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कलेक्ट्रेट का घेराव कर दी आर-पार की चेतावनी!

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कलेक्ट्रेट का घेराव कर दी आर-पार की चेतावनी!

 

 

26 अगस्त 2026/दिन बुधवार

​महासमुंद। पुरानी नीतियों को दरकिनार कर शिक्षकों पर जबरन नए नियम थोपने के विरोध में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा (जिला इकाई महासमुंद) ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। जिला संयोजक नारायण चौधरी एवं विजय कुमार धृतलहरे की संयुक्त अगुवाई में जिलेभर के हजारों शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर शासन की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

​माँ भवानी दुर्गा मंदिर बरौंडा चौक से शुरू हुई यह विशाल रैली कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान शिक्षकों ने ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ और प्रशासनिक हठधर्मिता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली के अंत में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और संचालक डीपीआई के नाम जिला कलेक्टर महासमुंद को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

 

​अनुभव पर अन्याय क्यों..? 30 साल बाद TET थोपना बर्दाश्त नहीं

 

रैली को संबोधित करते हुए प्रांतीय व जिला स्तरीय प्रमुख नेताओं—नारायण चौधरी, विजय कुमार धृतलहरे, सुधीर प्रधान, पूर्णानंद मिश्रा और केशवराम साहू ने सरकार की मंशा पर सीधे सवाल खड़े किए। नेताओं ने कहा:

​”जब शिक्षकों की नियुक्ति तात्कालिक सेवा शर्तों और मान्य अर्हताओं के आधार पर की गई थी, तो आज दशकों बाद नई शर्तें क्यों थोपी जा रही हैं? 30 वर्षों का अध्यापन अनुभव रखने वाले शिक्षकों पर अचानक TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य करना समझ से परे है। सरकार चाहे तो TET की बाध्यता को शिथिल कर सकती है, लेकिन ऐसा न करके लाखों शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।”

 

​पुरानी पेंशन, वेतन विसंगति और राजपत्र 2026 पर मुख्य मांगें:

 

शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट के सामने अपनी 5 प्रमुख मांगों को प्रमुखता से रखा:

 

​TET की अनिवार्यता समाप्त हो:

 

सेवा सुरक्षा के डर में जी रहे लाखों शिक्षकों को राहत देने के लिए TET की बाध्यता तुरंत खत्म की जाए।

 

​प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन की गणना:

 

संविलयन जब प्रथम नियुक्ति तिथि से माना गया है, तो पुरानी पेंशन (OPS) का लाभ भी उसी आधार पर मिले।

 

​वेतन विसंगति का समाधान:

 

केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन की कमियों को दूर किया जाए और बी.एड. धारियों के लिए ब्रिज कोर्स लागू हो।

 

​राजपत्र 2026 में सुधार:

 

भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2026 की विसंगतियों को दूर कर पिछले 2 दशकों से कार्यरत LB संवर्ग के व्याख्याताओं को नियमित व्याख्याताओं के समकक्ष या नियमानुसार न्यायपूर्ण वरिष्ठता दी जाए।

 

​पदोन्नति कोटा में वृद्धि:

 

एलबी (LB) संवर्ग के लिए पूर्व में जारी पदोन्नति कोटे को शिक्षकों की कुल संख्या के अनुपात में बढ़ाया जाए।

 

​मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

 

विकासखंड संयोजकों (राजेश साहू, विनोद यादव, महेंद्र चौधरी, गजेंद्र नायक, ललित साहू, नीलाम्बर नायक, लवकुमार पटेल) और सह-संयोजकों ने स्पष्ट कर दिया कि यह तो सिर्फ चेतावनी थी। यदि शासन-प्रशासन ने ज्ञापन पर जल्द ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में महासमुंद जिले का पूरा शिक्षक संवर्ग राज्य स्तर पर एक बड़े और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन की होगी।

 

​हजारों शिक्षकों की उपस्थिति ने दिखाई एकजुटता

 

इस प्रदर्शन में जिले के कौना-कौना से आए हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति ने संगठन की ताकत दिखाई। कार्यक्रम की पूरी जानकारी जिला सचिव नंदकुमार साहू एवं जिला मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा ने दी।

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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