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DGP-IGP कॉन्फ्रेंस के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में नई पहल, IPS अफसरों ने गोद लिए थाने DGP अरुण देव गौतम संभालेंगे रतनपुर थाने की कमान, बीट पुलिसिंग और जनसंवाद पर रहेगा जोर

abhishek@hamarpradeshcg
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DGP-IGP कॉन्फ्रेंस के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में नई पहल, IPS अफसरों ने गोद लिए थाने     DGP अरुण देव गौतम संभालेंगे रतनपुर थाने की कमान, बीट पुलिसिंग और जनसंवाद पर रहेगा जोर

रिपोर्ट अभिषेक कुमार पाण्डेय,स्टेट रिपोर्टर, छत्तीसगढ़ 

बिलासपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अलग-अलग थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पहल पिछले वर्ष नया रायपुर में आयोजित 60वीं अखिल भारतीय DGP-IGP कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।

 

इस व्यवस्था के तहत राज्य के 125 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग थाने गोद लेने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस मुख्यालय स्तर के ये अधिकारी अब अपने-अपने गोद लिए गए थानों की कार्यप्रणाली, पुलिसिंग व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेंगे।

 

DGP अरुण देव गौतम ने रतनपुर थाना गोद लिया

 

इस पहल में सबसे खास बात यह है कि डीजीपी अरुण देव गौतम ने बिलासपुर जिले के रतनपुर थाने को गोद लिया है। इससे रतनपुर क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार और निगरानी को लेकर विशेष उम्मीदें जुड़ी हैं।

 

इसके अलावा एआरपी कल्लूरी को कोतवाली बस्तर, प्रदीप गुप्ता को तुमगांव महासमुंद, विवेकानंद को चारामा कांकेर, दीपांशु काबरा को कोतवाली अंबिकापुर, अमित कुमार को लालबाग राजनांदगांव, पुलिस कमिश्नर डॉ. आनंद छाबड़ा को घरघोड़ा रायगढ़ तथा ओपी पाल को बिलाईगढ़ सारंगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है।

 

बीट पुलिसिंग होगी प्राथमिकता

 

थाना गोद लेने की इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीट पुलिसिंग को मजबूत करना और पुलिस की जमीनी मौजूदगी बढ़ाना है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में बीट स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों, नए लोगों की आवाजाही और अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

 

इसके साथ ही पुलिस-जन संवाद और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। थानों में रिकॉर्ड संधारण, मालखाने की व्यवस्था, लंबित अपराधों और शिकायतों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

पुलिस कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनकी कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

 

इन वरिष्ठ अधिकारियों को मिली थानों की जिम्मेदारी

 

- अरुण देव गौतम — रतनपुर, बिलासपुर

- एआरपी कल्लूरी — कोतवाली, बस्तर

- प्रदीप गुप्ता — तुमगांव, महासमुंद

- विवेकानंद — चारामा, कांकेर

- दीपांशु काबरा — कोतवाली, अंबिकापुर

- अमित कुमार — लालबाग, राजनांदगांव

- डॉ. आनंद छाबड़ा — घरघोड़ा, रायगढ़

- ओपी पाल — बिलाईगढ़, सारंगढ़

- अजय यादव — पथरिया, मुंगेली

- संजीव शुक्ला — टिकरापारा, रायपुर

- अमरेश मिश्रा — हदहद/हदबंद, बलौदाबाजार

- बीएन मीणा — गुंडरदेही, बालोद

- रामगोपाल गर्ग — डभरा, सक्ती

- अजातशत्रु सिंह — कोतवाली, महासमुंद

 

थाना स्तर की पुलिसिंग से सीधे जुड़ेंगे वरिष्ठ अधिकारी

 

इस पहल के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे थाना स्तर की पुलिसिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया है। माना जा रहा है कि इससे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग की गुणवत्ता और जवाबदेही में सुधार आएगा।

 

साथ ही जनता के साथ पुलिस के संवाद को बेहतर बनाने, थानों की व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने और उनका समयबद्ध निराकरण करने में भी मदद मिलेगी।

 

रतनपुर थाने की जिम्मेदारी खुद डीजीपी अरुण देव गौतम के पास होने से अब इस व्यवस्था पर विशेष नजर रहेगी। इससे रतनपुर क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, बीट पुलिसिंग, शिकायतों के निराकरण और पुलिस-जन संवाद को लेकर नई पहल की उम्मीद की जा रही है।

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abhishek@hamarpradeshcg

Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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