धमतरी में तेंदुए का खूनी आतंक! कारीपानी में सुबह से शाम तक 8 ग्रामीणों पर हमला, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल...
जयकिशन साहू... हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज
नगरी/धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत बोराई के आश्रित ग्राम कारीपानी और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की सक्रियता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह से शाम तक तेंदुए के हमलों में कुल 8 ग्रामीणों के घायल होने की बात सामने आई है। वहीं, बुधवार शाम एक अन्य घटना में अपनी पत्नी को बचाने पहुंचे ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पत्नी को बचाने दौड़ा पति, तेंदुए ने किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6 बजे तेजलाल पिता गुहराम अपने घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान तेंदुआ उनके घर के भीतर घुस गया, जहां उनकी पत्नी खेमबाई मौजूद थीं। पत्नी को खतरे में देखकर तेजलाल उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर दौड़े, तभी तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में तेजलाल के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल को उपचार के लिए नगरी अस्पताल पहुंचाया गया।
सुबह से शाम तक हमलों से दहशत, 8 ग्रामीण घायल होने की जानकारी
कारीपानी और आसपास के वनांचल क्षेत्रों में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। गुरुवार सुबह हुई घटनाओं में तीन से चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद भी तेंदुए की सक्रियता बनी रहने की बात कही जा रही है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह से शाम तक हमलों में कुल 8 ग्रामीण घायल हुए हैं। हालांकि, घायलों की संख्या और सभी घटनाओं का आधिकारिक विवरण संबंधित विभाग से पुष्टि के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
पिछले साल भी नवरात्रि के दौरान सामने आए थे हमले
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वर्ष 2025 में नवरात्रि पर्व के दौरान सिहावा के पहाड़ी क्षेत्र में भी तेंदुए के हमलों में कई लोग घायल हुए थे। अब एक बार फिर नवरात्रि के आसपास बोराई मार्ग और कारीपानी क्षेत्र में लगातार हमलों की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोग घरों से बाहर निकलने और जंगल से लगे रास्तों पर आवाजाही करने में भी भय महसूस कर रहे हैं।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप, सुरक्षित रेस्क्यू की मांग
लगातार हो रहे हमलों से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और समय रहते जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए थे।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाई जाए, लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जाए और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए जल्द प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सके।
लगातार हो रहे हमलों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वनांचल के ग्रामीणों को तेंदुए के आतंक से कब राहत मिलेगी? अब ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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