✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज दुर्ग ब्यूरो चीफ रिपोर्टर कलावती
दुर्ग। नगर निगम दुर्ग क्षेत्र में सीमेंटीकरण सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितता सामने आने के बाद महापौर अलका बाघमार ने सख्त रुख अपनाया है। गया नगर वार्ड क्रमांक 5 स्थित महर्षि स्कूल लाइन में निर्माणाधीन सीसी सड़क का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं महापौर ने निर्धारित मोटाई से कम निर्माण पाए जाने पर नाराजगी जताई और संबंधित ठेकेदार को गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए।
6 इंच की जगह 2.50 से 3 इंच तक मिली सड़क की मोटाई
7 अक्टूबर 2026 को क्षेत्रवासियों से मिली शिकायतों के आधार पर महापौर अलका बाघमार ने लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, जल कार्य प्रभारी लीना दिनेश देवांगन, पार्षद रंजीता पाटिल और कार्यपालन अभियंता मो. सलीम सिद्दीकी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सड़क की मोटाई और निर्माण प्रक्रिया की जांच की गई। निगम की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंड के अनुसार 6 इंच मोटाई में किया जाना था, जबकि मौके पर लगभग 2.50 से 3 इंच तक मोटाई पाए जाने की स्थिति सामने आई। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर निर्धारित चैनल का निर्माण भी समुचित तरीके से नहीं किया जा रहा था।
निर्माण कार्य में सामने आई इन कमियों पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को फटकार लगाई और कार्य में सुधार करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं: महापौर
महापौर अलका बाघमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर निगम के विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण निर्धारित तकनीकी मापदंडों, स्वीकृत मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण पूरा करना नहीं, बल्कि नागरिकों को लंबे समय तक मजबूत और टिकाऊ सड़क उपलब्ध कराना है। जनता के पैसे से होने वाले निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और तकनीकी मानकों के अनुरूप ही आगे का काम कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मानकों की अनदेखी पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण स्थल पर लगातार निगरानी रखने और ठेकेदार से निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही काम कराने के निर्देश दिए।
महापौर ने निगम अधिकारियों से कहा कि निर्माणाधीन सड़क को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत बनाया जाए तथा गुणवत्ता की जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए।
जनता के पैसे का सही उपयोग हो
महापौर ने कहा कि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे प्रत्येक विकास कार्य का लाभ आम नागरिकों को मिलना चाहिए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी होने से सड़कें समय से पहले खराब हो सकती हैं और जनता के धन का नुकसान होता है। इसलिए अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।
निरीक्षण के दौरान निगम के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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