खाकी में लापरवाही पर IG का कड़ा वार: बिलासपुर आईजी ने डोंगरीपाली थाना प्रभारी और विवेचक को ठोका अर्थदंड, डीएसपी पर भी जताई नाराजगी
सारंगढ़-बिलाईगढ़ / बिलासपुर:
पुलिस विभाग में अब 'चलता है' वाला रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों को हवा में उड़ाने और काम में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) राम गोपाल गर्ग का डंडा चला है। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक गंभीर मामले में वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अनदेखी करने पर डोंगरीपाली थाना प्रभारी और विवेचक को जहां अर्थदंड से दंडित किया गया है, वहीं पर्यवेक्षण में चूक के चलते मुख्यालय डीएसपी के खिलाफ आईजी ने सीधे तौर पर "अप्रसन्नता" दर्ज की है।
क्या था पूरा मामला?
थाना डोंगरीपाली (जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) के अपराध क्रमांक 18/26, धारा 20-बी और 29 एनडीपीएस एक्ट की केस डायरी की समीक्षा आईजी कार्यालय द्वारा की गई थी। समीक्षा में पाया गया कि रेंज कार्यालय द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक 09/2026 में तय किए गए निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार गवाहों या आरोपियों के कथन दर्ज नहीं किए गए थे।
इस घोर लापरवाही पर विवेचक और थाना प्रभारी से 18 जुलाई 2026 तक स्पष्टीकरण मांगा गया था। लेकिन अनुशासन को ताक पर रखते हुए तय तारीख बीत जाने के बाद भी जवाब तक नहीं भेजा गया।
वरिष्ठ दफ्तर की दो टूक: "यह सीधी अवज्ञा और कदाचरण"
वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों की अनदेखी और स्पष्टीकरण न देने के कृत्य को आईजी कार्यालय ने गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और कदाचरण माना। इसके बाद आईजी राम गोपाल गर्ग ने दंडात्मक आदेश जारी करते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की:
* थाना प्रभारी पर गाज: सउनि भगवती कुर्रे (थाना प्रभारी, डोंगरीपाली) द्वारा परिपत्र का पालन न कराने और विवेचक की चूक पर ध्यान न देकर लापरवाही बरतने पर ₹500 का अर्थदंड लगाया गया।
* विवेचक पर कार्रवाई: सउनि छोटेलाल सिदार (विवेचक, थाना डोंगरीपाली) को निर्धारित प्रारूप में कथन लेखबद्ध न करने और आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
डीएसपी की भूमिका पर भी तल्ख टिप्पणी: दर्ज हुई "अप्रसन्नता"
कार्रवाई सिर्फ थाने के स्तर तक ही नहीं थमी, बल्कि पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभाल रहे उच्चाधिकारी भी जांच के दायरे में आए।
श्रीमती संतोषी ग्रेस (उप पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय सारंगढ़) द्वारा थाना स्तर पर इस परिपत्र का पालन कराने में ध्यान न देने को आईजी ने "गंभीर पर्यवेक्षकीय त्रुटि" माना। आईजी राम गोपाल गर्ग ने आदेश में स्पष्ट उल्लेख करते हुए डीएसपी संतोषी ग्रेस के प्रति आधिकारिक रूप से "अप्रसन्नता" व्यक्त की है।
सर्विस बुक में होगी एंट्री
आईजी कार्यालय ने आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि संबंधित कर्मियों की सेवा पुस्तिका (Service Book) में इस दंड की प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए और आदेश का तत्काल क्रियान्वयन कराया जाए। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है और यह साफ संदेश गया है कि नियमों व प्रक्रियाओं से खिलवाड़ किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगा।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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