बिलासपुर/कोटा:
जिले में चलाए जा रहे 'निजात' व नशा मुक्ति अभियान के तहत कोटा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने केवल गांजा बेचने वाले फुटकर तस्कर तक सीमित न रहकर 'बैकवर्ड लिंकेज' (सप्लाई चेन) की पड़ताल करते हुए मुख्य सप्लायर को भी धर दबोचा है। रतनपुर क्षेत्र के जाली गांव से फरार चल रहे मुख्य गांजा सप्लायर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पहले पकड़ा गया था 50 हजार का गांजा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर नशे के कारोबारियों पर नकेल कसी जा रही है। इसी कड़ी में कोटा पुलिस ने 19 अगस्त को वार्ड क्रमांक 01 सूदनपारा में दबिश देकर हीरो नेताम (40 वर्ष) को 1 किलोग्राम गांजे (कीमत ₹50,000) के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। आरोपी हीरो नेताम को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने के साथ ही पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए 'एंड टू एंड' विवेचना शुरू की।
पूछताछ में खुला मुख्य सप्लायर का नाम
पुलिस रिमांड और मेमोरेंडम बयान के दौरान गिरफ्तार आरोपी हीरो नेताम ने कबूल किया था कि वह बिक्री के लिए गांजा रतनपुर क्षेत्र के ग्राम जाली निवासी संतोष उर्फ भुरवा मरकाम से खरीदकर लाता था। इसके बाद से ही कोटा पुलिस फरार सप्लायर की तलाश में जुटी हुई थी।
घेराबंदी कर दबोचा गया मुख्य आपूर्तिकर्ता
मुखबिर की सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कोटा पुलिस ने रतनपुर के ग्राम जाली में दबिश देकर फरार सप्लायर को दबोच लिया।
* गिरफ्तार आरोपी: संतोष उर्फ भुरवा मरकाम (32 वर्ष), पिता स्व. रामसाय मरकाम उर्फ भोखवा, निवासी ग्राम जाली, थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर।
आरोपी के खिलाफ थाना कोटा में दर्ज अपराध क्रमांक 685/2026, धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस 'बैकवर्ड ट्रेल' कार्रवाई में कोटा थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, सहायक उपनिरीक्षक गोपाल प्रसाद खांडेकर, आरक्षक सत्य प्रकाश यादव एवं आरक्षक नंद कुमार यादव की अहम भूमिका रही।
✒️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
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