✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायपुर। छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य के साथ राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता अभियान के तहत साक्षरता पखवाड़ा शुरू किया गया है। यह अभियान 1 से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में चलाया जा रहा है।
अभियान के तहत 2 सितंबर से ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों की पहचान के लिए घर-घर सर्वेक्षण शुरू किया गया है। इस दौरान असाक्षर लोगों के साथ-साथ उन्हें पढ़ाने के लिए इच्छुक स्वयंसेवी शिक्षकों की भी पहचान की जा रही है।
🎓 विद्यार्थियों को मिलेगा बोनस अंक का लाभ
साक्षरता अभियान में स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी यदि 10 निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने में सहयोग करते हैं, तो उन्हें स्थानीय परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में 10 बोनस अंक दिए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना और प्रदेश के निरक्षर लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
🏠 घर-घर सर्वेक्षण से होगी पहचान
सर्वेक्षण के माध्यम से 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जो अभी तक पढ़ने-लिखने में सक्षम नहीं हैं। इसके बाद उन्हें साक्षर बनाने के लिए स्वयंसेवी शिक्षकों और अभियान से जुड़े लोगों की मदद ली जाएगी।
शासन की इस पहल से जहां विद्यार्थियों को बोनस अंकों का लाभ मिलेगा, वहीं समाज में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने में भी उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित होगी।
उल्लास नव भारत साक्षरता अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए साक्षरता को जनआंदोलन का रूप देना है।
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