Tuesday, October 27 2026
ताज़ा ख़बरें

Loading...

आंसुओं से भीगी आंखें और भक्ति का ज्वार: जगदलपुर में सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, परीक्षित मोक्ष के साथ कथा का समापन; 'जीरो वेस्ट' बना मिसाल

State Head - State_head_abhishek
State Head - State_head_abhishek
57 Views 5 Min Read 0 Comments
आंसुओं से भीगी आंखें और भक्ति का ज्वार: जगदलपुर में सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, परीक्षित मोक्ष के साथ कथा का समापन; 'जीरो वेस्ट' बना मिसाल

आंसुओं से भीगी आंखें और भक्ति का ज्वार: जगदलपुर में सुदामा चरित्र सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, परीक्षित मोक्ष के साथ कथा का समापन; 'जीरो वेस्ट' बना मिसाल

जगदलपुर।

धरमपुरा स्थित एलआईसी रोड के सौंडिक भवन में गूंजती भागवत की पावन चौपाइयों और भजनों के बीच सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सातवां दिन आध्यात्मिक पराकाष्ठा का साक्षी बना। सोमवार को जब कथा व्यास श्री अनादि जी महाराज के मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम सखा सुदामा के मिलन का प्रसंग शुरू हुआ, तो पांडाल में उपस्थित हर श्रद्धालु की आंखें छलक पड़ीं। कथा के अंतिम चरण में सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित मोक्ष और श्री शुकदेव विदाई जैसे मर्मस्पर्शी प्रसंगों ने पूरे वातावरण को भक्ति और वैराग्य के रंग में रंग दिया।

सखा भाव और निष्काम भक्ति: जब सुदामा के चरण पखारने दौड़े द्वारकाधीश

कथा व्यास श्री अनादि जी महाराज ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान कभी धन, वैभव या रुतबा नहीं देखते, वे केवल निष्कपट प्रेम और समर्पण के भूखे होते हैं। जब फटेहाल सुदामा द्वारका पहुंचे, तो परमात्मा ने मर्यादा और राज-पाठ भूलकर नंगे पांव दौड़ते हुए अपने सखा को गले लगाया और आंसुओं से उनके चरण धोए। इसके साथ ही राजा परीक्षित के मोक्ष के प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संसार नश्वर है, और इस जीवन का अंतिम लक्ष्य केवल और केवल परमात्मा के चरणों में निष्काम भक्ति ही है। इसके साथ ही सात दिवसीय कथा-वाचन का विधिवत समापन हुआ।

आस्था के साथ प्रकृति की रक्षा: 'जीरो वेस्ट' कथा बनी सामाजिक नजीर

इस भव्य धार्मिक आयोजन की सबसे अनूठी और प्रेरणादायी बात इसका पर्यावरण-हितैषी स्वरूप रहा। आयोजकों ने पूरे पांडाल और व्यवस्था को 'जीरो वेस्ट' (Zero Waste) की थीम पर संचालित किया। सिंगल यूज प्लास्टिक या डिस्पोजल का पूर्ण बहिष्कार कर समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि धर्म और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।

कल सजेगा महाभंडारा: 9 बजे पूर्णाहुति, दोपहर 1 बजे से बंटेगा महाप्रसाद

सप्तम दिवस की कथा के उपरांत सौंडिक समाज द्वारा सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसाद की सुचारू व्यवस्था की गई। श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति, धरमपुरा ने जानकारी दी है कि:

 * 08 सितंबर (मंगलवार) को प्रातः 9:00 बजे: हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति का कार्यक्रम संपन्न होगा।

 * दोपहर 1:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक: सौंडिक भवन में भव्य भंडारा एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।

आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से सपरिवार पहुंचकर पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

 

 

अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़ 

हमर प्रदेश सी जी

State Head - State_head_abhishek
Written by

State Head - State_head_abhishek

Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in Business.

Comments (0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Latest Videos