Tuesday, October 27 2026
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खुशबू यादव पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का ‘दो टूक’ फैसला, बोले- गलत प्रचार किया तो कानून का सामना करना पड़ेगा

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खुशबू यादव पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का ‘दो टूक’ फैसला, बोले- गलत प्रचार किया तो कानून का सामना करना पड़ेगा

खुशबू यादव पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम का ‘दो टूक’ फैसला, बोले- गलत प्रचार किया तो कानून का सामना करना पड़ेगा

 

राउरकेला, 22 अगस्त। खुशबू यादव की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने अब बेहद साफ और सख्त शब्दों में स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्री के बयान के बाद खुशबू यादव को लेकर चल रही पद और पहचान की अटकलों पर सीधे तौर पर विराम लगाने की कोशिश की गई है।

 

जुएल ओराम ने स्पष्ट कहा कि खुशबू यादव उनकी जिला प्रतिनिधि हैं। वह न तो उनकी अतिरिक्त निजी सचिव (एपीएस) हैं और न ही केंद्रीय मंत्री के स्टाफ का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका को इससे अलग तरीके से प्रचारित करना तथ्यों को गलत रूप में पेश करना है।

 

पद को लेकर भ्रम पर मंत्री ने खींची साफ लकीर

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खुशबू यादव लंबे समय से उनके साथ सार्वजनिक और संसदीय क्षेत्र से जुड़े कार्यों में सहयोग कर रही हैं। उनकी जिम्मेदारी के तहत वह सरकारी बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेती हैं।

 

हालांकि, किसी आधिकारिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को केंद्रीय मंत्री के स्टाफ या एपीएस के पद से जोड़ना सही नहीं है। मंत्री ने इस अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी वास्तविक भूमिका जिला प्रतिनिधि की है।

 

एपीएस बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई

 

ओराम ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने खुशबू यादव को अपनी अतिरिक्त निजी सचिव नियुक्त करने की इच्छा जताई थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते यह नियुक्ति आगे नहीं बढ़ सकी।

 

यानी एपीएस का प्रस्ताव जरूर सामने आया था, लेकिन वह नियुक्ति में तब्दील नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि इससे खुशबू यादव की मौजूदा भूमिका पर कोई असर नहीं पड़ा और वह जिला प्रतिनिधि के तौर पर काम करती रहीं।

 

मंत्री बोले- उनकी अपनी भी पहचान है

 

खुशबू यादव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान केवल केंद्रीय मंत्री की प्रतिनिधि होने तक सीमित नहीं है। उनकी अपनी स्वतंत्र सार्वजनिक पहचान, प्रतिष्ठा और समर्थक आधार भी है।

 

यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर उनकी भूमिका और पहचान को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं।

 

‘फर्जी’ बताने वालों पर मंत्री का सीधा वार

 

जुएल ओराम ने गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की पदवी को तोड़-मरोड़कर पेश करना या उसे “फर्जी” बताकर बदनाम करने का अभियान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी, भ्रामक या मानहानिकारक सामग्री तैयार करता है, प्रकाशित करता है अथवा प्रसारित करता है और इससे किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

“अब जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा”

 

केंद्रीय मंत्री ने साफ संदेश दिया कि तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर किसी की छवि खराब करने की कोशिश को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खुशबू यादव की भूमिका को लेकर तथ्य स्पष्ट हैं और उन्हें जानबूझकर गलत तरीके से पेश करने वालों को उचित कानूनी माध्यम से जवाब दिया जाएगा।

 

कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम के इस बयान ने खुशबू यादव की भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। मंत्री ने जहां उनकी वास्तविक जिम्मेदारी स्पष्ट की है, वहीं गलत प्रचार करने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर यह भी संकेत दे दिया है कि अब इस मुद्दे पर महज बयानबाजी नहीं, बल्कि जरूरत पड़ी तो कानूनी मोर्चे पर भी सीधा मुकाबला होगा।

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in Business.

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