✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
चकरभाठा के कड़ार गांव के पास हादसा, बच्चों में मची चीख-पुकार; ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला
बिलासपुर, छत्तीसगढ़। जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कड़ार के पास बुधवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। फोलिएज पब्लिक स्कूल की बच्चों से भरी बस अनियंत्रित होकर सड़क से उतरते हुए खेत में जा घुसी। हादसे के वक्त बस में करीब 25 बच्चे सवार थे। दुर्घटना में एक बच्चे को गंभीर चोट आने की जानकारी सामने आई है। घायल बच्चे को उसके परिजन अस्पताल लेकर गए हैं।
हादसे के बाद बस में सवार बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। मौके से गुजर रहे ग्रामीणों ने तत्काल मदद करते हुए बच्चों को बस से बाहर निकाला और उन्हें संभाला। घटना की सूचना मिलने पर चकरभाठा पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची।
🚌 छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी बस
जानकारी के अनुसार, चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम कड़ार में संचालित फोलिएज पब्लिक स्कूल में आसपास के कई गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों को घर से स्कूल लाने और छुट्टी के बाद वापस पहुंचाने के लिए बस की व्यवस्था की गई है।
बुधवार दोपहर स्कूल की छुट्टी होने के बाद बस बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान कड़ार गांव के पास, नेशनल हाईवे से लगभग दो किलोमीटर अंदर, बस सड़क से उतरकर खेत में जा घुसी।
अचानक हुए हादसे से बच्चों में दहशत फैल गई। कुछ बच्चे रोने लगे, जबकि अन्य घबराकर मदद के लिए पुकारने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए बच्चों को बस से बाहर निकाला और उन्हें ढांढस बंधाया।
🏥 एक बच्चे को गंभीर चोट, पुलिस ने की पूछताछ
हादसे में एक बच्चे को गंभीर चोट आने की जानकारी सामने आई है। परिजन घायल बच्चे को उपचार के लिए निजी अस्पताल लेकर गए हैं। वहीं, घटना की सूचना मिलने पर चकरभाठा पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों से संबंधित जानकारी जुटाई।
प्रारंभिक पूछताछ में बस चालक की लापरवाही की आशंका सामने आई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
⚠️ स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बार-बार बस चालक बदलता रहता है, जिससे नए चालकों को क्षेत्र की सड़कों और यातायात की स्थिति समझने में परेशानी हो सकती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, हादसे के दिन भी बस तेज गति से चलाई जा रही थी। इसी वजह से बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई।
हालांकि, ये आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदारी तय होना जांच का विषय है।
👨👩👧 ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, बच्चों को संभाला
हादसे के समय आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल सहायता पहुंचाई। उन्होंने बस से बच्चों को बाहर निकालने के साथ ही डरे-सहमे बच्चों को संभाला और उन्हें शांत कराया।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा, चालकों की जिम्मेदारी और परिवहन व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
📢 बच्चों की सुरक्षा से समझौता क्यों?
स्कूल बसों में सफर करने वाले बच्चे पूरी तरह सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बस की गति, चालक की सतर्कता, वाहन की तकनीकी स्थिति और स्कूल प्रबंधन की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है।
अब यह देखना होगा कि हादसे के कारणों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जिम्मेदारों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।
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