भक्ति के नाम पर प्रकृति से दगाबाजी! बिलासपुर में बिक रही थीं जहरीली PoP की मूर्तियां; निगम की छापेमारी में 24 गणेश प्रतिमाएं जब्त
निगम और पर्यावरण विभाग की संयुक्त स्ट्राइक: शहर के मूर्ति बाजारों में मचा हड़कंप
सख्ती से साफ संदेश— 'पर्यावरण से खिलवाड़ कर नहीं मनेगा गणेशोत्सव, मिट्टी के बप्पा ही पूजे जाएंगे'
दुकान-दुकान सघन जांच; नियमों की अनदेखी करने वाले मूर्तिकारों पर कानूनी शिकंजा
जनहित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन | बिलासपुर
गणेशोत्सव के उल्लास के बीच आस्था की आड़ में पर्यावरण को ज़हर बांटने वाले कारोबारियों पर नगर निगम और पर्यावरण विभाग की टीम ने बड़ा वार किया है। प्रतिबंधित प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) से तैयार की जा रहीं और धड़ल्ले से बेची जा रहीं 24 गणेश प्रतिमाओं को प्रशासन ने मौके पर छापा मारकर सीधे जब्त कर लिया। इस औचक कार्रवाई से शहरभर के मूर्ति बाजारों और पंडालों में खलबली मच गई है।
आस्था के बाजार में नियमों की बलि क्यों?
गणेशोत्सव के दौरान नदियों, तालाबों और जलस्रोतों को PoP के रासायनिक जहर से बचाने के लिए प्रशासन ने पहले ही सख्त गाइडलाइन जारी की थी। लेकिन ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई मूर्तिकारों और व्यापारियों ने मिट्टी की जगह आसानी से बनने वाली PoP मूर्तियों का स्टॉक सजा लिया था।
संयुक्त टीम का औचक छापा: नगर निगम के अधिकारियों और पर्यावरण अमले ने शहर के संवेदनशील इलाकों और मूर्ति निर्माण/बिक्री केंद्रों पर अचानक दबिश दी।
24 मूर्तियां जब्त: निरीक्षण के दौरान जैसे ही प्रतिमाओं की जांच की गई, वे रासायनिक और प्रतिबंधित PoP की पाई गईं, जिन्हें फौरन सरकारी कब्जे में ले लिया गया।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई: अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में चेताया है कि शहर के भीतर किसी भी कोने में यदि PoP की मूर्तियां बिकती पाई गईं, तो जब्ती के साथ-साथ भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होगी।
PoP की मूर्तियां: आस्था नहीं, जलस्रोतों के लिए अभिशाप
जांच में शामिल विशेषज्ञों और अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे भगवान गणेश के स्वागत में प्रकृति को चोट न पहुंचाएं।
सालों तक नहीं गलतीं: PoP पानी में घुलनशील नहीं होता और जलस्रोतों के तल में जमकर पानी को हमेशा के लिए प्रदूषित कर देता है।
जहरीले रंग: इनमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल और लेड युक्त रंग जलीय जीवों की मौत का कारण बनते हैं।
मिट्टी की प्रतिमा ही सनातनी परंपरा: सनातन धर्म की मूल मान्यता भी मिट्टी (पार्थिव) से मूर्ति बनाकर उसी में विसर्जित करने की है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी:
"भक्ति का सम्मान है, लेकिन प्रकृति और कानून से खिलवाड़ किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। आम नागरिक सिर्फ मिट्टी की मूर्तियों की ही स्थापना करें, और व्यापारी प्रतिबंधित माल बेचने की जुर्रत न करें।"
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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