का दावा ठोक दिया। विभाग ने रिटायरमेंट के लंबे अर्से बाद न केवल विभागीय जांच शुरू की, बल्कि वित्तीय क्षतिपूर्ति के नाम पर सीधे पेंशन लाभ से वसूली का तुगलकी फरमान जारी कर दिया। इसके खिलाफ पूर्व अधीक्षक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट में कानूनी दलीलें और 'नियम 9' का कवच याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए दलील दी गई कि शासन का यह कदम छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 9 का सीधा उल्लंघन है। नियमों के तहत: * किसी भी रिटायर्ड शासकीय सेवक पर ऐसी किसी घटना को लेकर जांच शुरू नहीं हो सकती, जो जांच शुरू होने की तारीख से 4 वर्ष से अधिक पुरानी हो। * सेवाकाल के दौरान जांच शुरू न होने की स्थिति में, सेवानिवृत्ति के बाद बिना सक्षम प्राधिकारी (राज्यपाल/शासन) की विधिवत अनुमति और समय-सीमा के कोई नई जांच नहीं चलाई जा सकती। अदालत का फैसला: मनमाना आदेश निरस्त, रोके गए लाभ तुरंत लौटाने के निर्देश मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने माना कि विभाग ने वैधानिक 4-वर्षीय समय-सीमा को ताक पर रखकर कार्रवाई की है, जो कानून की नजर में पूरी तरह अवैध है। अदालत ने तत्काल प्रभाव से वसूली आदेश को निरस्त करते हुए विभाग को आदेश दिया कि याचिकाकर्ता के रोके गए सभी पेंशनरी और सेवानिवृत्ति लाभ नियमानुसार अविलंब जारी किए जाएं। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख से प्रदेशभर के उन रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जो सेवामुक्ति के बाद भी पुरानी विभागीय जांचों की तलवार झेल रहे हैं। अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी