Tuesday, October 27 2026
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₹1,193 करोड़ के ग्लोबल टेंडर पर बवाल! 500 से ज्यादा छत्तीसगढ़िया ठेकेदारों के रोजगार पर संकट, वाहन मालिक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

State Head - KISHOR_HP
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Hamar Pradesh Cg.com
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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) की ₹1,193.46 करोड़ की ग्लोबल निविदा को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ ने निविदा की पात्रता शर्तों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। संघ का दावा है कि निविदा में निर्धारित कड़ी शर्तों के कारण प्रदेश के 500 से अधिक स्थानीय ठेकेदार प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकते हैं, जिससे उनके रोजगार और आजीविका पर संकट खड़ा होने की आशंका है।

 

400 गाड़ियों और ₹360 करोड़ टर्नओवर की शर्त पर आपत्ति

 

संघ के अनुसार, CSPDCL की निविदा क्रमांक 18/1867, दिनांक 6 अक्टूबर 2026 में एक साथ 400 गाड़ियों के संचालन का अनुभव और लगातार लगभग ₹360 करोड़ के टर्नओवर जैसी पात्रता शर्तें रखी गई हैं। संगठन का कहना है कि इन शर्तों को पूरा करना छोटे और मध्यम स्तर के स्थानीय ठेकेदारों के लिए मुश्किल हो सकता है।

 

संघ ने आशंका जताई है कि मौजूदा शर्तों के चलते कुछ बड़ी कंपनियों को ही निविदा में भाग लेने का अवसर मिल पाएगा, जबकि वर्षों से विभागीय कार्य कर रहे स्थानीय वाहन मालिक प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकते हैं। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से इन शर्तों की आवश्यकता और औचित्य की समीक्षा करने की मांग की है।

 

प्रबंध निदेशक से मिले संघ के प्रतिनिधि

 

इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ के प्रतिनिधियों ने CSPDCL के डंगनिया कार्यालय में प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर स्थानीय ठेकेदारों की समस्याओं से अवगत कराया। संघ ने निविदा निरस्त करने और स्थानीय वाहन मालिकों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर देने की मांग रखी।

 

संगठन ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की भी बात कही है। संघ का कहना है कि प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों के हितों की रक्षा करना जरूरी है, ताकि लंबे समय से विभागीय सेवाएं दे रहे ठेकेदारों की आजीविका प्रभावित न हो।

 

बैंक ऋण, चालकों की नौकरी और परिवारों की आजीविका पर चिंता

 

संघ ने कहा कि कई स्थानीय वाहन मालिकों ने विभागीय कार्यों के लिए बैंक से ऋण लेकर गाड़ियां खरीदी हैं। वाहन की किस्त, बीमा, रखरखाव और चालकों के वेतन का खर्च नियमित रूप से उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि उन्हें काम नहीं मिलता, तो आर्थिक संकट गहरा सकता है।

 

संगठन के मुताबिक, इसका असर केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चालकों और परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो सकती है। संघ ने सरकार और बिजली कंपनी प्रबंधन से इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय ठेकेदारों के हितों को ध्यान में रखने की अपील की है।

 

मांग पूरी नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

 

छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहता है। हालांकि, मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

 

संघ की प्रस्तावित आंदोलन रणनीति के तहत पहले चरण में एक दिवसीय वाहन एवं TMC/FOC कार्य बंद कर विरोध दर्ज कराने की बात कही गई है। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर संगठन अनिश्चितकालीन वाहन एवं TMC/FOC कार्य बंद करने का निर्णय ले सकता है।

 

स्थानीय ठेकेदारों के हितों की रक्षा की मांग

 

संघ ने CSPDCL प्रबंधन, राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से निविदा क्रमांक 18/1867 की शर्तों की तत्काल समीक्षा कर निविदा निरस्त करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि निविदा प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें स्थानीय ठेकेदारों को भी अपनी क्षमता के अनुसार प्रतिस्पर्धा करने का उचित अवसर मिल सके।

 

अब देखना होगा कि स्थानीय वाहन मालिकों की मांगों पर बिजली कंपनी प्रबंधन और राज्य सरकार क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, इस निविदा को लेकर उठे सवालों के बीच स्थानीय ठेकेदारों की नजर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है।

 

ब्लॉक रिपोर्टर जयकिशन साहू 

हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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