✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कवायद तेज कर दी है। यूसीसी के प्रारूप को तैयार करने और विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर मंथन की तैयारी शुरू कर दी है।
राज्य शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की मौजूदगी में 27 अगस्त को रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में राज्य स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 200 प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
27 अगस्त को होगा पहला मंथन
बैठक में समान नागरिक संहिता के संभावित प्रावधानों, इसके सामाजिक प्रभाव और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक समावेशी और संतुलित प्रारूप तैयार करना बताया जा रहा है।
अलग-अलग वर्गों से लिए जाएंगे सुझाव
यूसीसी जैसे संवेदनशील विषय पर व्यापक सहमति और सुझाव जुटाने के लिए सरकार विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, विधिक और अन्य समूहों के प्रतिनिधियों को अलग-अलग चरणों में चर्चा के लिए आमंत्रित करेगी।
बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के अनुभव, विचार और सुझावों को यूसीसी के प्रारूप को तैयार करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अलग-अलग वर्गों के साथ चर्चा का सिलसिला आगे बढ़ने की संभावना है।
राज्य सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता को लेकर व्यापक चर्चा शुरू होने के संकेत हैं। अब 27 अगस्त की बैठक में होने वाला पहला मंथन इस दिशा में आगे की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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