अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़
SECL कुसमुंडा में रोजगार को लेकर फिर भड़का असंतोष, भूविस्थापितों ने दी आंदोलन की चेतावनी
KNR और सोनू-मोनू कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग, 3 और 7 सितंबर को कामबंद आंदोलन का ऐलान
कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में रोजगार के मुद्दे को लेकर भूविस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों का असंतोष एक बार फिर सामने आया है। कुसमुंडा क्षेत्र से जुड़े कई गांवों के बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग को लेकर KNR कंपनी और सोनू-मोनू कंपनी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस संबंध में प्रबंधन समेत जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लिखित सूचना दी गई है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि यमदासी/यमदासी पाली, पड़निया, जटराज, सोनपुरी, खैरभावना, कनबेरी, गेवर्रा, रिस्दी और बड़ौरा सहित प्रभावित गांवों के भूविस्थापितों द्वारा रोजगार की मांग को लेकर 15 जुलाई 2026 को धरना-प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद 27 जुलाई को कुसमुंडा महाप्रबंधक के साथ बेरोजगार ग्रामीणों की बैठक हुई थी।
बैठक में मिला था भरोसा, लेकिन नहीं हुई आगे की कार्रवाई
आंदोलनकारियों का कहना है कि बैठक में आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह के भीतर KNR कंपनी और सोनू-मोनू कंपनी के एचओडी के साथ बैठक कर रोजगार से संबंधित समस्या का निराकरण किया जाएगा। लेकिन पत्र के अनुसार निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी ऐसी बैठक नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कुसमुंडा क्षेत्र के एपीएम से भी संपर्क किया, लेकिन ठोस आश्वासन नहीं मिला। दूसरी ओर कंपनियों में लगातार बाहरी लोगों की भर्ती प्रक्रिया चलने की बात कहते हुए स्थानीय भूविस्थापितों ने नाराजगी जताई है।
3 और 7 सितंबर को कामबंद आंदोलन की चेतावनी
लिखित सूचना के मुताबिक यदि स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की दिशा में जल्द पहल नहीं हुई तो आंदोलनकारी चरणबद्ध तरीके से कामबंद आंदोलन करेंगे।
- 3 सितंबर 2026, सुबह 8 बजे — KNR कंपनी में कामबंद आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन
- 7 सितंबर 2026, सुबह 8 बजे — सोनू-मोनू कंपनी में कामबंद आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन
भूविस्थापितों ने प्रबंधन से मांग की है कि प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मांग पूरी नहीं होने पर वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
स्थानीय रोजगार बनाम बाहरी भर्ती बना बड़ा मुद्दा
कुसमुंडा क्षेत्र में खनन परियोजनाओं से प्रभावित गांवों के लोगों के लिए रोजगार का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है। ऐसे में कंपनियों में बाहरी भर्ती की शिकायतों ने स्थानीय बेरोजगारों की नाराजगी और बढ़ा दी है। अब 3 और 7 सितंबर को प्रस्तावित आंदोलन से पहले एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित कंपनियों के सामने स्थानीय रोजगार का मुद्दा फिर बड़ी चुनौती बनकर खड़ा हो गया है।
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रबंधन से समय रहते मामले का समाधान करने की मांग की है, ताकि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न न हो और क्षेत्र में कामकाज प्रभावित होने से बचाया जा सके।
Hamar pradesh CG
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