✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
किराया बढ़ोतरी की मांग पर जल्द समाधान का आश्वासन, स्लीपर बस टैक्स और समय-सारिणी पर भी हुई चर्चा
रायपुर। किराए में बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है। हड़ताल के बीच बस संचालकों और फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने परिवहन मंत्री केदार कश्यप के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में बस संचालकों की समस्याओं, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
🔴 75 प्रतिशत किराया बढ़ाने की मांग
फेडरेशन ने साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत तथा डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग मंत्री के सामने रखी। इसके साथ ही 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग भी की गई।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि यात्री किराए से जुड़े विषय का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
🛏️ स्लीपर बसों के टैक्स में बदलाव की मांग
बस संचालकों ने स्लीपर बसों में वर्तमान में एक स्लीपर के बदले दो सीटों के बराबर टैक्स लिए जाने की व्यवस्था को समाप्त कर एक स्लीपर पर एक सीट के बराबर टैक्स निर्धारित करने की मांग की।
मंत्री ने इस मांग पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से इसके व्यावहारिक, तकनीकी और राजस्व संबंधी पहलुओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
🕐 बसों की समय-सारिणी व्यवस्थित करने पर जोर
बैठक में स्टेज कैरिज बसों के संचालन के बीच निर्धारित समय-अंतराल को लेकर भी चर्चा हुई। फेडरेशन ने मुख्य मार्गों पर बसों के बीच 10 मिनट और ग्रामीण मार्गों पर 30 मिनट का अंतर रखने का सुझाव दिया।
मंत्री ने कहा कि बसों की समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को पर्याप्त सुविधा मिले और बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा न हो।
💻 परमिट सहित अधिक सेवाएं होंगी ऑनलाइन
बैठक में सभी स्टेज कैरिज यात्री बसों के लिए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन परमिट जारी करने की सुविधा का मुद्दा भी उठाया गया। अधिकारियों ने बताया कि बसों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं।
मंत्री कश्यप ने परिवहन विभाग की अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक होनी चाहिए, ताकि बस संचालकों और आम नागरिकों को विभागीय कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
👩 महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
परिवहन मंत्री ने बसों में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि बस में पहली या अंतिम सवारी महिला हो, तो ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो।
बसों में लगे सीसीटीवी कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और अन्य सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
🚌 ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा महत्वपूर्ण
मंत्री कश्यप ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों के लिए यात्री बसें आवागमन का प्रमुख साधन हैं।
उन्होंने अधिकारियों को बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों का बिंदुवार परीक्षण कर जिन मांगों पर विभागीय स्तर पर निर्णय संभव है, उन पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
📌 बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में छत्तीसगढ़ फूड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के संरक्षक संजय श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल पूसदकर, अजय सिंह गिल, भावेश दुबे, सत्यानंद पाण्डेय, सुदीप शुक्ला सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बस संचालक प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
📰 अब नजर 22 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल पर
बैठक के बाद किराया बढ़ोतरी सहित बस संचालकों की अन्य मांगों पर सरकार की ओर से जल्द निर्णय का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय स्तर पर कितनी जल्दी निर्णय लिया जाता है और 22 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन बस हड़ताल टलती है या नहीं।
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