✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कापू पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने विवाद के बाद अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जला दिया और हड्डियों के अवशेष जमीन में दबा दिए। इसके बाद आरोपी ने पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।
पुलिस की जांच के दौरान आरोपी के बयान और व्यवहार में विरोधाभास सामने आए। परिजनों तथा अन्य लोगों से पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह पति पर गहराता गया। बाद में बरामद हड्डियों के अवशेष का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें उनकी पहचान मृतिका चमेली सिदार, उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
पुलिस के अनुसार 28 अप्रैल 2026 को ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार, उम्र 39 वर्ष, ने थाना कापू में अपनी पत्नी चमेली सिदार के 16 अप्रैल की रात घर से बिना बताए चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को देवानंद के बयानों और उसके व्यवहार में कई विरोधाभास मिले। इसके बाद पुलिस ने चमेली के मायके पक्ष और अन्य लोगों से पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का संदेह उसके पति की ओर मजबूत होता गया।
चार साल पहले किया था प्रेम विवाह
मृतिका के पिता बालसाय सिदार ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार साल पहले प्रेम संबंध के चलते देवानंद उसे अपने साथ कुमा ले गया था और दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। दोनों की कोई संतान नहीं थी।
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद 18 अप्रैल को देवानंद मक्कापुर स्थित उनके घर भी पहुंचा था और चमेली के वहां आने के संबंध में पूछताछ की थी। परिवार ने बताया कि चमेली वहां नहीं आई थी।
भाजी की सब्जी को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने को लेकर उसका पत्नी से विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने कथित तौर पर चमेली का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने शव को घर के आंगन में जलाया और हड्डियों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
डीएनए जांच से हुई मृतिका की पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग क्रमांक 45/2026 के तहत जांच शुरू की। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव की टीम ने विधिवत अनुमति लेकर एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद किए।
हड्डियों के नमूने का डीएनए परीक्षण कराया गया। डीएनए रिपोर्ट में अवशेषों की पहचान चमेली सिदार के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या के मामले में आगे की कार्रवाई की।
तीन दिन गांव के बाहर कैंप कर आरोपी को पकड़ा
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 23 अगस्त 2026 को आरोपी देवानंद सिदार के खिलाफ थाना कापू में हत्या और साक्ष्य छिपाने से संबंधित अपराध दर्ज किया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया। इसके बाद पुलिस टीम ने करीब तीन दिनों तक गांव के बाहर कैंप कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा।
लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर हत्या का अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक जांच जारी है।
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