हमर प्रदेश सीजी न्यूज़
स्टेट हेड रिपोर्टर- मनोज कुमार भट्ट
धर्म बदलने के साथ आरक्षण खत्म, सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि हिंदू धर्म में पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से जुड़ा कोई व्यक्ति अगर दूसरा धर्म अपना लेता है तो वह उसी आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता।
कोर्ट ने कहा कि हिंदू जाति व्यवस्था के तहत व्यक्ति का सामाजिक पिछड़ापन दूसरे धर्म में जाने के बाद अपने आप में बदलाव नहीं होता।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें धर्म परिवर्तन मुस्लिम बने लोगों को पिछड़ा वर्ग मुस्लिम के तहत आरक्षण देने की बात कही गई थी।
तमिलनाडु सरकार ने मार्च 2024 में आदेश जारी कर पिछड़े वर्ग, अति पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति से इस्लाम अपनाने वालों को 7 अधिसूचित मुस्लिम समुदायों में शामिल कर आरक्षण देने की व्यवस्था की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल धर्म बदलने से कोई व्यक्ति पिछड़ा वर्ग मुस्लिम नहीं बन जाता। संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत मिलने वाला आरक्षण का लाभ और SC Order 1950 के नियमों के तहत ही मिलेगा। कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका खारिज कर दी।
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