गरियाबंद पुलिस की तत्परता से अचेत व्यक्ति को समय पर मिला उपचार, डायल 112 टीम ने सूझबूझ से बचाई जान
स्टेट रिपोर्टर: संतन दास मानिकपुरी
गरियाबंद। आपात स्थिति में पुलिस की तत्परता और डायल 112 की त्वरित सहायता एक बार फिर किसी जरूरतमंद के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। गरियाबंद शहर के डाक बंगला स्थित शनि देव मंदिर के पीछे एक कमरे में एक व्यक्ति के अचेत अवस्था में पड़े होने की सूचना मिलने के बाद गरियाबंद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाला और समय रहते जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, डाक बंगला स्थित शनि देव मंदिर के पीछे एक कमरे में एक व्यक्ति के अचेत अवस्था में होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए गरियाबंद पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर डायल 112 की टीम को बिना देरी किए घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
बंद कमरे में अचेत मिला व्यक्ति
डायल 112 की टीम जब मौके पर पहुंची तो स्थिति बेहद संवेदनशील थी। जिस कमरे में व्यक्ति मौजूद था, वह बंद था। पुलिस कर्मियों ने बिना घबराए स्थिति का जायजा लिया और आसपास मौजूद स्थानीय मोहल्लेवासियों को विश्वास में लेकर उनके सहयोग से कमरे का दरवाजा खुलवाया।
दरवाजा खुलने के बाद पुलिस टीम ने कमरे के भीतर प्रवेश किया, जहां एक व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला। व्यक्ति की स्थिति को देखते हुए पुलिस कर्मियों ने समय की गंभीरता को समझा और तत्काल उसे चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की।
बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाया
डायल 112 के जवानों ने अचेत व्यक्ति को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और आपातकालीन वाहन में सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया। इसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल गरियाबंद ले जाया गया।
पुलिस टीम की तत्परता के कारण व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया और फिलहाल उसकी चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है।
पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशीलता की सराहना
पूरे घटनाक्रम में डायल 112 टीम ने जिस तरह से स्थिति को समझते हुए स्थानीय लोगों का सहयोग लिया और बंद कमरे से अचेत व्यक्ति को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, उसकी स्थानीय नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है। सूचना मिलने के बाद मौके पर तत्काल पहुंचना, परिस्थिति का आकलन करना, स्थानीय लोगों का सहयोग लेना और फिर अचेत व्यक्ति को बिना देरी अस्पताल पहुंचाना—डायल 112 टीम की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण उदाहरण सामने आया है।
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर के निर्देशों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और डायल 112 टीम की संवेदनशीलता से अचेत अवस्था में मिले व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी। पुलिस की इस मानवीय पहल से स्थानीय लोगों में भी पुलिस के प्रति विश्वास और सकारात्मक संदेश देखने को मिल रहा है।
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