✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
कबीरधाम/दुर्ग। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। कबीरधाम जिले के पंडरिया में असिस्टेंट पोस्टमास्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर 2.74 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया, जबकि दुर्ग में संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 5 लाख रुपये लेने का आरोप है। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पंडरिया में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 2.74 लाख की ठगी
कबीरधाम जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र में असिस्टेंट पोस्टमास्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख 74 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगी करने वाले व्यक्ति ने पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपकर नौकरी लगने का भरोसा दिलाया।
बाद में पीड़ित ने नियुक्ति पत्र की जांच कराई तो उसके फर्जी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने पंडरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने सक्ती जिले से आरोपी को पकड़ा
पुलिस जांच के दौरान आरोपी की पहचान पंकज टंडन, निवासी मल्दा कला, थाना हसौद, जिला सक्ती के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पीड़ित नंदलाल चन्द्राकर से पहले से जान-पहचान थी। इसी का फायदा उठाकर उसने जनवरी 2024 में पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगाने का झांसा दिया और अलग-अलग डिजिटल माध्यमों से 2 लाख 74 हजार रुपये लिए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर पीड़ित को सौंपा था और ग्राम सैनगुड़ा, थाना चिल्फी में नौकरी ज्वाइन करने का भरोसा दिलाया था।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर ठगी की रकम निजी खर्च में इस्तेमाल करने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ठगी में इस्तेमाल किए गए लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल और सिम को नष्ट कर फेंक दिया था। पुलिस ने बची हुई 2,000 रुपये की राशि जब्त की है।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना मालखरौदा, जिला सक्ती में पूर्व से अपराध दर्ज है।
बयान — भूपत सिंह, अनुविभागीय अधिकारी, पंडरिया।
दुर्ग में सरकारी नौकरी के नाम पर 5 लाख की ठगी
नौकरी के नाम पर ठगी का दूसरा मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 में संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से कुल 5 लाख रुपये लिए गए थे।
शिकायतकर्ता डी. सत्य साईं ने पुरानी भिलाई थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी शमीम खान ने शिकायतकर्ता और उसके परिचित सीएच बैकुंठ राव को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। आरोपी की बातों में आकर दोनों ने उसे कुल 5 लाख रुपये दे दिए।
बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों से जांच आगे बढ़ी
पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट, पैसों के लेनदेन से संबंधित वीडियो और लोन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। इन दस्तावेजों और पूछताछ से सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की कथित संलिप्तता की पुष्टि की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने रकम लेने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बयान — मणिशंकर चंद्रा, एएसपी, दुर्ग।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग और नियुक्ति प्रक्रिया की पूरी तरह पुष्टि करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं।
यदि कोई व्यक्ति नौकरी लगाने के नाम पर पैसे मांगता है या फर्जी नियुक्ति पत्र देता है, तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें।
दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के अधीन हैं।
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