✍️ब्लॉक रिपोर्टर जयकिशन साहू हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज

उपार्जन केन्द्रों में तौल, बारदाना, बिजली, इंटरनेट एवं भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए किसानों को फसल सुरक्षा के लिए करें जागरूक, ग्रामीण अमले के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाएं सलाह
धमतरी, 26 अक्टूबर 2026। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन कार्य को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्रों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि किसानों को उपज विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदाना, सुचारु तौल व्यवस्था, कंप्यूटर, बिजली एवं इंटरनेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। धान की गुणवत्ता जांच, तौल, भंडारण और परिवहन की प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शी ढंग से संचालित हो। किसानों को उनकी उपज के विक्रय एवं भुगतान संबंधी प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं का पूर्व परीक्षण कर लिया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला खाद्य अधिकारी श्री वसंत कुर्राम ने धान खरीदी प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी पहलुओं तथा बारदाना उपलब्धता सहित अन्य तैयारियों की जानकारी दी। कलेक्टर ने सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं विपणन संघ के अधिकारियों को किसानों के पंजीयन, धान की तौल, अभिलेख संधारण और भंडारण संबंधी कार्यों में पूरी सावधानी बरतने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए।
संभावित वर्षा को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतें किसान
बैठक में मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों एवं फसलों की सुरक्षा की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुरूप किसानों को संभावित वर्षा के मद्देनजर आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जाए। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा किसानों को समय पर कृषि सलाह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान, दलहन एवं तिलहन फसलों की कटाई मौसम अनुकूल होने तक, जहां संभव हो, दो से चार दिन के लिए टालने की सलाह किसानों को दी जाए। जिन किसानों ने फसल की कटाई कर ली है, वे कटी हुई उपज को जल्द से जल्द सुरक्षित एवं ढके हुए स्थान पर रखें। खुले स्थानों में रखी फसल को तिरपाल अथवा अन्य उपयुक्त साधनों से ढंककर सुरक्षित किया जाए, ताकि वर्षा से उपज को नुकसान न हो।
उन्होंने खेतों में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करने, निचले खेतों पर विशेष ध्यान देने तथा फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह देने को कहा। कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से परामर्श लेकर ही उचित कीटनाशक अथवा कवकनाशक का उपयोग किया जाए। वर्षा की संभावना के दौरान अनावश्यक छिड़काव से बचने और मौसम की स्थिति अनुकूल होने पर ही कृषि कार्य करने के संबंध में भी किसानों को जागरूक किया जाए।
ग्रामीण अमले के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचे कृषि सलाह
कलेक्टर श्री मिश्रा ने निर्देश दिए कि किसानों तक मौसम संबंधी चेतावनी एवं कृषि सलाह पहुंचाने के लिए कृषि विभाग के मैदानी अमले के साथ पटवारी, ग्राम सचिव तथा अन्य ग्रामीण कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए। ग्राम स्तर पर किसानों को संभावित वर्षा, फसल कटाई, उपज के सुरक्षित भंडारण और खेतों से पानी की निकासी के संबंध में जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि समय पर मिलने वाली सूचना से किसानों को संभावित नुकसान से बचाव के लिए आवश्यक तैयारी करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी की तैयारियों और मौसम के मद्देनजर कृषि संबंधी सावधानियों—दोनों विषयों पर गंभीरता से कार्य करें। विभागीय समन्वय, नियमित निरीक्षण और समयबद्ध कार्यवाही के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि धान उपार्जन व्यवस्था सुचारु रहे तथा किसानों की फसलों एवं उपज की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम समय पर उठाए जा सकें।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!