हमर प्रदेश सीजी न्यूज़
मनोज कुमार भट्ट स्टेट रिपोर्टर बस्तर छत्तीसगढ़
दंतेवाड़ा दौरे पर कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत: मां दंतेश्वरी की पूजा, संगठन पर मंथन और बोधघाट में ग्रामीणों से संवाद
दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत आज एक दिवसीय बस्तर प्रवास पर दंतेवाड़ा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने धार्मिक, संगठनात्मक और जन-संवाद तीनों मोर्चों पर कार्यक्रम किए। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष *दीपक बैज*, नेता प्रतिपक्ष *चरणदास महंत*, राज्यसभा सांसद *फूलोदेवी नेताम*, सह-सचिव *विजय जांगिड़*, पूर्व मंत्री *मोहन मरकाम*, *जरिता लैतफलांग*, सम्पत कुमार सहित जिला कांग्रेस कमेटी के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
1. मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर शुरू किया दौरा
गीदम पहुंचने पर जिला कांग्रेस और कार्यकर्ताओं ने प्रभारी सुखदेव भगत का भव्य स्वागत किया। इसके बाद सभी नेता सीधे मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उन्होंने प्रदेश और बस्तर की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
2. कांग्रेस भवन में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर चर्चा
पूजा के बाद काफिला कांग्रेस भवन पहुंचा, जहां जिलेभर से आए पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई।
बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। प्रभारी सुखदेव भगत ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें, आम जनता के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएं और कांग्रेस की विचारधारा व जनहित के मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच ले जाएं।
3. लोकतंत्र के "काला दिवस" पर विरोध
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर केंद्र की भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने "काला दिवस" के रूप में विरोध प्रदर्शन भी किया। काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसद निर्वाचन आयोग से जवाबदेही मांगने शांतिपूर्वक जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, तब उन्हें रोक दिया गया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया और लाठीचार्ज भी किया गया। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
4. बोधघाट पहुंचे, बांध से प्रभावित 56 गांवों के ग्रामीणों से किया संवाद - मुख्य खबर
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बोधघाट क्षेत्र रहा। कांग्रेस प्रभारी सहित वरिष्ठ नेताओं ने बोधघाट बांध निर्माण से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों से मुलाकात की और प्रस्तावित स्थल का जायजा लिया।
ग्रामीणों ने क्या कहा?
ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि
बोधघाट में बांध का निर्माण नहीं होना चाहिए।"* उन्होंने बताया कि बांध बनने पर गांव, जमीन, आजीविका, जंगल और पूरी जीवन-व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। करीब 56 गांवों के हजारों लोगों का विस्थापन होगा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया - _"जब गांव के लोग नहीं चाहते, तो विस्थापन करके कैसा विकास होगा?
कांग्रेस नेताओं ने दिया भरोसा
ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुनने के बाद नेताओं ने कहा:
बस्तर की पहचान यहां के जल, जंगल, जमीन और यहां रहने वाले आदिवासी और ग्रामीण समाज से है। विकास के नाम पर यदि किसी परियोजना से स्थानीय लोगों के अधिकार, जमीन, संस्कृति, आजीविका और अस्तित्व प्रभावित होता है तो उस विषय पर ग्रामीणों की सहमति और उनकी चिंताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रभारी सुखदेव भगत ने भरोसा दिलाया कि बोधघाट के ग्रामीणों की आवाज को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी जी तक पहुंचाया जाएगा। जल्द ही राहुल गांधी से चर्चा कर उन्हें बस्तर आने के लिए आमंत्रित किया जाएगा और इस पूरे विषय से अवगत कराया जाएगा। कांग्रेस लगातार ग्रामीणों के साथ खड़ी है और उनके हितों की अनदेखी नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा, इस मुद्दे को केवल एक परियोजना के रूप में नहीं देखना चाहिए, यह हजारों लोगों की जमीन, जीवन, आजीविका, जंगल और भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए प्रभावित लोगों की वास्तविक स्थिति को सामने लाने की आवश्यकता है।
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