आज के ज्ञापन में प्रमुख स्वरूप से प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान माधव सिंह एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रीमान गजानन दीघ्रस्कर जी उपस्थित रहे
*हमारी 11 प्रमुख मांगें:*
*1.* भारतीय किसान संघ द्वारा पारित गौवंदन योजना को प्रदेश में तत्काल लागू किया जाए एवं जी राम जी योजना को गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन से जोड़ा जाए।
*2.* धान खरीदी वर्ष 2022-23 की रुकी हुई 1700 करोड़ की राशि किसानों को तत्काल प्रदान की जाए।
*3.* धान के समर्थन मूल्य में प्रतिवर्ष कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 800 रुपये की राशि जोड़कर दी जाए। *सब्जी एवं फल की खेती करने वाले किसानों को भी कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए।*
*4.* धान खरीदी 15 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए। धान खरीदी में प्रति तौल 40 किलो 700 ग्राम ही लेने का आदेश जारी किया जाए, अधिक लेना बंद हो।
*5.* एग्रीस्टेक में सम्मिलित खातेदारों को पंजीयन में आ रही समस्याओं को देखते हुए इसे शिथिल किया जाए।
*6.* धान खरीदी में टोकन व्यवस्था में सुधार - बड़े किसानों को पांच टोकन एवं लघु व सीमांत किसानों को तीन व एक टोकन दिया जाए। धान खरीदी के समय *अनावश्यक दबाव डालकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया बंद की जाए।*
*7.* गन्ना फसल के मूल्य में 150 रु प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जाए एवं इसे कृषक उन्नति योजना में जोड़ा जाए।
*8.* अधूरी सिंचाई परियोजनाओं में गति लाई जाए एवं नई परियोजनाएं जिनमें सिंचाई की अधिक संभावना है जैसे पैरी हाईडैम योजना को तत्काल स्वीकृत किया जाए।
*9.* विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
*10.* बाजार में अधिक मूल्य पर खाद विक्रय पर रोक लगाई जाए एवं ऐसे विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
*11.* भूमि अधिग्रहण में उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार कार्य किया जाए।
जिलाध्यक्ष ने समस्त तहसील एवं ग्राम समिति के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि 16 सितंबर को अपने-अपने तहसील मुख्यालय में हजारों की संख्या में पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाएं।
✒️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
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