गौरेला में गैस एजेंसी पर गंभीर सवाल: कथित कालाबाजारी के खिलाफ नगर पालिका अध्यक्ष ने खोला मोर्चा
निर्धारित कीमत से अधिक वसूली और होम डिलीवरी में मनमानी के आरोप, खाद्य अधिकारी से जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग
गौरेला। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर गौरेला में उपभोक्ताओं की कथित परेशानी अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच गई है। सियाराम गैस एजेंसी पर कथित मनमानी, अतिरिक्त राशि वसूली और होम डिलीवरी के नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर गौरेला नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे ने जिला खाद्य अधिकारी को पत्र लिखकर जांच एवं नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
‘नंबर आया तो भी सिलेंडर के लिए चक्कर’—पत्र में गंभीर आरोप
नगर पालिका अध्यक्ष ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि एजेंसी द्वारा बुकिंग नंबर आने के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए कई दिनों तक एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं, पत्र के अनुसार बिना नंबर वाले उपभोक्ताओं को कथित रूप से अतिरिक्त राशि लेकर तत्काल सिलेंडर उपलब्ध कराने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
पत्र में विशेष रूप से आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में 500 रुपये तक अतिरिक्त राशि लिए जाने की बात सामने आई है। यदि यह आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह उपभोक्ताओं के हितों से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।
होम डिलीवरी के नाम पर इंतजार, गोदाम से सिलेंडर लेने का आरोप
नगर पालिका अध्यक्ष का आरोप है कि एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को घर तक सिलेंडर पहुंचाने के बजाय कथित रूप से गोदाम से ही सिलेंडर लेने के लिए कहा जाता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि डीएसी नंबर आने के बाद एजेंसी कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं से नंबर मांगा जाता है और कुछ दिनों में होम डिलीवरी का आश्वासन दिया जाता है। इसके बावजूद कथित तौर पर कई उपभोक्ताओं को 10 से 15 दिन तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ता है।
शिकायतों पर भी नहीं मिला समाधान?
पत्र में आरोप लगाया गया है कि डिलीवरी में देरी अथवा अन्य समस्याओं को लेकर जब उपभोक्ता एजेंसी से संपर्क करते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। कुछ मामलों में फोन काटने अथवा अलग-अलग कारण बताकर शिकायत टालने का भी आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों की वास्तविकता क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि, नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा सीधे जिला खाद्य अधिकारी को पत्र लिखे जाने से मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है।
सुशासन तिहार की शिकायत का भी हवाला
मुकेश दुबे ने अपने पत्र में दावा किया है कि गैस एजेंसी से जुड़ी शिकायत सुशासन तिहार के दौरान भी की गई थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि अब उन्होंने जिला खाद्य विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
‘कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे’
नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश दुबे ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि गैस एजेंसी के खिलाफ शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई और उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली, तो वे जनता के साथ सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
उन्होंने जिला खाद्य अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि—
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क्या उपभोक्ताओं से निर्धारित कीमत से अधिक राशि ली जा रही है?
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क्या बिना बुकिंग नंबर के अतिरिक्त राशि लेकर सिलेंडर देने की शिकायत सही है?
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क्या होम डिलीवरी के निर्धारित नियमों का पालन हो रहा है?
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क्या उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से कई दिनों तक परेशान किया जा रहा है?
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पूर्व में की गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई?
अब जांच पर टिकी नजर
नगर पालिका अध्यक्ष के पत्र के बाद अब निगाहें जिला खाद्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि विभाग जांच करता है तो बुकिंग रिकॉर्ड, डीएसी नंबर, बिक्री रजिस्टर, उपभोक्ताओं से ली गई राशि, डिलीवरी रिकॉर्ड और होम डिलीवरी से संबंधित विवरण की जांच से पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
फिलहाल गैस एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। एजेंसी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
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