✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, रैली निकालकर की नारेबाजी
गरियाबंद। जिले के आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। ग्राम गौरघाट, देहारगुड़ा, गिरहोला, आमागुड़ा, सिंहार और रामपारा सहित आसपास के ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर एकत्रित हुए और रैली निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क पर बने गड्ढों में धान के पौधों के साथ बेशरम के पौधे रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई।
तीन साल में बनी सड़क, पहले ही साल उखड़ने लगी
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण का काम 2018 में शुरू हुआ था और करीब तीन साल बाद पूरा हुआ। निर्माण पूरा होने के बाद महज पहले ही साल सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए।
ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से सड़क की खराब स्थिति की शिकायत की। उस दौरान उन्हें सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों का दावा है कि अब अधिकारियों की ओर से सड़क की पांच वर्ष की गारंटी अवधि समाप्त होने की बात कही जा रही है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।
दर्जनों गांवों के हजारों लोग प्रभावित
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान ही इसकी गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा गौरघाट, देहारगुड़ा, खामभाठा, गिरहोला, अचानपुर, सिंहार और रामपारा सहित आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक स्कूल संचालित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे आवागमन करते हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण विद्यार्थियों और ग्रामीणों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने दी चक्काजाम की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर शासन-प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बेहतर सड़क सुविधाओं के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर सड़क की हालत बेहद खराब है।
जर्जर सड़क के विरोध में ग्रामीणों द्वारा किए गए इस अनोखे प्रदर्शन ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया और मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद संबंधित विभाग सड़क की स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।
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