ब्रजधाम बना बिलासपुर: आस्था, भक्ति और उत्सव का ऐसा संगम कि रात तक सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
40 फीट ऊंची दही हांडी फूटी, 1008 कलशों से हुआ महाभिषेक; 211 किलो गुलाब से सजे खाटू श्याम, मंदिरों में आधी रात तक चला जन्माष्टमी उत्सव

बिलासपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरा बिलासपुर मानो ब्रजधाम में तब्दील हो गया। शहर के मंदिरों से लेकर प्रमुख बाजारों और सड़कों तक देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट, झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।

इस बार जन्माष्टमी का सबसे बड़ा आकर्षण 40 फीट ऊंची दही हांडी रही। गोड़पारा क्षेत्र में करीब 500 युवाओं ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद 49वीं बार फोड़ी मटकी, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। युवाओं के उत्साह और जय श्रीकृष्ण के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

1008 कलशों से महाभिषेक, 211 किलो गुलाब से श्रृंगार

खाटू श्याम मंदिर में जन्माष्टमी पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया गया। भगवान का 1008 कलशों से महाभिषेक कराया गया। इसके बाद करीब 211 किलो गुलाब के फूलों से खाटू श्याम का भव्य श्रृंगार किया गया। देर रात तक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
दूध की धार से हुआ अभिषेक, मंदिरों में विशेष आयोजन

शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक हुआ। एक मंदिर में 51 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। मंदिर परिसर में आकर्षक झांकियां सजाई गईं, वहीं श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
आधी रात तक सड़कों पर उमड़ा सैलाब
जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में देर रात तक भारी भीड़ रही। बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में शामिल हुए। कई स्थानों पर भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और जन्म प्रसंग पर आधारित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
नन्हे कान्हाओं ने भी मोहा मन
जन्माष्टमी पर शहर में बच्चों के बीच भी खासा उत्साह देखने को मिला। घरों और मंदिरों में नन्हे बच्चों को बाल कृष्ण और राधा के रूप में सजाया गया। सोशल मीडिया पर भी इन नन्हे कान्हाओं की तस्वीरें लोगों का खूब ध्यान खींचती रहीं।

कुल मिलाकर इस बार की जन्माष्टमी ने बिलासपुर को भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। मंदिरों की रोशनी, कृष्ण भक्ति के जयकारे, दही हांडी का रोमांच और श्रद्धालुओं की भीड़ ने शहर को सचमुच “ब्रजधाम” का स्वरूप दे दिया।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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