Tuesday, October 27 2026
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पखांजूर की सड़कों पर ‘राहु-केतु’ बने सुरजागढ़ माइंस के भारी वाहन, ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी

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पखांजूर की सड़कों पर ‘राहु-केतु’ बने सुरजागढ़ माइंस के भारी वाहन, ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी

 

कांकेर। पखांजूर क्षेत्र में सुरजागढ़ माइंस से जुड़े भारी वाहनों की लगातार आवाजाही अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। सड़क की बदहाल स्थिति, उड़ती धूल और पुराने पुल-पुलियों पर बढ़ते दबाव को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने माइंस के इन भारी वाहनों को तंज कसते हुए ‘राहु-केतु’ नाम तक दे दिया है।

 

सड़क को ‘निगल’ रहे भारी वाहन

 

ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह पौराणिक मान्यता में राहु-केतु सूर्य को ढक लेते हैं, उसी तरह माइंस के भारी वाहन पखांजूर की सड़कों को धीरे-धीरे ‘निगल’ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पहले से खराब सड़कें और अधिक जर्जर होती जा रही हैं।

 

तस्वीरों में भारी वाहनों को करीब 60 वर्ष पुराने अंजली पुल से गुजरते हुए देखा जा सकता है। इसे लेकर ग्रामीणों ने पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

 

ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

 

1. सड़क और गड्ढों की समस्या: भारी वाहनों की आवाजाही से पहले से खराब सड़क पर गड्ढों की स्थिति और गंभीर होने का आरोप है।

 

2. धूल से मुश्किल: वाहनों के गुजरने के दौरान सड़क पर धूल का गुबार उठता है। ग्रामीणों का कहना है कि पीछे से आने वाले लोगों को कई बार आगे का रास्ता तक साफ दिखाई नहीं देता।

 

3. पुराने पुलों पर दबाव: ग्रामीणों के अनुसार भारी और ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से पुराने पुल-पुलियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

 

एसडीएम को दिया गया आवेदन

 

ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से एसडीएम पखांजूर को आवेदन भी दिया जा चुका है। इसमें सड़क की खराब स्थिति के साथ-साथ अंजली पुल की जर्जर हालत को लेकर चिंता जताते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।

 

ग्रामीणों का आरोप है कि माइंस के भारी वाहनों के संचालन के दौरान सड़क और पुराने पुलों की क्षमता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान सड़क के गड्ढे बड़ा मुद्दा बनते हैं और विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में लोगों को धूल और बदहाल सड़कों से जूझना पड़ रहा है।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से भारी एवं ओवरलोड वाहनों की जांच, सड़क की स्थिति का आकलन और पुराने पुलों की क्षमता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

 

स्टेट रिपोर्टर: मनोज भट्ट

HamarPradeshCG.com

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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