✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
YouTube-Instagram वीडियो देखकर सीखा नकली नोट बनाने का तरीका, 1,124 नकली नोट और प्रिंटर-स्कैनर बरामद
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस ने नकली नोट छापने के एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में Zomato डिलीवरी बॉय, Rapido ड्राइवर और ऑटो चालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि तीनों घर में ही 500, 200 और 100 रुपये के नकली नोट तैयार कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने नकली नोट बनाने का तरीका किसी बड़े गिरोह से नहीं, बल्कि YouTube और Instagram पर वीडियो देखकर सीखा था। इसके बाद प्रिंटर, स्कैनर, कागज और अन्य सामग्री जुटाकर घर में नकली नोट तैयार किए जाने लगे।
1,124 नकली नोट बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1,124 नकली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल अंकित कीमत करीब 2 लाख 91 हजार 100 रुपये बताई गई है। बरामद नोटों में 500, 200 और 100 रुपये के नोट शामिल हैं।
पुलिस ने नकली नोटों के अलावा कलर प्रिंटर, स्कैनर, लैमिनेटर, पेपर कटर, रंगीन तरल पदार्थ, कागज के बंडल, गांधीजी की तस्वीरें, वॉटरमार्क पेपर और पैकिंग सामग्री भी जब्त की है। आरोपियों के मोबाइल फोन और बाइक भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
Zomato डिलीवरी बॉय, Rapido ड्राइवर और ऑटो चालक गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामावत रामू उर्फ मोहम्मद (36), रामावत मोतीलाल (35) और रामावत गांधी (19) के रूप में हुई है। तीनों तेलंगाना के चिंतल थांडा, वड्डीपटला के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक रामू Zomato डिलीवरी वर्कर, मोतीलाल Rapido ड्राइवर और गांधी ऑटो रिक्शा चालक है। मामले में सुधीर जॉन चेला उर्फ वामशी को कथित सहयोगी बताया गया है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
प्रिंटर-स्कैनर से तैयार करते थे नकली नोट
जांच में पुलिस ने दावा किया कि आरोपी असली नोटों की कुछ विशेषताओं की नकल करने का प्रयास कर रहे थे। इसके लिए प्रिंटर और स्कैनर के साथ अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार नकली नोट तैयार करने के बाद उन्हें काटने, लैमिनेट करने और पैक करने के लिए भी अलग-अलग उपकरण इस्तेमाल किए जाते थे। छापेमारी में मिला सामान इस कथित सेटअप की ओर इशारा करता है।
रात में बाजार में चलाने की कोशिश
पुलिस का दावा है कि आरोपी नकली नोट तैयार करने के बाद उन्हें छोटी-छोटी मात्रा में बाजार में चलाने की कोशिश करते थे। इसके लिए शराब दुकानों और सब्जी बाजारों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार खासतौर पर रात के समय नकली नोट चलाने का प्रयास किया जाता था।
आर्थिक परेशानी के बाद चुना गलत रास्ता
पुलिस के मुताबिक रामू पारिवारिक परेशानियों के चलते आर्थिक मुश्किलों से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात रिश्तेदार मोतीलाल से हुई। जांचकर्ताओं का दावा है कि दोनों ने पैसे कमाने के लिए नकली नोट बनाने का रास्ता अपनाया।
पुलिस के अनुसार मोतीलाल ने इंटरनेट पर नकली नोट तैयार करने से जुड़े वीडियो खंगाले। इसी दौरान Instagram और YouTube पर मिली जानकारी के आधार पर नकली नोट बनाने की तैयारी शुरू की गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ऑनलाइन मिले संपर्क के पीछे कौन व्यक्ति था और क्या इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क भी शामिल है।
पूरा सेटअप देखकर पुलिस भी हैरान
कार्रवाई के दौरान पुलिस को नकली नोट तैयार करने से जुड़ा पूरा सामान मिला। फिलहाल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस फरार कथित सहयोगी की तलाश के साथ-साथ यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपाए गए और इस मामले में इनके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं।
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