Tuesday, October 27 2026
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बसना : गोविंद अस्पताल में लैब टेक्नीशियन मिला अनुपस्थित, बसना पैथोलॉजी लैब में गंभीर अनियमितताएं, अवलेडी अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ ने स्वयं को बताया चिकित्सक, बंसुला में मेडिकल स्टोर की आड़ में हो रहा था मरीजों का उपचार

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Hamar Pradesh Cg.com
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✍️हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ 27/10/2026

किरण नायक रिपोर्टर,बसना

 

जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बसना क्षेत्र के निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैबों एवं मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एक. सिंह के नेतृत्व में गठित जांच दल ने विभिन्न संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट एवं शासन के स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों के पालन की जांच की। 

 

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जांच दल में सीएमएचओ, सहायक नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट), खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) तथा जिला समन्वयक (आयुष्मान भारत) शामिल रहे।

 

निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल परिसर एवं वार्डों में साफ-सफाई का उच्च स्तर बनाए रखने तथा चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार 24×7 सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता, विनम्रता और शालीनता से व्यवहार करने की हिदायत भी दी।

 

निजी संस्थानों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

 

श्री गोविंद अस्पताल, बसना: निरीक्षण के दौरान अस्पताल की प्रयोगशाला में लैब टेक्नीशियन अनुपस्थित मिले। प्रबंधन द्वारा भोजन अवकाश की जानकारी दिए जाने पर सीएमएचओ ने निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों का नियमानुसार उपचार, आयुष्मान कार्ड निर्माण तथा योजना संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

 

बसना पैथोलॉजी लैब में निरीक्षण के दौरान लैब में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। उल्लेखनीय है कि इस लैब के विरुद्ध पूर्व में भी सील करने की कार्रवाई की जा चुकी है। जांच में पाया गया कि योग्य पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में जांचें की जा रही थीं तथा लैब को प्राप्त अनुमति के दायरे से बाहर की जांचें भी संचालित की जा रही थीं। इसके अतिरिक्त, लैब में तीन ऐसे कर्मी कार्यरत मिले, जो राज्य के अन्य संस्थानों में नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ ने लैब संचालक को व्यवस्थाओं में सुधार करने तथा निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

अवलेडी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर संचालित मिला तथा प्रसव के बाद कई महिलाएं भर्ती थीं। मौके पर केवल एक बीएचएमएस चिकित्सक उपस्थित मिले। जांच दल के अनुसार, चिकित्सकीय निगरानी एवं आवश्यक दस्तावेजी अनुमोदन के बिना रक्त चढ़ाने, नर्सिंग स्टाफ द्वारा स्वयं को चिकित्सक के रूप में प्रस्तुत करने तथा प्रसव एवं आपातकालीन सेवाओं में निर्धारित प्रोटोकॉल के उल्लंघन जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दवाओं के उपयोग में भी शासन के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई। अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

 

साव मेडिकल, बंसुला में मेडिकल स्टोर की आड़ में अनधिकृत रूप से मरीजों का उपचार किए जाने की शिकायत पर जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कोई मरीज उपचाररत नहीं मिला, लेकिन दुकान में खुले इंजेक्शन, सिरिंज एवं अन्य चिकित्सीय सामग्री पाई गई। इस संबंध में संचालक से जवाब तलब करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

 

सीएमएचओ ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैबों एवं मेडिकल स्टोरों के लिए निर्धारित नियमों, पंजीयन की शर्तों तथा स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने एवं पाई गई अनियमितताओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा अनियमितताएं जारी रहने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई तथा आवश्यकतानुसार संस्थान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। अनुपस्थित, बसना पैथोलॉजी लैब में गंभीर अनियमितताएं, अवलेडी अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ ने स्वयं को बताया चिकित्सक, बंसुला में मेडिकल स्टोर की आड़ में हो रहा था मरीजों का उपचार

 

 

जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने बसना क्षेत्र के निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैबों एवं मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एक. सिंह के नेतृत्व में गठित जांच दल ने विभिन्न संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट एवं शासन के स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों के पालन की जांच की। 

 

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जांच दल में सीएमएचओ, सहायक नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट), खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) तथा जिला समन्वयक (आयुष्मान भारत) शामिल रहे।

 

निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने अस्पताल परिसर एवं वार्डों में साफ-सफाई का उच्च स्तर बनाए रखने तथा चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार 24×7 सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता, विनम्रता और शालीनता से व्यवहार करने की हिदायत भी दी।

 

निजी संस्थानों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

 

श्री गोविंद अस्पताल, बसना: निरीक्षण के दौरान अस्पताल की प्रयोगशाला में लैब टेक्नीशियन अनुपस्थित मिले। प्रबंधन द्वारा भोजन अवकाश की जानकारी दिए जाने पर सीएमएचओ ने निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों का नियमानुसार उपचार, आयुष्मान कार्ड निर्माण तथा योजना संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

 

बसना पैथोलॉजी लैब में निरीक्षण के दौरान लैब में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। उल्लेखनीय है कि इस लैब के विरुद्ध पूर्व में भी सील करने की कार्रवाई की जा चुकी है। जांच में पाया गया कि योग्य पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में जांचें की जा रही थीं तथा लैब को प्राप्त अनुमति के दायरे से बाहर की जांचें भी संचालित की जा रही थीं। इसके अतिरिक्त, लैब में तीन ऐसे कर्मी कार्यरत मिले, जो राज्य के अन्य संस्थानों में नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ ने लैब संचालक को व्यवस्थाओं में सुधार करने तथा निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

अवलेडी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर संचालित मिला तथा प्रसव के बाद कई महिलाएं भर्ती थीं। मौके पर केवल एक बीएचएमएस चिकित्सक उपस्थित मिले। जांच दल के अनुसार, चिकित्सकीय निगरानी एवं आवश्यक दस्तावेजी अनुमोदन के बिना रक्त चढ़ाने, नर्सिंग स्टाफ द्वारा स्वयं को चिकित्सक के रूप में प्रस्तुत करने तथा प्रसव एवं आपातकालीन सेवाओं में निर्धारित प्रोटोकॉल के उल्लंघन जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दवाओं के उपयोग में भी शासन के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई। अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

 

साव मेडिकल, बंसुला में मेडिकल स्टोर की आड़ में अनधिकृत रूप से मरीजों का उपचार किए जाने की शिकायत पर जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कोई मरीज उपचाररत नहीं मिला, लेकिन दुकान में खुले इंजेक्शन, सिरिंज एवं अन्य चिकित्सीय सामग्री पाई गई। इस संबंध में संचालक से जवाब तलब करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

 

सीएमएचओ ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी लैबों एवं मेडिकल स्टोरों के लिए निर्धारित नियमों, पंजीयन की शर्तों तथा स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। संबंधित संस्थानों को निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने एवं पाई गई अनियमितताओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा अनियमितताएं जारी रहने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई तथा आवश्यकतानुसार संस्थान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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