त्योहार की मिठास में मिलावट का ज़हर: रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदने से पहले परखें ये 5 बातें
रक्षाबंधन पर मिठाइयों की अचानक बढ़ती मांग का फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं।
सिंथेटिक दूध, डिटर्जेंट से बना नकली मावा और जहरीले केमिकल रंग त्योहार की खुशियों को अस्पताल के चक्कर में बदल सकते हैं। जागरूक रहकर और कुछ आसान संकेतों को पहचानकर मिलावटी मिठाइयों से बचा जा सकता है।
नकली मिठाई पहचानने के 5 सटीक तरीके
* चटक रंग और असामान्य चमक से बचें: दूध और मावे की असली मिठाइयों का रंग हल्का और प्राकृतिक होता है। अगर मिठाई जरूरत से ज्यादा चमकदार, गाढ़ी पीली या चटख रंग की दिखे, तो उसमें रासायनिक रंगों की मिलावट की पूरी आशंका है।
* बनावट (Texture) और खिंचाव की जांच: ताजी मिठाई छूने में नरम और दानेदार होती है। यदि मावा या मिठाई रबड़ की तरह खिंच रही हो, चिपचिपी हो या अत्यधिक सूखी-कड़ी लगे, तो उसमें स्टार्च या डिटर्जेंट मिला हो सकता है।

* खुशबू और स्वाद की परख: असली खोए से हल्की मीठी और प्राकृतिक महक आती है। यदि मिठाई से खट्टी, कड़वी, तेलीय या किसी केमिकल जैसी अजीब गंध आए, तो उसे तुरंत छोड़ दें।
* पानी वाला आसान टेस्ट: मिठाई का एक छोटा टुकड़ा लेकर साफ पानी में डालें। अगर पानी तुरंत गहरा रंग छोड़ दे या ऊपर असामान्य झाग बनने लगे, तो यह कृत्रिम रंगों और केमिकल का साफ संकेत है।
* खतरनाक 'आग टेस्ट' से बचें: सोशल मीडिया पर मिठाई जलाकर जांचने के भ्रामक वीडियो से दूर रहें। यह तरीका वैज्ञानिक नहीं है और इससे जलने या आग लगने का खतरा रहता है।
खरीदारी के समय बरतें यह सावधानी
* केवल रजिस्टर्ड, साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकानों से ही खरीदारी करें।
* पैक्ड मिठाइयों पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी और FSSAI लाइसेंस नंबर अनिवार्य रूप से जांचें।
* ज्यादा दिन चलने वाली मिठाइयों के बजाय ताजे ड्राई फ्रूट्स या घर पर बनी मिठाइयों को प्राथमिकता दें।
संदिग्ध मिठाई दिखने पर उसे परिवार को परोसने के बजाय तुरंत स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) में शिकायत दर्ज कराएं ताकि मिलावटखोरों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

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