झारखंड से अवैध धान परिवहन करते दो पिकअप जब्त, दुलदुला प्रशासन की कार्रवाई तत्परता से पकड़ा गया अवैध धान परिवहन, मंडी निरीक्षक को प्रकरण तैयार करने के निर्देश
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमाà...
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दीपावली पर धमतरी पुलिस अलर्ट! गुंडा-बदमाशों पर पैनी नजर, शहर के संवेदनशील इलाकों में सघन पेट्रोलिंग
✍️ब्लॉक रिपोर्टर जयकिशन साहू हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज धमतरी। दीपावली पर्व पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धमतरी पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में असामाजिक तत्वों और गुंडा-बदमाशों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, शहर के विभिन्न वार्डों और संवेदनशील इलाकों में कोतवाली पुलिस एवं चीता स्क्वायड द्वारा सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस के इस विशेष अभियान के तहत रामबाग वार्ड, विंध्यवासिनी वार्ड, कोस्टापारा वार्ड, मराठापारा, कुम्हारपारा और गणेश चौक सहित अन्य क्षेत्रों में लगातार भ्रमण किया जा रहा है। खासकर अड्डेबाजी वाले स्थानों, सुनसान इलाकों और संदिग्ध गतिविधियों की आशंका वाले क्षेत्रों पर पुलिस की विशेष नजर है। पेट्रोलिंग के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक जमावड़ा लगाने वालों और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य त्योहार के दौरान संभावित अपराधों पर अंकुश लगाना और शहर में सुरक्षित एवं भयमुक्त माहौल बनाए रखना है। धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दीपावली की आड़ में अशांति फैलाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या आम नागरिकों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। शहर में पेट्रोलिंग और निगरानी का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं, पुलिस ने आम नागरिकों से दीपावली का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या अप्रिय घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है। धमतरी पुलिस का संदेश साफ है—त्योहार में शांति भंग करने वालों की खैर नहीं, आमजन की सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद है।
समाज कल्याण संचालनालय, रायपुर के निर्देशानुसार जिले में नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) 2026-27 अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग कार्ययोजना तैयार की गई है।
✍️✍️हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज कुणाल यादव जिला: जसपुर बगीचा ब्लॉक रिपोर्टर समाज कल्याण संचालनालय, रायपुर के निर्देशानुसार जिले में नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) 2026-27 अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग कार्ययोजना तैयार की गई है। जारी कार्ययोजना अनुसार अक्टूबर 2026 में युवाओं को खेल एवं अन्य गतिविधियों से जोड़ने, जनवरी 2027 के प्रथम पखवाड़े में विद्यालय/महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, मार्च में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्रों का मूल्यांकन, जुलाई में नशामुक्त कैम्पस की स्थापना तथा अगस्त 2027 में पुनः विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी विभागों को कार्यक्रम के दौरान NMBA लोगो, शुभंकर, QR कोड तथा MMS रजिस्ट्रेशन का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजित कार्यक्रमों की फोटो/वीडियो NMBA पोर्टल http://dosje.gov.in पर अपलोड करनी होगी तथा इसकी जानकारी जिला कार्यालय समाज कल्याण के व्हाट्सएप नंबर समाज कल्याण संचालनालय, रायपुर के निर्देशानुसार जिले में नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) 2026-27 अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग कार्ययोजना तैयार की गई है। जारी कार्ययोजना अनुसार अक्टूबर 2026 में युवाओं को खेल एवं अन्य गतिविधियों से जोड़ने, जनवरी 2027 के प्रथम पखवाड़े में विद्यालय/महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, मार्च में नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्रों का मूल्यांकन, जुलाई में नशामुक्त कैम्पस की स्थापना तथा अगस्त 2027 में पुनः विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी विभागों को कार्यक्रम के दौरान NMBA लोगो, शुभंकर, QR कोड तथा MMS रजिस्ट्रेशन का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजित कार्यक्रमों की फोटो/वीडियो NMBA पोर्टल http://dosje.gov.in पर अपलोड करनी होगी तथा इसकी जानकारी जिला कार्यालय समाज कल्याण के व्हाट्सएप नंबर 9009107019 पर प्रेषित की जाएगी पर प्रेषित की जाएग
नशामुक्त भारत अभियान अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन
✍️आशीष यादव ब्लॉक रिपोर्टर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज़। रतनपुर बिलासपुर छत्तीसगढ़ शरद पूर्णिमा पर कका पहाड़ के सिद्ध मुनि बाबा आश्रम में बंटेगी अमृत खीर, दमा एवं श्वास रोगियों के लिए होगा विशेष वितरण रविवार शाम सात बजे से भजन-कीर्तन और शास्त्रीय संगीत की महफिल, सोमवार तड़के चार से पांच बजे तक चलेगा खीर वितरण का कार्यक्रम रतनपुर। छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर के कका पहाड़ स्थित श्री सिद्ध मुनि बाबा आश्रम में शरद पूर्णिमा महोत्सव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी आश्रम में शरद पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया जाएगा। दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ रविवार, 25 अक्टूबर की शाम से होगा। इस दौरान भजन-कीर्तन, शास्त्रीय संगीत और गायन की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगी। वहीं, सोमवार, 26 अक्टूबर को तड़के सुबह चार से पांच बजे तक दमा एवं श्वास संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों के लिए पारंपरिक रूप से तैयार खीर का वितरण किया जाएगा। भजन-कीर्तन और शास्त्रीय संगीत से भक्तिमय होगी आश्रम की शाम श्री सिद्ध मुनि बाबा आश्रम के व्यवस्थापक शिव चैतन्य ब्रह्मचारी राजेश बाबा ने महोत्सव की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार शाम सात बजे से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन के साथ शास्त्रीय संगीत की विशेष प्रस्तुतियां दी जाएंगी। यह आयोजन पूरी रात चलेगा और सोमवार सुबह चार बजे तक जारी रहेगा। इस अवसर पर अंचल के प्रतिष्ठित संगीतज्ञ, गायक और कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति संगीत का आनंद प्रदान करेंगे। शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि में भक्ति गीतों, मधुर संगीत और ईश्वर की आराधना के बीच आश्रम परिसर आध्यात्मिक वातावरण से गुंजायमान रहेगा। शरद पूर्णिमा पर अमृत खीर वितरण रहेगा मुख्य आकर्षण शरद पूर्णिमा महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण सोमवार तड़के होने वाला खीर वितरण कार्यक्रम रहेगा। आश्रम के व्यवस्थापक शिव चैतन्य ब्रह्मचारी राजेश बाबा के अनुसार, सोमवार सुबह चार बजे से पांच बजे तक दमा एवं श्वास संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को खीर वितरित की जाएगी। आश्रम में वर्षों से शरद पूर्णिमा के अवसर पर खीर वितरण की परंपरा निभाई जाती रही है। इस परंपरा के प्रति लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालु खीर को आस्था और विश्वास के साथ ‘अमृत खीर’ के रूप में ग्रहण करते हैं। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी निर्धारित समय पर खीर वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। धार्मिक आस्था और परंपरा का अनूठा संगम भारतीय संस्कृति में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस अवसर पर अनेक स्थानों पर भगवान की आराधना, भजन-कीर्तन और खीर प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रतनपुर के कका पहाड़ स्थित श्री सिद्ध मुनि बाबा आश्रम में भी यह पर्व वर्षों से चली आ रही परंपरा और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। महोत्सव में भजन-कीर्तन, शास्त्रीय संगीत और खीर वितरण के माध्यम से धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। आश्रम में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताने और धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करेगा। राजेश बाबा ने श्रद्धालुओं से की महोत्सव में शामिल होने की अपील आश्रम के व्यवस्थापक शिव चैतन्य ब्रह्मचारी राजेश बाबा ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों एवं आम नागरिकों से शरद पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने का आग्रह किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से रविवार शाम आयोजित भजन-कीर्तन एवं शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में सहभागिता करने तथा सोमवार तड़के खीर वितरण कार्यक्रम में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने का अवसर है। सभी श्रद्धालु इस धार्मिक महोत्सव में सहभागी बनकर आयोजन की परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग करें। कब और कहां होगा आयोजन? - स्थान: श्री सिद्ध मुनि बाबा आश्रम, कका पहाड़, रतनपुर। - रविवार, 25 अक्टूबर: शाम सात बजे से भजन-कीर्तन एवं शास्त्रीय संगीत, सोमवार सुबह चार बजे तक। - सोमवार, 26 अक्टूबर: सुबह चार से पांच बजे तक दमा एवं श्वास संबंधी रोगों के लिए पारंपरिक रूप से वितरित की जाने वाली खीर का वितरण। विशेष सूचना: खीर वितरण धार्मिक एवं पारंपरिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। खीर को दमा या श्वास रोग का प्रमाणित उपचार नहीं माना जाना चाहिए। ऐसे रोगों से पीड़ित व्यक्ति चिकित्सक की सलाह और निर्धारित उपचार जारी रखें।
जशपुर से अब तक 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में किए प्रभु श्रीरामलला के दर्शन श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिल रहा
✍️हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज कुणाल यादव जिला: जसपुर बगीचा ब्लॉक रिपोर्टर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन कराए जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से जशपुर जिले के अब तक 3062 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसी कड़ी में योजना के 16वें चरण के तहत आगामी 27 अक्टूबर को भी विभिन्न जनपद पंचायत और नगर पंचायत से कुल 204 श्रद्धालु रवाना होंगे। जशपुर जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों, नगर पंचायतों एवं सियानगुड़ी के श्रद्धालुओं को भी अयोध्या दर्शन का लाभ ले चुके हैं।विगत दिवस जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगा राम भगत एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ शासन उठा रहा यात्रा का पूरा खर्च उल्लेखनीय है कि श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं के अयोध्या आने-जाने, ठहरने और भोजन की संपूर्ण व्यवस्था का खर्च छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाता है। इस योजना से श्रद्धालुओं को बिना आर्थिक बोझ के प्रभु श्री रामलला के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। सभी दर्शन प्राप्त कर चुके श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ स्टेट हेड रिपोर्टर- मनोज कुमार भट्ट कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के लिए कृषि समसामयिक सलाह में खड़ी फ़सल की अभी कटाई नहीं करने की अपील जगदलपुर, 25 अक्टूबर 2025/ दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक तीव्र चक्रवाती तूफान सक्रिय हो रहा है, जिसकी गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के आधार पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा प्रदेशभर के लिए विशेष मौसम चेतावनी और विस्तृत कृषि सलाह जारी की गई है। इस चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जिसके चलते रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है और आने वाले दिनों में ठंड का प्रभाव कम रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कहीं-कहीं 204 मिमी से अधिक भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही बालोद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, कांकेर, बीजापुर, कोण्डागांव और नारायणपुर में भारी से बहुत भारी, तथा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बस्तर में भारी वर्षा के खतरे को देखते हुए बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने प्रशासनिक अमले को पूरी तरह सतर्क रहने और स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि आमजन और किसानों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आगामी दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, कोण्डागांव, कांकेर, नारायणपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, कबीरधाम, बस्तर और बीजापुर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं 27 अक्टूबर को बस्तर, सुकमा और दंतेवाड़ा के अधिकांश इलाकों (76 से 100 प्रतिशत स्थान) तथा बालौदाबाजार-भाटापारा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बीजापुर के कई क्षेत्रों में वर्षा होगी, जबकि जशपुर, रायगढ़, रायपुर, सरगुजा, जांजगीर-चांपा और सक्ति में भी कुछ स्थानों पर बादल बरसेंगे। तूफान का असर 28 और 29 अक्टूबर को चरम पर रहेगा, जब प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होने और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। चक्रवात और तेज बारिश के मद्देनजर कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान सेवा निदेशालय ने किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय जारी किए हैं। कृषि विश्वविद्यालय ने सलाह दी है कि धान, दलहन और तिलहन की खड़ी फसल यदि पकने की स्थिति में है, तो आगामी दो से चार दिनों तक कटाई न करें, और जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें फौरन सुरक्षित व सूखे स्थानों पर रखें। खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की तुरंत व्यवस्था करने तथा उतेरा फसल (तिवरा या अलसी) और रबी की बुवाई को फिलहाल टालकर नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने को कहा गया है। इसके अलावा तेज हवाओं से बचाव हेतु करेला व लौकी जैसी लताओं के लिए स्टेकिंग करने, केले के पौधों को बांस का सहारा देने, ओलावृष्टि से बचाव के लिए जाली का उपयोग करने तथा मवेशियों को सूखे स्थानों पर रखने और वज्रपात के खतरे के कारण बारिश में पेड़ों के नीचे न जाने की स्पष्ट हिदायत दी गई है।
गरियाबंद में मौसम का अलर्ट 28-29 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की आशंका, गांव-गांव मुनादी के निर्देश
✍️हमरप्रदेश सीजी न्यूज जिला रिपोर्टर जगेश्वर पटेल गरियाबंद गरियाबंद। जिले में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आगामी दिनों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 27 अक्टूबर को सुकमा और दंतेवाड़ा तथा 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में वर्षा होने की संभावना जताई गई है। बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने वाला है, जिसके असर से छत्तीसगढ़ का मौसम प्रभावित होगा। संभावित खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा ने सभी विभागों को अलर्ट रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार रहे। गांव-गांव में कोटवारों के माध्यम से होगी मुनादी कलेक्टर रणबीर शर्मा ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि संभावित बारिश और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जाए। लोगों को अपनी फसलों, मवेशियों, घरों और अन्य संपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की जानकारी दी जाए। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाए। कंट्रोल रूम सक्रिय, निचले इलाकों पर विशेष नजर जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व, पुलिस, पंचायत, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयार रहने को कहा गया है। संभावित वर्षा को देखते हुए निचले क्षेत्रों, जलभराव वाले स्थानों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों की पहचान कर राहत एवं बचाव की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने तथा बांधों और जलाशयों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। यदि जल निकासी की जरूरत पड़ती है, तो प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते सूचना पहुंचाने और जनसुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया गया है। जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता कलेक्टर शर्मा ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा करने और मौसम संबंधी चेतावनियों की जानकारी आम नागरिकों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें तथा तेज हवाओं और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। जिला प्रशासन का उद्देश्य संभावित नुकसान को कम करना और आम नागरिकों के साथ-साथ फसल, मवेशियों एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
दिसंबर तक पूरे करने होंगे प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित आवास, प्रशासन सख्त
✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ दिसंबर तक पूरे करने होंगे प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित आवास, प्रशासन सख्त गोड़ीहारी, दानसरा और अचानकपाली में 256 आवास अधूरे, 8 से 10 दिनों में निर्माण शुरू करने के निर्देश; लापरवाही पर स्वीकृति निरस्त कर राशि वसूली की चेतावनी सारंगढ़–बिलाईगढ़, 25 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों को समय-सीमा में पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। दिसंबर 2026 तक लंबित आवासों का निर्माण पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए पंचायत सचिवों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और हितग्राहियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, निर्धारित समय में निर्माण शुरू नहीं करने वाले हितग्राहियों के आवास निरस्त करने और जारी राशि की वसूली की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार जनपद पंचायत सारंगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.एस. नायक ने ग्राम सालर में आसपास की 10 ग्राम पंचायतों के सचिवों की समीक्षा बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत, निर्माणाधीन और अपूर्ण आवासों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तीन पंचायतों में 256 आवास अधूरे, निर्माण में तेजी लाने के निर्देश समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत गोड़ीहारी, दानसरा और अचानकपाली में बड़ी संख्या में आवास अपूर्ण पाए गए। इनमें गोड़ीहारी के 93, दानसरा के 75 और अचानकपाली के 88 आवास शामिल हैं। इस तरह तीनों ग्राम पंचायतों में कुल 256 आवासों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नायक ने संबंधित पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि हितग्राहियों से संपर्क कर आगामी 8 से 10 दिनों के भीतर लंबित आवासों का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और सभी आवासों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम किया जाए। निर्माण शुरू नहीं किया तो होगी कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए करते हुए आवास निर्माण समय पर पूरा करना अनिवार्य है। निर्देशों के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध नियमानुसार आवास स्वीकृति निरस्त करने तथा जारी राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है। पंचायत सचिवों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने, हितग्राहियों की समस्याओं का समाधान कराने और आवास निर्माण की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तय समय-सीमा में लक्ष्य हासिल किया जा सके। जिला स्तर पर लगातार हो रही निगरानी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित समीक्षा के माध्यम से निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने और हितग्राहियों को आवास जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्वीकृत आवास समय पर पूरे हों और जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित एवं स्था यी आवास की सुविधा मिल सके।
प्रचंड चक्रवाती तूफान बनने की राह पर 'अर्नब', बस्तर में शुरू हुई हलचल
छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट 25 अक्टूबर 2026 हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ स्टेट हेड रिपोर्टर- मनोज कुमार भट्ट प्रचंड चक्रवाती तूफान बनने की राह पर 'अर्नब', बस्तर में शुरू हुई हलचल बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब तीव्र होकर प्रचंड चक्रवाती तूफान बनने की ओर अग्रसर है। मौसम विभाग के अनुसार यह अट्ठाईस अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा। इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में सत्ताईस अक्टूबर से मौसम में बड़ा बदलाव दिखेगा। राज्य में अट्ठाईस और उनतीस अक्टूबर को कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज होगी। बंगाल की खाड़ी में उठा तीव्र चक्रवाती तूफानआंध्र तट पर 28 अक्टूबर को होगा लैंडफॉलछत्तीसगढ़ में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी रायपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी हलचल अब एक बड़े चक्रवाती संकट का रूप ले रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पूर्व-मध्य एवं उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर स्थित अवदाब तेजी से गहन होकर प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदलने की दिशा में अग्रसर है। चक्रवात का व्यापक प्रभाव पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। चक्रवात बनने की स्थिति में इसका नाम अर्नब होगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 27 अक्टूबर से प्रदेश में मौसमी गतिविधियों में तीव्रता आएगी और 28 तथा 29 अक्टूबर को कई जिलों में मूसलाधार से अति भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इधर, मौसम प्रणाली में आए बदलाव के कारण जगदलपुर समेत बस्तर के कई इलाकों में हल्की हवा चलनी शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक बादलों की आवाजाही नहीं दिख रही है। छत्तीसगढ़ में 27 से 29 अक्टूबर तक वर्षा का अलर्ट आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में लैंडफॉल के बाद इस शक्तिशाली चक्रवात का सीधा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ेगा। चक्रवात के कारण समुद्र से आने वाली भारी नमी मध्य भारत की ओर बढ़ेगी। इसके चलते 27 अक्टूबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाने लगेंगे और हल्की से मध्यम वर्षा की शुरुआत होगी। इसके बाद 28 और 29 अक्टूबर को तूफान का सीधा असर दक्षिणी छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जिलों में देखने को मिलेगा। रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग में भी रहेगा असर इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी और दुर्ग जिलों में भी तेज अंधड़ के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली यह असमय वर्षा राज्य के किसानों के लिए एक गंभीर संकट बन सकती है। इस समय प्रदेश के अधिकांश मैदानी इलाकों में धान की फसल पक चुकी है और कई क्षेत्रों में कटाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तेज आंधी और भारी वर्षा से खेतों में खड़ी पकी फसल गिर सकती है, जिससे दानों के झड़ने और पानी में डूबकर खराब होने का खतरा है। कटी फसलें खुले इलाकों में न छोड़ें कृषि विभाग ने किसानों को आपातकालीन सलाह जारी करते हुए कहा है कि वे कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और उसे सुरक्षित स्थानों पर संग्रहित करें। साथ ही खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी नालियों को तुरंत साफ और सुगम बनाएं। आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक तंत्र सतर्क मौसम विभाग के अलर्ट के बाद राज्य प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। बस्तर और रायपुर संभाग के जिला कलेक्टरों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन दलों को स्टैंडबाय पर रखा गया है और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। बिजली विभाग और नगरीय निकायों को जलभराव व आपूर्ति बाधित होने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें। चक्रवाती तूफान की चाल और तट पार करने का समय मौसम बुलेटिन और उपग्रह चित्रों के अनुसार, 24 अक्टूबर को बना अवदाब 25 अक्टूबर को गहन अवदाब में तब्दील होकर पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ेगा। 26 अक्टूबर की सुबह यह चक्रवाती तूफान तथा 27 अक्टूबर की सुबह तक प्रचंड चक्रवाती तूफान बन जाएगा। 28 अक्टूबर की सुबह यह प्रणाली अति प्रचंड चक्रवाती तूफान बनकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचेगी और दोपहर तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तट पार करेगी। इस दौरान तटीय इलाकों में 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जो झोंकों में 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
बस्तर दशहरे में रिश्तों की आखिरी रस्म: देवी-देवताओं की विदाई
बस्तर दशहरे में रिश्तों की आखिरी रस्म: देवी-देवताओं की विदाई हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ स्टेट हेड रिपोर्टर- मनोज कुमार भट्ट जगदलपुर . 25 अक्टूबर . बस्तर दशहरा में देवी-देवताओं का स्वागत ही नहीं, उनकी विदाई भी खास होती है। 75 दिनों तक चलने वाले इस अनूठे महापर्व में गांव-गांव से आए देवी-देवता केवल धार्मिक अनुष्ठानों के सहभागी नहीं, बल्कि बस्तर के विशाल सांस्कृतिक परिवार का हिस्सा बनते हैं। पर्व के अंतिम चरण में होने वाली कुटुंब जात्रा इसी आत्मीय रिश्ते को निभाने का विधान है, जहां पूजा-अर्चना, पारंपरिक भेंट और सम्मान के साथ देवी-देवताओं को उनके गांवों के लिए विदा किया जाता है। शनिवार को नगर के गांधी स्कूल में बस्तर दशहरा की कुटुंब जात्रा का विधान बस्तर महाराजा कमलचंद्र भंजदेव की उपस्थिति में संपन्न हुआ। राजपरिवार की मौजूदगी इस आयोजन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ाव को रेखांकित करती है। बस्तर दशहरा में राजपरिवार की भूमिका लंबे समय से पर्व की परंपराओं और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रही है। बस्तर दशहरा की सबसे खास बात यह है कि इसका स्वरूप सिर्फ जगदलपुर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की आराधना तक सीमित नहीं है। बस्तर के विभिन्न गांवों से देवी-देवताओं के छत्र और डोलियां अपने पुजारियों तथा पारंपरिक सेवकों के साथ यहां पहुंचते हैं। उनकी सहभागिता इस महापर्व को पूरे अंचल की आस्था और परंपराओं का साझा मंच बनाती है। कुटुंब जात्रा में इन्हीं देवी-देवताओं को कुटुंब का सदस्य मानकर पूजा-अर्चना की जाती है। यह विधान बताता है कि बस्तर की परंपरा में देवी-देवताओं के बीच संबंध केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि गांवों और समुदायों को जोड़ने वाले सांस्कृतिक रिश्तों का भी प्रतीक हैं।कुटुंब जात्रा में आमंत्रित देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों और पुजारियों को पारंपरिक रूसूम यानी भेंट देकर सम्मानित किया जाता है। इसमें परंपरा के अनुसार वस्त्र, धनराशि और मिठाइयां शामिल हो सकती हैं। पूजा-अर्चना और सम्मान की रस्म पूरी होने के बाद छत्र और डोलियों को उनके गांवों के लिए विदा किया जाता है। इस विधान में बस्तर की उस परंपरा की झलक मिलती है, जिसमें अतिथि का स्वागत करना ही नहीं, बल्कि विदाई के समय भी सम्मान और आत्मीयता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।कुटुंब जात्रा में क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना भी जुड़ी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुरूप धार्मिक विधान पूरे किए जाते हैं और देवी-देवताओं की विदाई के साथ बस्तर दशहरा अपने समापन की ओर बढ़ता है। कुटुंब जात्रा का महत्व इसी भाव में छिपा है-75 दिनों तक चलने वाले महापर्व में गांवों से आए देवी-देवता बस्तर के सांस्कृतिक परिवार का हिस्सा बनते हैं और विदाई के समय भी उन्हें उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ लौटाया जाता है। यही परंपरा बस्तर दशहरा को केवल उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, रिश्तों और सामुदायिक एकता का अनूठा पर्व बनाती है।
रक्तदान शिविर
रिपोर्टर आनन्दगुप्ता हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ मुंगेली रक्तदान शिविर कल 26 अक्टूबर जरूरत मन्द लोगों को फ्री में ब्लड देने के लिए एवं दुर्घटना में घायल लोगों की मदद हेतु कल लोरमी के राजीव गांधी महाविद्यालय कॉलेज में बच्चों के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा जिसमें आप सभी रक्तदाता सादर आमंत्रित हैं शिविर में निःशुल्क ब्लड ग्रुप जाँच भी किया जायेगा सुबह 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक यह शिविर लोरमी कॉलेज में आयोजित होगा
# अब घर बैठे मिलेंगी शासकीय सेवाएं, सेवा सेतु पोर्टल से आसान होंगे सरकारी काम
✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ ### अब घर बैठे मिलेंगी शासकीय सेवाएं, सेवा सेतु पोर्टल से आसान होंगे सरकारी काम कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण, ऑनलाइन सेवाओं से समय और संसाधनों की होगी बचत सारंगढ़–बिलाईगढ़, 25 अक्टूबर 2026। आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ अब अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। राज्य शासन की सुशासन एवं डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने की मंशा के अनुरूप सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे नागरिकों को सरकारी कामकाज के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासकीय सेवाओं को डिजिटल माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के प्रयासों के तहत कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में 22 अक्टूबर को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सेवा सेतु पोर्टल का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं उपयोगकर्ता कर्मचारियों को पोर्टल में नई जोड़ी गई सेवाओं के संचालन और ऑनलाइन आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया समझाई गई। ### एक ही डिजिटल मंच पर मिलेंगी विभिन्न विभागों की सेवाएं सेवा सेतु पोर्टल का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से नागरिक संबंधित सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने, ऑनलाइन आवेदन करने और आवेदन की स्थिति जानने जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। पोर्टल के जरिए सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से आवेदन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। साथ ही अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम करने, पारदर्शिता बढ़ाने और आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इसका विशेष लाभ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को मिल सकता है। ### 10 विभागों के अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्कृति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, रेशम, तकनीकी शिक्षा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, खाद्य, खेल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नवीन ऑनलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। इस दौरान ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया, विभागीय स्तर पर उनके परीक्षण और निराकरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ पोर्टल के प्रभावी संचालन तथा नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने पर भी विशेष जोर दिया गया। ### पारदर्शी प्रशासन और समय की बचत पर जोर जिला प्रशासन का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाकर आम नागरिकों के समय और संसाधनों की बचत करना है। ऑनलाइन व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से नागरिकों को आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी और विभागीय कामकाज में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के कार्यालय प्रमुख एवं उपयोगकर्ता अधिकारी उपस्थित रहे। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से डिजिटल सेवाओं का विस्तार सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिससे शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
## चक्रवात का असर: 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना, सारंगढ़–बिलाईगढ़ प्रशासन अलर्ट मोड पर
✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ ### चक्रवात का असर: 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की संभावना, सारंगढ़–बिलाईगढ़ प्रशासन अलर्ट मोड पर ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने अधिकारियों को दिए सतर्कता के निर्देश, निचले इलाकों और नदी-नालों पर रहेगी विशेष निगरानी सारंगढ़–बिलाईगढ़, 25 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में चक्रवात के प्रभाव से आगामी 28 एवं 29 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना को देखते हुए सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संभावित वर्षा के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। ### आपदा से निपटने विभागों को मुस्तैद रहने के निर्देश मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से 27 अक्टूबर को सुकमा एवं दंतेवाड़ा तथा 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। संभावित मौसम को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने राजस्व, पुलिस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, विद्युत और जल संसाधन सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिला एवं तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने, मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही जलाशयों एवं बांधों के जलस्तर की नियमित निगरानी, जल निकासी की व्यवस्था तथा विद्युत आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य आपदा मोचन बल, नगर सेना और अन्य बचाव दलों के साथ समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों में देरी न हो। ### नदी-नालों से दूर रहें, मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लें कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें तथा अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। बारिश के दौरान नदी-नालों, जलभराव वाले स्थानों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार न करें। आंधी-तूफान एवं आकाशीय बिजली की स्थिति में पेड़ों, विद्युत खंभों और खुले स्थानों से दूर सुरक्षित जगह पर रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की गई है। वहीं, किसानों को खेतों एवं खुले स्थानों में रखी धान, कृषि उपज और अन्य जरूरी सामग्रियों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। ### जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आम नागरिकों तक समय पर आवश्यक सूचनाएं पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को देने की अपील भी की गई है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा है कि संभावित प्रतिकूल मौसम से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। नागरिकों की सुरक्षा और संभावित जनहानि को रोकना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।