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मनोज कुमार भट्ट, स्टेट रिपोर्टर - जगदलपुर छत्तीसगढ़
पंडरीपानी के मौत वाले ब्लैक स्पॉट पर फिर बही खून की धारा, बेकाबू टो वाहन ने 7 वाहनों को कुचला, 10 घायल, 2 जिंदगी-मौत से जूझ रहे
जगदलपुर। बस्तर की लाइफलाइन कहे जाने वाले NH-30 पर गुरुवार रात करीब 8.30 बजे दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। जगदलपुर के पंडरीपानी में टाटा मोटर्स शोरूम के ठीक सामने स्थित अंधे मोड़ पर तेज रफ्तार टोइंग वाहन (क्रेन वाली गाड़ी) ने अपना नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे वाहनों पर कहर बनकर टूट पड़ा।
बेकाबू टो वाहन ने एक के बाद एक एक ऑटो, पांच मोटरसाइकिल और एक कार समेत कुल सात वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क पर 50 मीटर तक वाहनों के परखच्चे बिखर गए।
8 से 10 घायल, दो की हालत नाजुक
इस हादसे में ऑटो में बैठी 3 महिलाओं समेत कुल 8 से 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में कुछ मेडिकल कॉलेज के छात्र और ड्यूटी से लौट रहे कर्मचारी भी बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ऑटो पूरी तरह पिचक गया था और बाइकें टो वाहन के नीचे फंस गई थीं।
स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत 108 की मदद से महारानी अस्पताल और डिमरापाल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां दो लोगों की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखा है।
गुस्साए लोगों ने चालक को पीटा, पुलिस ने बचाया
हादसे के बाद मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों का गुस्सा इतना था कि उन्होंने टो वाहन के चालक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची कोतवाली और परपा पुलिस ने बड़ी मुश्किल से चालक को भीड़ से बचाया और हिरासत में लिया। पुलिस ने क्रेन वाहन को जब्त कर लिया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है।
क्यों है ये मोड़ मौत का दूसरा नाम?
पंडरीपानी का ये अंधा मोड़ जगदलपुर का सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट है।
1. अंधा मोड़:दोनों तरफ से आने वाले वाहनों को 100 मीटर पहले तक एक-दूसरे का पता ही नहीं चलता।
2. कोई संकेतक नहीं: यहां न तो पर्याप्त रिफ्लेक्टर लगे हैं, न स्पीड ब्रेकर, न ही स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था।
3. व्यस्ततम मार्ग:इसी रोड पर कॉन्टिनेंटल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कई निजी स्कूल और शोरूम हैं। दिनभर हजारों वाहनों का दबाव रहता है।
स्थानीय निवासी संतोष मिश्रा बताते हैं - "हम पिछले 3 साल से लिखित में शिकायत दे रहे हैं। हर महीने यहां 2-3 एक्सीडेंट होते हैं। प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति करता है।"
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
इस हादसे के बाद एक बार फिर शहर में गुस्सा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर और NHAI से मांग की है कि इस मोड़ का तत्काल इंजीनियरिंग सर्वे कराया जाए। मोड़ को चौड़ा कर सीधा किया जाए, हाई-मास्ट लाइट, रंबल स्ट्रिप और बड़े साइन बोर्ड लगाए जाएं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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