गणेश झांकी और विसर्जन को लेकर धमतरी में शांति समिति की बैठक, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर जोर
धमतरी। गणेशोत्सव, गणेश झांकी और विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर अबिनास मिश्रा एवं एसपी भावना पांडेय के निर्देशन में गणेश समितियों और गणेश झांकी-विसर्जन समितियों के पदाधिकारियों के साथ शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आगामी झांकी और विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, डीजे और ध्वनि व्यवस्था के साथ कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। समितियों को आयोजन के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की गई।
निर्धारित मार्ग से ही निकलेगी झांकी और जुलूस
प्रशासन की ओर से समितियों को निर्देश दिया गया कि झांकी और जुलूस निर्धारित मार्ग एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही निकाले जाएं।
जुलूस के दौरान चाकू, तलवार या किसी भी धारदार अथवा खतरनाक वस्तु का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही ऐसे नारे, गीत या प्रदर्शन से बचने को कहा गया है, जिनसे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।
यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
नशाखोरी और हुड़दंग पर पुलिस की नजर
बैठक में नशे से जुड़ी गतिविधियों और हुड़दंग को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। शराब, गांजा या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर जुलूस में शामिल नहीं होने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की गई।
चाकूबाजी, मारपीट, छेड़छाड़, नशाखोरी या किसी अन्य असामाजिक गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की बात कही गई। प्रशासन ने लोगों से किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में न लेने की अपील की है।
डीजे की आवाज और समय को लेकर भी निर्देश
गणेश झांकी के दौरान डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय, ध्वनि सीमा और प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने को कहा गया है।
अस्पताल, स्कूल, धार्मिक स्थल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक तेज आवाज से बचने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही डीजे वाहनों और झांकी के आसपास ऐसी व्यवस्था रखने को कहा गया है, जिससे आम लोगों की आवाजाही और यातायात प्रभावित न हो।
विसर्जन के दौरान सुरक्षा पर विशेष ध्यान
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान निर्धारित विसर्जन स्थल और मार्ग का ही उपयोग करने की अपील की गई। नदी, तालाब या अन्य जलाशयों में गहरे पानी में जाने से बचने और बच्चों को विसर्जन स्थल पर अकेले नहीं भेजने की सलाह दी गई।
वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने और वाहन पर खड़े होकर यात्रा करने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन स्थल पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में समितियों के स्वयंसेवकों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की गई।
साथ ही जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था का पालन करने को कहा गया।
यातायात नियमों का पालन करने की अपील
गणेश झांकी और विसर्जन के दौरान यातायात सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का उपयोग करने की अपील की गई।
तेज गति, स्टंट और लापरवाही से वाहन चलाने से बचने तथा जुलूस के दौरान सड़क पर अनावश्यक भीड़ या वाहन खड़ा कर यातायात बाधित नहीं करने को कहा गया।
पुलिस-प्रशासन ने की सहयोग की अपील
धमतरी पुलिस और जिला प्रशासन ने गणेश समितियों, आयोजकों और आम नागरिकों से गणेशोत्सव को श्रद्धा, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है।
प्रशासन ने कहा कि किसी भी असामाजिक गतिविधि को उत्सव का माहौल खराब करने का अवसर न दिया जाए। चाकूबाजी, नशाखोरी, मारपीट, छेड़छाड़, हुड़दंग या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.सी. पटेल, डीएसपी भानूप्रताप चंद्राकर, पीयूष तिवारी, नगर निगम उपायुक्त पी.सी. सार्वा, नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर, थाना प्रभारी कोतवाली राजेश जगत, यातायात प्रभारी खेमराज साहू सहित गणेश समितियों के पदाधिकारी और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

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