✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
पशुओं पर क्रूरता बर्दाश्त नहीं, सड़कों पर बेसहारा मवेशियों के प्रबंधन के लिए प्रशासन सख्त : कलेक्टर
घायल पशुओं को मिलेगा समय पर उपचार, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने विभागों को दिए निर्देश
पशु तस्करी एवं परिवहन में नियमों के उल्लंघन पर होगी नियमानुसार कार्रवाई, जनजागरूकता से मजबूत होगा पशु संरक्षण
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 16 अक्टूबर 2026। पशुओं के प्रति क्रूरता, सड़कों पर बेसहारा मवेशियों की समस्या और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने संबंधित विभागों को पशु संरक्षण और निराश्रित मवेशियों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ पशुओं के कल्याण को भी प्राथमिकता दी जाए।
शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति (एसपीसीए) की बैठक में कलेक्टर ने पशुओं के संरक्षण, घायल एवं बीमार पशुओं के उपचार, पशु परिवहन के नियमों के पालन और सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित मवेशियों की समस्या की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।
सड़कों पर मवेशियों की समस्या का होगा प्रभावी प्रबंधन
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले घूमने वाले मवेशी यातायात व्यवस्था के साथ-साथ दुर्घटनाओं का भी कारण बन सकते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने स्थानीय निकायों और पशुधन विकास विभाग को निराश्रित मवेशियों के उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समय रहते प्रभावी व्यवस्था बनाना जरूरी है। आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के साथ मवेशियों को भी सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें और आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करें।
घायल पशुओं के उपचार में न हो देरी
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले तथा बीमार पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने पशु चिकित्सा विभाग को उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुदृढ़ रखने और जरूरत पड़ने पर पुलिस, वन विभाग तथा स्थानीय निकायों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पशुओं के परिवहन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन कराने तथा उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। पशुओं के साथ मारपीट, क्रूरता और अमानवीय व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग में बेहतर समन्वय पर जोर
वन्यजीवों के संरक्षण और उपचार से जुड़े मामलों में कलेक्टर ने वन विभाग तथा पशु चिकित्सा विभाग को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं के प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और यातायात सुरक्षा को लेकर नगर निकायों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि पशु कल्याण से जुड़ी समस्याओं का निराकरण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरत के अनुसार मौके पर कार्रवाई कर व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया जाए।
पशु संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान पर जोर
पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए कलेक्टर ने विद्यालयों और आम नागरिकों के बीच जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से पशुओं की देखभाल, संरक्षण तथा क्रूरता की रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि पशु कल्याण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस, वन विभाग, नगरीय निकाय, शिक्षा विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के समन्वित प्रयासों से ही पशुओं के प्रति क्रूरता पर प्रभावी रोक लगाने, निराश्रित मवेशियों की समस्या का समाधान करने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में सफलता मिलेगी।
बैठक में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, पुलिस विभाग के उप पुलिस अधीक्षक, वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, गौसेवा आयोग के जिला अध्यक्ष सहित पशुधन विकास विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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