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धान खरीदी से पहले किसानों को बड़ी राहत, सह खातेदारों के पंजीयन पर बदला नियम   

DHANIRAM- संपादक hamarpradeshcg.com
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धान खरीदी से पहले किसानों को बड़ी राहत, सह खातेदारों के पंजीयन पर बदला नियम    

धान खरीदी से पहले किसानों को बड़ी राहत, सह खातेदारों के पंजीयन पर बदला नियम

  

हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ 

07/10/2026

 

 छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर संयुक्त खातों में आने वाली परेशानी को देखते हुए सह खातेदारों के अलग-अलग पंजीयन की अनिवार्यता खत्म करने का निर्देश जारी किया गया है। अब संयुक्त खाते वाले परिवार में केवल लंबरदार या मुख्य खातेदार का एग्रीस्टैक पंजीयन पर्याप्त माना जाएगा।

 

संयुक्त खातों वाले परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा

 

अब तक संयुक्त या पुश्तैनी जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज सह खातेदारों के पंजीयन को लेकर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अलग-अलग नाम दर्ज होने के कारण प्रत्येक सह खातेदार का एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की प्रक्रिया लंबी हो रही थी।

 

नए निर्देश से ऐसे परिवारों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। अब मुख्य खातेदार के पंजीयन के आधार पर धान बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। इससे किसानों को पंजीयन के लिए बार-बार समिति या संबंधित केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

 

धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक अभी भी जरूरी

 

सह खातेदारों के नियम में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि एग्रीस्टैक पंजीयन की आवश्यकता खत्म हो गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी जरूरी रखी गई है।

 

सरकारी जानकारी के मुताबिक धान बिक्री के लिए संबंधित खसरों की फार्म आईडी को किसान की फार्मर आईडी से लिंक करना भी आवश्यक है। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज धान का रकबा ही खरीदी के लिए मान्य होगा।

 

पंजीयन की समय सीमा भी जान लें

 

2026-27 खरीफ विपणन वर्ष के लिए किसान पंजीयन और पंजीकृत फसल तथा रकबे में संशोधन की प्रक्रिया 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। जिन किसानों के पास पहले से किसान कोड और एग्रीस्टैक फार्मर आईडी है, उनके लिए पुराना पंजीयन आगे भी मान्य रहने की व्यवस्था बताई गई है।

 

नए किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन के बाद संबंधित समिति या उपार्जन केंद्र में भूमि, खसरा, बैंक खाते और नामिनी से जुड़ी जानकारी दर्ज करानी होगी।

 

15 नवंबर से खरीदी शुरू होने की बात, लेकिन तारीख की पुष्टि जरूरी

 

पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हुई थी। हालांकि 2026-27 के लिए खरीदी की अंतिम शुरुआत तिथि अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसानों को सरकार की आगामी अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए। राज्य के खाद्य विभाग की वेबसाइट पर 2026-27 की धान खरीदी के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध है।

 

किसान अभी कौन से काम जरूर पूरा करें

 

धान बेचने वाले किसानों को अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए अपनी एग्रीस्टैक फार्मर आईडी, संबंधित खसरों की लिंकिंग, बैंक खाते और नामिनी की जानकारी जांच लेनी चाहिए। डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज रकबे की जानकारी भी सही होना जरूरी है, क्योंकि इसी आधार पर खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

 

इस बदलाव से संयुक्त खातों वाले किसानों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है। अब किसानों की नजर धान खरीदी की अंतिम गाइडलाइन और सरकार की ओर से जारी होने वाले अगले निर्देशों पर रहेगी।

 

किरण नायक 

ब्लॉक रिपोर्टर

DHANIRAM- संपादक hamarpradeshcg.com
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DHANIRAM- संपादक hamarpradeshcg.com

Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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