✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर के तीन वार्डों में दूषित पानी और गंदगी के कारण पीलिया और टाइफाइड के मामले सामने आने से हड़कंप मच गया है। नया पारा, रिसाई पारा और रामसागर पारा में अब तक 37 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
नया पारा में सबसे ज्यादा मरीज
नया पारा वार्ड में ही 20 से ज्यादा लोगों के पीलिया और टाइफाइड से पीड़ित होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई घरों में उल्टी, दस्त और बुखार से लोग परेशान हैं। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से वार्डवासियों में चिंता और दहशत का माहौल है।
गंदगी और डेयरियों को लेकर लोगों में नाराजगी
वार्डवासियों का आरोप है कि रिहायशी इलाके में कई डेयरियां संचालित हो रही हैं। डेयरियों से निकलने वाला गोबर और गंदा पानी नालियों में बहाया जा रहा है। इससे नालियां जाम होने के साथ ही गंदगी सड़कों तक फैल रही है।
स्थानीय लोगों को आशंका है कि पाइपलाइन में लीकेज के कारण दूषित पानी पीने के पानी में मिल रहा है, जिसके चलते बीमारी फैल रही है। हालांकि, दूषित पानी ही बीमारी फैलने का कारण है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
रिसाई पारा और रामसागर पारा में भी मरीज
नया पारा के अलावा रिसाई पारा में करीब 10 और रामसागर पारा में करीब 7 मरीज मिलने की जानकारी है। तीनों वार्डों में बीमारी के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों में आक्रोश है।
वार्डवासियों की मांग है कि पूरे इलाके में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और रिहायशी क्षेत्रों में संचालित डेयरियों पर कार्रवाई की जाए। स्थानीय पार्षद ने भी समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पाइपलाइन लीकेज की जांच में जुटा नगर निगम
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम का जल विभाग सक्रिय हुआ है। पानी की पाइपलाइन में संभावित लीकेज का पता लगाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर खुदाई कर जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जब तक पानी की गुणवत्ता को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक पानी को उबालकर ही पिएं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही घर-घर सर्वे
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर घर-घर सर्वे कर रही है। लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ बीमारी से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर दूषित पानी और गंदगी की वजह से बीमारी फैलने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रभावित वार्डों में तत्काल सफाई, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाए, ताकि बीमारी को और फैलने से रोका जा सके।
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