✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर – किशोर कुमार
मैनपुर/गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सागौन की अंतरराज्यीय तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तस्करों ने फिल्म ‘पुष्पा’ की तर्ज पर सागौन के भारी लट्ठों को नदी के तेज बहाव के सहारे ओडिशा पहुंचाने की योजना बनाई थी। वन विभाग की सतर्कता और निगरानी के चलते तस्करी की इस योजना का खुलासा हुआ।
वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि मामले में तीन अन्य आरोपियों के फरार होने की जानकारी सामने आई है।
गश्त के दौरान मिला सागौन का ताजा ठूंठ
मामले की शुरुआत 22 अगस्त को हुई। उत्तर उदंती परिक्षेत्र के कुर्रुभाटा बीट स्थित कक्ष क्रमांक-03 में वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान उदंती नदी के किनारे सागौन के पेड़ का ताजा कटा हुआ ठूंठ मिला।
आसपास तलाशी लेने पर नदी में अर्जुन के पेड़ की जड़ों से रस्सी के सहारे बांधा गया सागौन का भारी लट्ठा बरामद हुआ। तस्करों ने लट्ठे को पानी में छिपाकर रखा था।
निगरानी में आए दो संदिग्ध
26 अगस्त को वन विभाग की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति लट्ठे के आसपास घूमते हुए दिखाई दिए। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान बरगांव, मैनपुर निवासी भोजलाल नागेश और गंगाराम विश्वकर्मा के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि सागौन के लट्ठों को आपस में बांधकर अस्थायी बेड़ी बनाई जाती थी। इसके बाद नदी के बहाव के सहारे इन्हें ओडिशा पहुंचाने की योजना थी।
ओडिशा तक फैला था नेटवर्क
जांच आगे बढ़ने पर मामले में ओडिशा निवासी शोभाचंद्र नायक की भूमिका सामने आई। गरियाबंद पुलिस के सहयोग से वन विभाग की टीम ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। वन विभाग के अनुसार, शोभाचंद्र पहले भी वन अपराधों में वांछित रहा है।
आरोपियों की निशानदेही पर हाथ आरा, साल की चिरान और करीब 0.95 घनमीटर सागौन की लकड़ी जब्त की गई है।
तीन आरोपी जेल भेजे गए
वन विभाग ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को CJM गरियाबंद के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले में फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
वन विभाग की इस कार्रवाई से जंगल से कीमती लकड़ी की तस्करी करने वाले गिरोह में हड़कंप मचा है। अधिकारियों का कहना है कि वन क्षेत्र में निगरानी और गश्त को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि ऐसी तस्करी की कोशिशों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।
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