✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
चिरायु ने बदली 7 साल के दिगेंद्र की जिंदगी, सफल हृदय ऑपरेशन के बाद लौटे खेल और स्कूल के दिन
बीमारी के कारण स्कूल जाने और खेलने में होती थी परेशानी, निःशुल्क उपचार के बाद अब सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहा दिगेंद्र
महासमुंद, 23 सितंबर 2026। समय पर बीमारी की पहचान और सरकारी स्वास्थ्य योजना के माध्यम से मिले निःशुल्क उपचार ने ग्राम घुचापाली निवासी 7 वर्षीय दिगेंद्र नारंग की जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत चिरायु टीम बागबाहरा के निरंतर प्रयास और समन्वय से दिगेंद्र के हृदय रोग का उपचार कराया गया। सफल ऑपरेशन के बाद अब वह स्वस्थ होकर नियमित रूप से स्कूल जा रहा है और दूसरे बच्चों की तरह खेल-कूद भी कर रहा है।
दिगेंद्र नारंग, पिता श्री पूनम नारंग, लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहा था। हृदय रोग के कारण वह स्कूल जाने में असमर्थ था। थोड़ी देर खेलने या शारीरिक गतिविधि करने पर ही उसे थकान महसूस होने लगती थी। बीमारी का असर उसके रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ रहा था।
चिरायु टीम ने समय पर पहचानी बीमारी
चिरायु योजना के अंतर्गत बागबाहरा की टीम द्वारा दिगेंद्र की स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक परीक्षण किए गए। जांच के दौरान उसके हृदय में बीमारी की पहचान हुई। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए उसे उच्च स्वास्थ्य संस्था में रेफर किया गया। चिरायु टीम ने उपचार की प्रक्रिया में लगातार मार्गदर्शन और समन्वय बनाए रखा।
टीम के प्रयासों से 19 अगस्त 2025 को रायपुर स्थित बालाजी हॉस्पिटल में दिगेंद्र का निःशुल्क हृदय ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराया गया। चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत पीटीएफई पैच के साथ वीएसडी क्लोजर एवं पल्मोनरी वाल्व रिप्लेसमेंट के साथ इंट्राकार्डिएक रिपेयर किया गया।
ऑपरेशन के बाद लौटी दिगेंद्र की मुस्कान
सफल ऑपरेशन के बाद दिगेंद्र के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब वह नियमित रूप से स्कूल जा रहा है और पहले की तरह खेलने-कूदने लगा है। जिन गतिविधियों को करने में उसे बीमारी के कारण परेशानी होती थी, अब वह उन्हें सहजता से कर पा रहा है।
दिगेंद्र के स्वास्थ्य में आए इस बदलाव से उसके परिवार में भी खुशी का माहौल है। चिरायु टीम के प्रयासों से समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञ उपचार और निःशुल्क ऑपरेशन संभव हुआ, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।
चिरायु योजना के माध्यम से जिले में बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने का कार्य लगातार किया जा रहा है। दिगेंद्र की कहानी इस बात का उदाहरण है कि समय पर स्वास्थ्य जांच और उचित उपचार से बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने में मदद मिल सकती है।
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