Sunday, October 25 2026
ताज़ा ख़बरें

Loading...

प्रदेश का पहला बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर IGKV में तैयार, 23 प्रयोगशालाएं और 23 स्टार्टअप कंपनियों के कार्यालय होंगे

State Head - KISHOR_HP
State Head - KISHOR_HP
42 Views 5 Min Read 0 Comments
प्रदेश का पहला बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर IGKV में तैयार, 23 प्रयोगशालाएं और 23 स्टार्टअप कंपनियों के कार्यालय होंगे

✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार

20.55 करोड़ रुपये की लागत से तैयार केंद्र, युवाओं को शोध, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद

 

रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) परिसर में अत्याधुनिक सुभाष चंद्र बोस बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इसका उद्घाटन आगामी 29 और 30 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले ‘छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ के दौरान प्रस्तावित है।

 

प्रदेश के पहले बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर की शुरुआत से जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है। साथ ही युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने, नवाचार करने और रोजगार के नए अवसर मिलने का रास्ता भी खुलेगा।

 

त्रिपक्षीय अनुबंध से तैयार हुआ केंद्र

 

भारत सरकार और राज्य शासन के सहयोग से राजधानी में जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना विकसित की जा रही है। परियोजना के प्रथम चरण के तहत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में इस अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर का निर्माण किया गया है।

 

केंद्र की स्थापना के लिए भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

 

20 करोड़ 55 लाख रुपये की स्वीकृति

 

परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सेंटर के निर्माण एवं फर्निशिंग कार्य के लिए 20 करोड़ 55 लाख रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के जैव संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ नवाचार, शोध और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है। यहां युवाओं को जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

सेंटर की प्रमुख विशेषताएं

 

🔬 23 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं:

सेंटर में कुल 23 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इनमें जैव सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा दो सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन एवं एनालिटिकल टेस्टिंग लैब भी स्थापित की गई हैं।

 

🏢 23 स्टार्टअप कंपनियों के लिए कार्यालय:

इंक्युबेशन सेंटर में कुल 23 स्टार्टअप कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 17 सूक्ष्म एवं लघु और 6 वृहद उद्योगों के संचालन की व्यवस्था बताई गई है। चयनित स्टार्टअप कंपनियां अधिकतम तीन वर्षों तक सेंटर में काम कर सकेंगी।

 

🌾 कृषि और फार्मा बायोटेक को प्राथमिकता:

केंद्र में कृषि बायोटेक्नोलॉजी और फार्मा बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

 

युवाओं के लिए बनेगा बड़ा अवसर

 

बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर के शुरू होने के बाद प्रदेश में जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े शोध, तकनीक और उद्योग को एक साझा मंच मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय जैव संसाधनों पर आधारित नए उत्पाद और तकनीक विकसित करने के साथ युवाओं को उद्यमिता और रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।

 

यह केंद्र छत्तीसगढ़ को जैव प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

State Head - KISHOR_HP
Written by

State Head - KISHOR_HP

Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

Comments (0)

Leave a Comment

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Latest Videos