✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही है। खास बात यह है कि ई-केवाईसी केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल समेत बिजली कनेक्शन की सभी श्रेणियां इसके दायरे में रहेंगी।
ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान और बिजली कनेक्शन से संबंधित जानकारी का आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए बिजली कनेक्शन के अभिलेख में दर्ज नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम का शत-प्रतिशत मिलान होना अनिवार्य रहेगा।
यदि बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग पाया जाता है, तो ई-केवाईसी पूरी नहीं हो सकेगी। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को पहले बिजली कंपनी के अभिलेख में नाम में आवश्यक सुधार या जरूरत पड़ने पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करानी होगी।
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ई-केवाईसी शुरू होने से पहले अपने बिजली कनेक्शन से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज नाम की जांच कर लें। नाम में किसी तरह की विसंगति होने पर समय रहते आवश्यक सुधार करा लें, ताकि ई-केवाईसी के दौरान परेशानी न हो।
सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे अपने आधार कार्ड और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज नाम का मिलान पहले ही कर लें।
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