Monday, October 26 2026
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कमीशन के लालच में बेचा ईमान: बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस का बड़ा धमाका, देशव्यापी ठगी के ₹4 करोड़ खपाने वाले 'म्यूल अकाउंट' सिंडिकेट के 6 गुर्गे दबोचे

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कमीशन के लालच में बेचा ईमान: बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस का बड़ा धमाका, देशव्यापी ठगी के ₹4 करोड़ खपाने वाले 'म्यूल अकाउंट' सिंडिकेट के 6 गुर्गे दबोचे

कमीशन के लालच में बेचा ईमान: बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस का बड़ा धमाका, देशव्यापी ठगी के ₹4 करोड़ खपाने वाले 'म्यूल अकाउंट' सिंडिकेट के 6 गुर्गे दबोचे

बिलासपुर: कमीशनखोरी का चस्का और साइबर ठगी के काले साम्राज्य का गठजोड़! बिलासपुर रेंज साइबर थाने ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की रीढ़ पर कड़ा प्रहार करते हुए 'म्यूल बैंक अकाउंट' (फर्जी/किराए के बैंक खाते) मुहैया कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिलासपुर, मुंगेली, सक्ती, कोरबा और रायपुर तक फैले इस नेटवर्क के 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर हवालात के पीछे पहुंचा दिया है।

जांच में हुए खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस सिंडिकेट के खातों के तार देश के 10 से ज्यादा राज्यों में दर्ज 50 साइबर अपराधों और करीब ₹4 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़े पाए गए हैं।

25 दिन में ₹2.20 करोड़ का ट्रांजेक्शन, यहीं से उलझती गई डोर

इस पूरे गोरखधंधे की शुरुआत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक (मंगला शाखा) के एक खाते से हुई। पुलिस ने जब 'अजय फार्म हाउस' के नाम पर चल रहे बैंक खाते की पड़ताल की, तो होश उड़ाने वाले आंकड़े सामने आए:

18 मई 2026 से 12 जून 2026 के बीच—महज 25 दिनों के भीतर—इस खाते में ₹2,20,68,443/- की संदिग्ध रकम का धुआंधार लेन-देन हुआ।

केवाईसी (KYC), मोबाइल नंबर और नेट बैंकिंग के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने पर पता चला कि यह खाता साइबर ठगी की रकम को डंप करने और आगे रूट करने के लिए 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल हो रहा था।

2.8% कमीशन का लालच और साइबर चेन का गंदा खेल

साइबर अपराधियों का यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था:

नरेन्द्र कुर्रे (मास्टरमाइंड की कड़ी): वह खाताधारकों को उनके खाते से होने वाले कुल ट्रांजेक्शन पर करीब 2.8% कमीशन का लालच देकर जोड़ता था।

अजय सोनी और अभिलाष डेनियल (चिंटू): ₹20,000 की दलाली और कमीशन के लिए इन्होंने खुद के साथ-साथ परिचितों के खाते खुलवाए और उनकी नेट बैंकिंग किट साइबर फ्रॉडस्टर्स को थमा दी।

देवेश कुमार दास (रोबिन) व आशीष तिवारी: रोबिन खातों को एक्टिवेट करने के लिए पीड़ितों के फोन में फर्जी एप्लिकेशन इंस्टॉल करता था, जबकि आशीष तिवारी जैसे लोग ₹25,000 के लालच में टेलीग्राम और व्हाट्सऐप पर पूरे सिंडिकेट का हिस्सा बने हुए थे।

 

 

गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका

 

1. आरोपी अजय कुमार सोनी

 

आरोपी अजय कुमार सोनी द्वारा अजय फार्म हाउस के नाम से बैंक खाता खुलवाया गया तथा उसमें नेट बैंकिंग के लिए मोबाइल नंबर लिंक कराया गया।

 

विवेचना में सामने आया कि अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू के माध्यम से आरोपी का संपर्क बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले अन्य व्यक्तियों से हुआ। आरोपी द्वारा अपना बैंक खाता एवं खाते से संबंधित जानकारी/सामग्री अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराई गई तथा इसके बदले कमीशन प्राप्त किया गया।

 

आरोपी के बैंक खाते में दिनांक 18.05.2026 से 12.06.2026 के मध्य ₹2.20 करोड़ से अधिक की संदिग्ध राशि का लेन-देन पाया गया।

 

आरोपी के बताए अनुसार मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस एवं विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की गई। 03-26 press.pdf

 

2. आरोपी अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू

 

आरोपी अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू द्वारा नरेन्द्र कुर्रे के माध्यम से बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले ₹20,000/- कमीशन प्राप्त होने की बात सामने आई।

 

आरोपी ने अपने परिचित अजय कुमार सोनी को बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार किया। इसके बाद बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों से संपर्क स्थापित कराया गया।

 

विवेचना में आरोपी द्वारा बैंक खाता उपलब्ध कराने तथा उसके बदले कमीशन प्राप्त करने की भूमिका सामने आई है।

 

आरोपी के मोबाइल फोन एवं अन्य बैंकिंग सामग्री को भी विवेचना में जब्त किया गया है। 03-26 press.pdf

 

3. आरोपी भास्कर कश्यप

 

आरोपी भास्कर कश्यप ने अजय कुमार सोनी के कहने पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में अपना बैंक खाता खुलवाया।

 

उसे बताया गया था कि उक्त बैंक खाते का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से संबंधित लेन-देन के लिए किया जाएगा तथा इसके बदले ₹20,000/- कमीशन प्राप्त होगा।

 

आरोपी द्वारा अपना बैंक खाता अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया गया। जांच में उसके बैंक खाते के विरुद्ध विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज होना पाया गया। 03-26 press.pdf

 

4. आरोपी नरेन्द्र कुर्रे

 

विवेचना में आरोपी नरेन्द्र कुर्रे की भूमिका बैंक खातों की व्यवस्था करने एवं खाताधारकों से संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आई है।

 

आरोपी द्वारा बैंक खाते की आवश्यकता रखने वाले व्यक्तियों से संपर्क किया जाता था तथा खाताधारकों को उनके बैंक खाते से होने वाले लेन-देन के आधार पर लगभग 2.8 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही जाती थी।

 

आरोपी द्वारा स्वयं के बैंक खाते तथा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों को ऑनलाइन फ्रॉड में उपयोग किए जाने हेतु उपलब्ध कराने की भूमिका सामने आई है।

 

आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर मोबाइल फोन एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। 03-26 press.pdf

 

5. आरोपी आशीष तिवारी

 

आरोपी आशीष तिवारी द्वारा नरेन्द्र कुर्रे के कहने पर बैंक खाता खुलवाया गया तथा उसे ऑनलाइन फ्रॉड में उपयोग हेतु उपलब्ध कराया गया।

 

विवेचना में सामने आया कि आरोपी देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन द्वारा उसके मोबाइल फोन में आवश्यक एप्लीकेशन डाउनलोड कर कुछ समय तक कार्य किया गया।

 

बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले आरोपी आशीष तिवारी को ₹25,000/- कमीशन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है।

 

आरोपी द्वारा वीपीन, रोबिन एवं नरेन्द्र के साथ मोबाइल, टेलीग्राम एवं व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क में रहने के तथ्य भी विवेचना में सामने आए हैं। 03-26 press.pdf

 

6. आरोपी देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन

 

आरोपी देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन नरेन्द्र कुर्रे एवं अन्य आरोपियों के संपर्क में था।

 

 

 

 

पूरे देश में बिछा था जाल: 50 शिकायतें, ₹4 करोड़ का गबन

पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया कि इन 6 आरोपियों द्वारा बेचे गए खातों का उपयोग पूरे भारत में लोगों को चूना लगाने के लिए किया जा रहा था:

भास्कर कश्यप के खाते पर 24 शिकायतें: महाराष्ट्र, म.प्र., राजस्थान, उप्र, प. बंगाल, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, बिहार समेत कई राज्यों से।

अजय सोनी के खाते पर 21 शिकायतें: पंजाब, चंडीगढ़, कर्नाटक, असम, ओडिशा, तमिलनाडु आदि से।

नरेन्द्र व आशीष के खातों पर 5 शिकायतें: कर्नाटक, म.प्र., उप्र, हिमाचल और प. बंगाल से।

पुलिस अफसरों का कड़ा रुख

आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग (भापुसे) एवं एसपी बिलासपुर रजनेश सिंह (भापुसे) के निर्देशन तथा नोडल अधिकारी गगन कुमार (भापुसे) के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, कामिल हक और उनकी टीम ने इस अंतरराज्यीय गिरोह की कमर तोड़ दी है।

पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि चंद रुपयों के कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम किसी दूसरे को सौंपना भारी अपराध है। ऐसे 'म्यूल अकाउंट होल्डर्स' को भी साइबर अपराधियों के बराबर ही कानून के शिकंजे में कसा जाएगा।

 

अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ 

हमर प्रदेश सी जी

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in अपराध.

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