✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
बिलासपुर। शहर में घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था में गड़बड़ी का एक और मामला सामने आया है। मगरपारा की बालाजी गैस एजेंसी के बाद अब तारबाहर स्थित विनोद गैस एजेंसी पर भी उपभोक्ता के नाम पर फर्जी बुकिंग और सिलिंडर की डिलीवरी दर्ज करने का आरोप लगा है।
मामला तब सामने आया जब अधिवक्ता और उपभोक्ता मनीष मिश्रा ने अपने गैस कनेक्शन से संबंधित ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच की। उनके मुताबिक, उन्होंने अब तक एजेंसी से केवल तीन घरेलू गैस सिलिंडर ही लिए हैं, लेकिन ऑनलाइन रिकॉर्ड में उनके नाम पर 10 सिलिंडर की डिलीवरी दर्ज मिली।
तीन सिलिंडर लिए, रिकॉर्ड में 10 की डिलीवरी
उपभोक्ता का आरोप है कि उनके द्वारा प्राप्त किए गए वास्तविक सिलिंडरों और ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज डिलीवरी की संख्या में बड़ा अंतर है। उनका कहना है कि यदि रिकॉर्ड में दर्ज अतिरिक्त सिलिंडर वास्तव में उन्हें दिए ही नहीं गए, तो उनके नाम और उपभोक्ता खाते का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया, इसकी जांच जरूरी है।
इस मामले ने गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं के नाम पर कथित तौर पर फर्जी बुकिंग और सिलिंडर की कालाबाजारी किए जाने के आरोपों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
जांच से सामने आ सकता है पूरा खेल
अब सवाल यह है कि उपभोक्ता के नाम पर दर्ज अतिरिक्त सिलिंडरों की बुकिंग और डिलीवरी किस स्तर पर हुई। संबंधित रिकॉर्ड, बुकिंग विवरण, डिलीवरी की जानकारी और उपभोक्ता की सहमति की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बालाजी गैस एजेंसी के बाद विनोद गैस एजेंसी से जुड़ा मामला सामने आने के बाद उपभोक्ताओं ने भी गैस बुकिंग और डिलीवरी रिकॉर्ड की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले में संबंधित विभाग की जांच और कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज अतिरिक्त सिलिंडरों के पीछे वास्तविक कारण क्या है।
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