Sunday, October 25 2026
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नाबालिग प्रेमिका के कातिलों को 'सेम डे' बेल पर उबाल!न्याय व्यवस्था का मखौल या खाकी की बड़ी लापरवाही? 

State Head - MANOJ
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नाबालिग प्रेमिका के कातिलों को 'सेम डे' बेल पर उबाल!न्याय व्यवस्था का मखौल या खाकी की बड़ी लापरवाही? 

रिपोर्टर आनन्दगुप्ता 
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ 
 मुंगेली जिला 
 नाबालिग प्रेमिका के कातिलों को 'सेम डे' बेल पर उबाल!न्याय व्यवस्था का मखौल या खाकी की बड़ी लापरवाही? 

खूनखराबा और महज़ घंटों में रिहाई? वाह रे हमारी न्याय और जांच प्रणाली!

​छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के नेवासपुर गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 17 साल की एक नाबालिग प्रेमिका की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी जाती है। पुलिस मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी अजीत घृतलहरे और उसके साथी साहिल खांडे को दबोचकर 72 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश भी कर देती है—लेकिन आगे जो होता है, वह सिस्टम के मुँह पर एक बड़ा तमाचा है!

​सीजेएम कोर्ट ने आरोपियों को उसी दिन यानी 'सेम डे' जमानत दे दी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और जनता का खून खौल उठा है। एक मासूम की जान चली गई, और कातिल चंद घंटों में खुलेआम बाहर घूमने लगे?मृतका के परिजनों ने जमानत निरस्त करने की मांग की है।

0 ​कहाँ हुई चूक? कौन है जिम्मेदार?

​प्रक्रियागत खामियाँ: शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस की जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में ऐसी भयंकर खामियां छोड़ी गईं कि अदालत के लिए आरोपियों को जमानत देना मजबूरी बन गया।

​प्रशिक्षु एसआई की लापरवाही: बताया जा रहा है कि इस संवेदनशील हत्याकांड की जांच एक प्रशिक्षु एसआई के हवाले थी, जिनकी लचर कार्यशैली ने अपराधियों को संजीवनी दे डाली। वही ये भी कि क्या किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इस जांच पर कोई सुपरविजन ही नहीं किया?अब विभागीय नोटिस की खानापूर्ति की चर्चा है, लेकिन क्या इससे उस बेटी की जान जाने से व्यथित उसके परिजनों को कोई राहत का मरहम मिलेगा?

​दर-दर भटकता प्रशासन: हालात इतने बेकाबू और शर्मनाक हो चुके हैं कि मुंगेली के कलेक्टर और एसएसपी को खुद न्याय की भीख मांगने के लिए जिला जज के दरवाजे पर गुहार लगानी पड़ रही है। इससे बड़ा प्रशासनिक लाचारी का उदाहरण और क्या होगा?

​अब पुलिस इस घटिया जांच प्रक्रिया और कोर्ट के आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रही है—लेकिन सवाल यह है कि जब पहली बार में ही दूध और पानी का हिसाब रखने वाले नुमाइंदे ऐसी आपराधिक लापरवाही बरतेंगे, तो आम जनता किस पर भरोसा करे?

​क्या खाकी की नाकामी और कानूनी दांव-पेच ऐसे ही अपराधियों के हौसले बढ़ाते रहेंगे? इस संगीन जुर्म में न्याय का गला घोंटने वाले हर एक जिम्मेदार पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, वरना जनता का इस सिस्टम से पूरी तरह भरोसा उठ जाएगा!

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State Head - MANOJ

Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in अपराध.

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