✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में अनियमितताओं के मामलों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की समीक्षा के बाद संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) ने पांच पटवारियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण और राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी के आरोप
प्रशासनिक कार्रवाई की जद में जिले के अलग-अलग तहसील क्षेत्रों में पदस्थ पांच पटवारी आए हैं। इनमें बसना के उदय प्रकाश राजपूत को डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है। वहीं, सरायपाली के पटवारी जितेंद्र सिंह बाघ पर शासकीय जमीन को दूसरे कृषक के नाम दर्ज करने का आरोप है।
इसी तरह महासमुंद के पटवारी हरीश चंद्राकर के खिलाफ खसरे की वास्तविक स्थिति छिपाकर दोबारा नामांतरण करने के मामले में कार्रवाई की गई है। वहीं, बागबाहरा के पटवारी कंचन साहू और लुकेश यादव को डिजिटल फसल सर्वेक्षण के दौरान भौतिक सत्यापन नहीं करने के कारण निलंबित किया गया है।
नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं, फिर हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, संबंधित पटवारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और राजस्व कार्यों में अनियमितताओं को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि में तहसील कार्यालय रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान सभी संबंधित पटवारियों का मुख्यालय निर्धारित तहसील कार्यालय रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही पर जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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