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चित्रकोट जलप्रपात पर गौर नृत्य से हुआ आत्मीय स्वागत

MANOJ@HAMARPRADESHCG
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चित्रकोट जलप्रपात पर गौर नृत्य से हुआ आत्मीय स्वागत

हमर प्रदेश सीजी न्यूज़ 

मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़ 

सहकारी सम्मेलन के बाद बस्तर के नैसर्गिक सौंदर्य से अभिभूत हुए अधिकारी

चित्रकोट जलप्रपात पर गौर नृत्य से हुआ आत्मीय स्वागत

जगदलपुर, 09 अक्टूबर 2026/  बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन के विधिवत समापन के उपरांत देश के विभिन्न राज्यों से आए सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विषय-विशेषज्ञों के दल ने बस्तर के विश्वविख्यात प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण किया। सम्मेलन की निरंतर चली तकनीकी बैठकों और मैराथन विचार-विमर्श के बाद अधिकारियों का यह दल प्रकृति की अनुपम छटा को निहारने सीधे प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पहुंचा। चित्रकोट परिसर में प्रवेश करते ही स्थानीय जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक-संस्कृति के अनुरूप अधिकारियों के दल का आत्मीय स्वागत किया। सिर पर जंगली गौर सींगों से सजा भारी-भरकम मुकुट धारण किए और कौड़ियों की मालाओं से सुसज्जित नर्तक दलों ने 'गौर नृत्य' की मनमोहक प्रस्तुति दी। मांदरी और ढोल की थाप पर कलाकारों के लयबद्ध पदचाप और अद्वितीय ऊर्जा को देखकर देश भर से पहुंचे अधिकारी मंत्रमुग्ध हो गए। कई प्रतिनिधियों ने पारंपरिक नगाड़े की लय पर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और इस सांस्कृतिक धरोहर को अपने मोबाइल व कैमरों में सहेजा।

        इंद्रावती नदी पर स्थित और देश-दुनिया में 'भारत के नियाग्रा' के नाम से पहचाने जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात की गर्जना और ऊंचाई से गिरती दुधिया जलधारा के नयनाभिराम दृश्य ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। चट्टानों से टकराकर उड़ती जलकणों की फुहारों के बीच खड़े होकर अधिकारियों ने प्रकृति के इस रौद्र और शांत समन्वय का करीब से अनुभव किया। अधिकारियों ने प्रपात के विभिन्न व्यू-पॉइंट्स से इंद्रावती के विहंगम फैलाव और घाटी की समृद्ध जैव विविधता का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने चर्चा में कहा कि बस्तर केवल खनिज संपदा और सघन वनों का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह समृद्ध लोक-संस्कृति, लोक-कला और उच्चकोटि के पारिस्थितिक पर्यटन का अद्भुत केंद्र है। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र के विस्तार के साथ-साथ स्थानीय वनोपज और इको-टूरिज्म को सहकारिता के माध्यम से राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की व्यापक संभावनाओं पर भी अपने विचार साझा किए। सभी आगंतुक अधिकारियों ने बस्तर के लोगों की सरलता, आतिथ्य सत्कार और प्राकृतिक वैभव की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इस यात्रा को अविस्मरणीय अनुभव बताया।

          इस अवसर पर भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ आशीष भूटानी, छत्तीसगढ़ शासन में सहकारिता सचिव श्री सीआर प्रसन्ना, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, सहकारी संस्थाओं के पंजीयक श्री रमे  सम पेस्ट ना करेंश शर्मा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा सहित भारत सरकार के सहकारिता विभाग के अधिकारी, अन्य राज्यों से आए सहकारिता सचिव एवं सहकारी संस्थाओं के पंजीयक तथा सहकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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