🚨 बेमेतरा में 95 लाख के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 11 आरोपी गिरफ्तार
बैंक खाते किराए पर लेकर साइबर ठगों तक पहुंचा रहे थे रकम, पुलिस ने म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर कसा शिकंजा
बेमेतरा/छत्तीसगढ़। साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम का लेनदेन कराने वाले एक गिरोह का बेमेतरा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में करीब 95 लाख 9 हजार रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई एसपी त्रिलोक बंसल के निर्देश पर की गई। जांच की शुरुआत इंडियन ओवरसीज बैंक की बेमेतरा शाखा के एक खाते से हुई, जिसमें साइबर ठगी की रकम पहुंचने की जानकारी पुलिस को मिली थी। यह खाता जेवरा निवासी दुष्यंत साहू के नाम पर पाया गया।
💰 खाते में 95 लाख से ज्यादा जमा, लगभग पूरी रकम निकाली गई
बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि 18 सितंबर 2024 से 31 मई 2025 के बीच उक्त खाते में करीब 95 लाख 9 हजार रुपये जमा हुए, जबकि लगभग 94 लाख 92 हजार रुपये निकाले गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 2 जनवरी 2025 को ऑनलाइन ठगी की दो रकम इसी खाते में ट्रांसफर हुई थीं। पुलिस के अनुसार विशाखापट्टनम निवासी रामकृष्ण राजू से 9,800 रुपये और तमिलनाडु निवासी गुरुशंकर से 9,200 रुपये की साइबर ठगी की रकम इस खाते में पहुंची थी।
🔎 पूछताछ में सामने आया बैंक खातों का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान दुष्यंत साहू से पुलिस को नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार खाती गांव निवासी राहुल साहू ने पैसे देकर दुष्यंत का बैंक खाता खुलवाया था।
इसके बाद राहुल ने ताला निवासी थनवार यादव, जिया निवासी शंकर वर्मा, तिलक साहू, गगन वर्मा और शुभम वर्मा समेत अन्य लोगों के अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम हासिल किए और आगे उपलब्ध कराए।
🏦 16 अन्य खातों में भी पहुंची ठगी की रकम
जांच का दायरा बढ़ने पर पुलिस को इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के 16 अन्य खातों में भी साइबर ठगी से जुड़ी रकम मिलने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार इन खातों में अलग-अलग राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी कर करीब 1 लाख 67 हजार रुपये जमा किए गए थे।
💵 एक बैंक खाते के बदले मिलते थे 7 हजार रुपये
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी संतोष साहू ने कथित तौर पर बताया कि वह रेखराज कुर्रे और त्रिपुरारी साहू से पैसे देकर बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम लेता था। इसके बाद इन्हें रायपुर के सैकी नामक युवक को बेच दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक संतोष को प्रत्येक खाते के बदले 7 हजार रुपये मिलते थे।
👮♂️ इन 11 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले में साहिल महिलांगे, नंदकुमार महिलांगे, थनवार यादव, सागर यादव, रेखराज कुर्रे, त्रिपुरारी साहू, करण चंद्राकर, शंकर वर्मा, गगन वर्मा, शुभम वर्मा और संतोष साहू को गिरफ्तार किया है।
सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2), 317(4), 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
⚠️ एसपी ने दी सख्त चेतावनी
एसपी त्रिलोक बंसल ने कहा कि साइबर ठगी के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराना, जिसे आम तौर पर म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, गंभीर अपराध है। पुलिस के अनुसार ऐसे खातों को उपलब्ध कराने और खरीदने-बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
रिपोर्टर — संजय कुमार शुक्ला
हमर प्रदेश | छत्तीसगढ़
🌐 hamarpradeshcg.com
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