रिपोर्टर आनन्दगुप्ता हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ मुंगेली जिला •
पालेस्वर नाथ आश्रम में मां दुर्गा की प्रतिमा आदिवासी थीम पर पंडाल बना है जो आकर्षक और अपनी कला को प्रदर्शित कर रही है
यहां नवरात्रि में रोज कन्या भोज होता हैं प्रतिदिन श्रद्धालु के लिए दोनों समय भंडारा होती हैं साथ ही जसगीत रात्रि के समय होती हैं
आस्था का केंद्र: यह भगवान शिव (महादेव) को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है। सावन मास और शिवरात्रि के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
• ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताएं: स्थानीय मान्यताओं और परंपराओं में इस मंदिर का गहरा महत्व है। कई लोग इसकी तुलना प्राचीन वास्तुकला और ऐतिहासिक धरोहरों से करते हैं।
• क्षेत्रीय स्थिति: यह लोरमी और कोटा के बीच संपर्क मार्ग पर स्थित है, जहां आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से लोग आसानी से पहुंच सकते हैं।
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